Bihar Politics: बिहार की राजनीति में एक बड़े युग का अंत और नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की सक्रिय राजनीति से हटकर केंद्र का रुख करने का निर्णय लिया है। उन्होंने राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है, जिसके बाद अब उनके उत्तराधिकारी के रूप में उनके पुत्र निशांत कुमार के नाम पर आधिकारिक मुहर लग गई है।
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निशांत कुमार की युवा विधायकों के साथ सीक्रेट मीटिंग
बताते चले कि, निशांत कुमार के राजनीति में आने की चर्चाएं लंबे समय से थी, लेकिन शुक्रवार (6 मार्च) की देर रात हुई एक बैठक ने इन अटकलों को हकीकत में बदल दिया। पटना में जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर निशांत कुमार ने पार्टी के लगभग 20 युवा विधायकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में न केवल भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा हुई, बल्कि निशांत ने विधायकों के साथ लंबी बातचीत कर उनका फीडबैक भी लिया। इस दौरान मंत्री श्रवण कुमार भी उपस्थित थे, जो पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन को बनाए रखने का संकेत है।
रविवार को जदयू की सदस्यता लेंगे निशांत
निशांत कुमार के राजनीतिक भविष्य को लेकर अब तस्वीर पूरी तरह साफ हो चुकी है। मिली जानकारी के अनुसार, रविवार (8 मार्च) को निशांत कुमार औपचारिक रूप से जनता दल यूनाइटेड की सदस्यता ग्रहण करेंगे। पार्टी में शामिल होने से ठीक पहले युवा चेहरों के साथ उनकी बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसे पार्टी के भीतर एक ‘जेनरेशन शिफ्ट’ (पीढ़ीगत बदलाव) के तौर पर देखा जा रहा है।
विधानमंडल की बैठक में ‘एक्टिव पॉलिटिक्स’ पर मुहर
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले से जदयू कार्यकर्ताओं और समर्थकों में काफी निराशा देखी जा रही थी। इस स्थिति को संभालने के लिए शुक्रवार को विधानमंडल की एक आपात बैठक बुलाई गई। इसी बैठक में सर्वसम्मति से निशांत कुमार को सक्रिय राजनीति (Active Politics) में लाने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। नीतीश कुमार ने भावुक विधायकों और मंत्रियों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वे भले ही दिल्ली में रहें, लेकिन बिहार के विकास और पार्टी की मजबूती के लिए उनका मार्गदर्शन और दौरा हमेशा जारी रहेगा।
पिता की राह पर ‘बिहार भ्रमण’ करेंगे निशांत
पार्टी ज्वाइन करने के तुरंत बाद निशांत कुमार ने अपने अभियान की रूपरेखा तैयार कर ली है। अपने पिता नीतीश कुमार की तर्ज पर निशांत भी जल्द ही ‘बिहार भ्रमण’ पर निकलेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की जनता से सीधा संवाद करना और कैडर में नया जोश भरना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार का दिल्ली जाना और निशांत का मैदान में उतरना जदयू की एक सोची-समझी दूरगामी रणनीति का हिस्सा है।










