Nitish Kumar Resign: नीतीश कुमार ने MLC पद से दिया इस्तीफा, छोड़ सकते हैं CM की कुर्सी

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद (MLC) पद से इस्तीफा दे दिया है। साल 2006 से लगातार परिषद के सदस्य रहे नीतीश अब 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं। वहीं, भाजपा नेता नितिन नबीन ने भी बांकीपुर विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है। राज्य में जल्द ही नई सरकार का गठन किया जा सकता है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 30, 2026

Nitish Kumar Resign: बिहार की सियासत में एक बहुत बड़ा भूचाल आ गया है। सूबे के कद्दावर नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से अपना त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास से ही सीधे विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह को अपना इस्तीफा पत्र भेजा। साल 2006 से लगातार परिषद के सदस्य रहे नीतीश कुमार के इस कदम के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा दे सकते हैं, जिसके बाद बिहार में एक बार फिर नई सरकार के गठन की कवायद शुरू होगी। इस बड़े उलटफेर के बीच जेडीयू के तमाम दिग्गज नेताओं का सीएम हाउस पहुंचना जारी है।

मुख्यमंत्री पद से भी जल्द दे सकते हैं इस्तीफा

बताते चले कि, बिहार की सत्ता संरचना में आने वाले दिनों में भारी उलटफेर देखने को मिल सकता है। कयासों का बाजार गर्म है कि एमएलसी पद छोड़ने के बाद नीतीश कुमार बहुत जल्द बिहार के मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा दे सकते हैं। इस संभावित इस्तीफे के बाद राज्य में एक नए सियासी गठबंधन या नई कैबिनेट की नींव रखी जाएगी। रविवार शाम से ही जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं की मुख्यमंत्री आवास पर आपात बैठकें चल रही हैं और सभी की नजरें नीतीश के अगले कदम पर टिकी हैं।

नितिन नबीन का सोशल मीडिया पर ऐलान

बिहार में सिर्फ जेडीयू ही नहीं, बल्कि उनकी सहयोगी भाजपा में भी हलचल तेज है। भाजपा के कद्दावर नेता और बांकीपुर से विधायक नितिन नबीन ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफे का ऐलान कर दिया है। दरअसल, नीतीश कुमार के साथ ही नितिन नबीन को भी राज्यसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल हुई है, जिसके चलते उन्हें विधानसभा की चौखट छोड़नी पड़ रही है।

बिहार भाजपा अध्यक्ष का बयान

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि नितिन नबीन वर्तमान में असम के दौरे पर हैं, इसलिए प्रक्रियाओं में कोई विलंब न हो, इसके लिए उन्होंने अपना इस्तीफा पहले ही सौंप दिया था। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण औपचारिकताएं पूरी नहीं हो सकी थीं, जिन्हें आज विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत कर पूरा कर लिया जाएगा।

10 अप्रैल को ले सकते हैं शपथ

आपको बता दे कि, नीतीश कुमार का विधान परिषद में लंबा और अटूट नाता रहा है। वह 2006 से लगातार उच्च सदन के सदस्य रहे और चौथी बार 7 मई 2024 को निर्वाचित हुए थे। उनका यह मौजूदा कार्यकाल 2030 तक का था। लेकिन 16 मार्च 2026 को देश के उच्च सदन यानी राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद नियमतः उन्हें बिहार विधान परिषद की सदस्यता से हटना पड़ा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नीतीश कुमार आगामी 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में अपनी नई शपथ ले सकते हैं।

नीतीश कुमार का राजनैतिक सफरनामा

बिहार की गद्दी पर रिकॉर्ड 10 बार मुख्यमंत्री के रूप में बैठने वाले नीतीश कुमार का राजनीतिक ग्राफ बेहद प्रभावशाली और व्यापक रहा है। उन्होंने अपने करियर में दो बार (1985 और 1995) बिहार विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की। इसके बाद उन्होंने केंद्र की ओर रुख किया और 6 बार (1989, 1991, 1996, 1999 और 2004) लोकसभा सांसद के रूप में देश की जनता का प्रतिनिधित्व किया। साल 2006 से वे लगातार एमएलसी रहे और अब 2026 में वह एक बार फिर देश की संसद (राज्यसभा) में अपनी धाक जमाने को तैयार हैं।