Nitish Kumar: बिहार के सीएम नीतीश कुमार राज्यसभा जाएंगे कई दिनों से चल रहे अटकलों पर उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए विराम लगा दिया है।सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने का सस्पेंस आखिरकार समाप्त हो गया।नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए लिखा-कि वो राज्यसभा सदस्य बनना चाहते हैं।
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नीतीश कुमार का राजनीतिक संन्यास!

नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि,पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है। संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूं।
राज्यसभा जाने की खबर पर की पुष्टि
नीतीश कुमार ने तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा,इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का मैं सदस्य बनना चाह रहा हूँ।मैं आपको पूरी ईमानदारी से विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि आपके साथ मेरा यह संबंध भविष्य में भी बना रहेगा और आपके साथ मिलकर एक विकसित बिहार बनाने का संकल्प पूर्ववत कायम रहेगा। जो नई सरकार बनेगी उसको मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा।
नीतीश कुमार बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे
आपको बता दें कि,नीतीश कुमार का राजनीतिक जीवन उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उन्होंने जनता दल के सदस्य के रूप में राजनीति में प्रवेश किया और 1985 में विधायक बने।नीतीश कुमार और पूर्व विदेश मंत्री रहे जॉर्ज फर्नांडीस ने 1994 में समता पार्टी का गठन किया। 1996 में वे लोकसभा के लिए चुने गए और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य किया। 2005 में, एनडीए ने बिहार विधानसभा में बहुमत हासिल किया और नीतीश कुमार भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन सरकार का नेतृत्व करते हुए मुख्यमंत्री बने।
उतार-चढ़ाव वाला रहा नीतीश कुमार का राजनीतिक जीवन
2010 के राज्य चुनावों में, सत्तारूढ़ गठबंधन ने भारी बहुमत से सत्ता संभाली। जून 2013 में,उन्होंने भाजपा से अलग होकर राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के साथ गठबंधन सरकार बनाई। 2014 में उनकी जगह जीतन राम मांझी ने ली लेकिन 2015 में वे फिर से मुख्यमंत्री बने और उसी वर्ष महागठबंधन को जीत दिलाई। 2017 में नीतीश कुमार ने आरजेडी से अलग होकर एनडीए में वापसी की और 2020 के राज्य चुनावों में भाजपा के साथ एक और गठबंधन सरकार का नेतृत्व किया। अगस्त 2022 में फिर नीतीश कुमार ने एनडीए छोड़ दिया और महागठबंधन में शामिल हो गए।जनवरी 2024 में एक बार फिर महागठबंधन छोड़ दिया और एनडीए में फिर से शामिल हो गए। 2025 में, उन्होंने भारी बहुमत से पांचवीं बार चुनाव जीता और दसवीं बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।










