Nitish Kumar: पद छोड़ने के बाद भी अभेद्य रहेगा नीतीश कुमार का सुरक्षा चक्र, कमांडो रहेंगे तैनात

बिहार के निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा सांसद के रूप में निर्वाचित होने और भविष्य में सीएम पद छोड़ने के बाद भी 'Z+' श्रेणी की सर्वोच्च सुरक्षा मिलती रहेगी। राज्य के गृह विभाग ने बिहार विशेष सुरक्षा कानून 2000 के तहत पुलिस महानिदेशक को इस बाबत कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 2, 2026

Nitish Kumar: बिहार के सियासी गलियारों में मची भारी हलचल और बदलते समीकरणों के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण सुरक्षा निर्णय लिया गया है। राज्य के निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर सरकार ने साफ कर दिया है कि भविष्य में भी उनके सुरक्षा घेरे में कोई कटौती नहीं की जाएगी।

पूर्व मुख्यमंत्री को मिला ‘Z+’ सुरक्षा कवच

बताते चले कि, गृह विभाग की विशेष शाखा ने पुलिस महानिदेशक (DGP) और डीजी (स्पेशल ब्रांच) को इस संबंध में कड़े और आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, यह बड़ा फैसला बिहार विशेष सुरक्षा कानून 2000 (Bihar Special Security Act 2000) के प्रावधानों के तहत लिया गया है। विभाग का स्पष्ट मानना है कि नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री के रूप में एक लंबा और ऐतिहासिक कार्यकाल रहा है। वर्तमान की बेहद संवेदनशील राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें शीर्ष स्तर की सुरक्षा प्रदान करना बेहद जरूरी है। यह विशेष कानून राज्य के अति-संवेदनशील और महत्वपूर्ण व्यक्तियों को उनकी वर्तमान स्थिति और खतरे के आकलन के आधार पर विशेष सुरक्षा कवर देने का अधिकार देता है।

राज्यसभा चुनाव के बाद अब दिल्ली में नई भूमिका निभाएंगे नीतीश

विदित हो कि नीतीश कुमार हाल ही में निर्विरोध राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। इसके बाद 30 मार्च 2026 को उन्होंने बिहार विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से अपना इस्तीफा सौंप दिया था। सियासी गलियारों में यह लगभग तय माना जा रहा है कि वे बहुत जल्द मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़कर देश की राजधानी दिल्ली में अपनी नई और बड़ी राजनीतिक भूमिका संभाल सकते हैं। इसी भविष्य की संभावना और पद छोड़ने के बाद पैदा होने वाली परिस्थितियों को ध्यान में रखकर सरकार ने पहले ही कदम उठा लिए हैं। गृह विभाग ने सुनिश्चित किया है कि मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भी उनके सुरक्षा प्रोटोकॉल में रत्ती भर भी कमी न आए।

10 अप्रैल को शपथ ग्रहण समारोह की सुगबुगाहट

राजनीतिक हलकों और मीडिया सूत्रों में इस बात की पुरजोर चर्चा है कि नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ले सकते हैं। इस संभावित तिथि को देखते हुए बिहार और दिल्ली की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क मोड पर आ गई हैं। शपथ ग्रहण से पहले ही सभी संबंधित सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि प्रोटोकॉल के ट्रांसफर और वीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की छोटी सी भी चूक या लापरवाही की गुंजाइश न बचे।

क्या होती है ‘Z Plus’ Security

आपको बता दें कि ‘Z+’ (Z प्लस) श्रेणी भारत देश में उपलब्ध सबसे सुरक्षित और उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है।

इस विशेष सुरक्षा घेरे के तहत वीआईपी की सुरक्षा में चौबीसों घंटे लगभग 55 ट्रेंड सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं।

इस बेड़े में 10 से अधिक नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) के ब्लैक कैट कमांडो शामिल होते हैं, जो अत्याधुनिक हथियारों से लैस रहते हैं।

इसके अतिरिक्त, स्थानीय पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम और अर्धसैनिक बलों के चुनिंदा जवान भी इस अभेद्य सुरक्षा चक्र को पूरा करते हैं।

इस सुरक्षा काफिले में बुलेटप्रूफ गाड़ियां, जैमर और एस्कॉर्ट वाहन भी हमेशा साथ चलते हैं।