Bihar News: बिहार की राजनीति में उस वक्त एक बड़ा मोड़ आ गया जब जेडीयू की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजने की चर्चाएं तेज हुईं। इस खबर ने न केवल सत्ता पक्ष बल्कि विपक्ष के गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है। जहां एक ओर बीजेपी के भीतर से अपने मुख्यमंत्री की मांग उठने लगी है, वहीं विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी ने इसे नीतीश कुमार को राजनीतिक रूप से ‘साइडलाइन’ करने की साजिश बताया है।
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बीजेपी की सत्ता नीति और नीतीश कुमार का भविष्य
बताते चले कि, मुकेश सहनी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने बिहार की सत्ता में आने के लिए नीतीश कुमार के चेहरे और नाम का भरपूर इस्तेमाल किया, लेकिन अब उन्हें दिल्ली भेजकर राज्य की राजनीति से दूर करने की बिसात बिछाई जा रही है। सहनी के अनुसार, जेडीयू के भीतर भी इस फैसले को लेकर पूरी तरह सहमति नहीं दिख रही है, जो गठबंधन में पड़ रही दरार को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिहार की जनता इस ‘इस्तेमाल करो और छोड़ दो’ वाली नीति को गौर से देख रही है और वक्त आने पर इसका करारा जवाब देगी।
पप्पू सहनी मुठभेड़
मुजफ्फरपुर में हुए पप्पू सहनी एनकाउंटर को लेकर मुकेश सहनी ने प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने इसे एक ‘फेक एनकाउंटर’ करार देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। सहनी ने पूछा कि यदि पुलिस की थ्योरी में झोल है, तो इसे हत्या का मामला मानकर दोषियों पर मुकदमा क्यों नहीं चलाया गया? उन्होंने मृतक के परिवार के लिए मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग करते हुए प्रशासन से पूछा कि अब तक इस मामले में ठोस गिरफ्तारियां क्यों नहीं की गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर गोली पैर में लगी थी, तो उचित इलाज के अभाव में मौत कैसे हुई?
10 मार्च को मुजफ्फरपुर में वीआईपी का महा-प्रदर्शन
इंसाफ की इस लड़ाई को सड़क पर ले जाने का ऐलान करते हुए मुकेश सहनी ने 10 मार्च की तारीख तय की है। उन्होंने घोषणा की है कि वीआईपी के हजारों कार्यकर्ता दोपहर 12 बजे मुजफ्फरपुर पहुंचेंगे और पुलिस प्रशासन का घेराव करेंगे। सहनी खुद एसपी से मुलाकात कर एनकाउंटर मामले पर स्पष्टीकरण मांगेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि निषाद समाज को दबाने की किसी भी कोशिश को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकार को हर हाल में जवाबदेह बनना होगा।
निषाद समाज का संघर्ष और आगामी राजनीतिक संकल्प
अपने संबोधन में मुकेश सहनी ने भविष्य की राजनीति के लिए भी हुंकार भरी। उन्होंने कहा, “अभी मेरी उम्र मात्र 45 वर्ष है और मैं अगले 30 सालों तक बिहार के पिछड़ों और निषादों के हक के लिए संघर्ष जारी रखूंगा।” उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि पिछड़ा समाज अब जागरूक हो चुका है। साथ ही, उन्होंने जानकारी दी कि 11 मार्च को अमर शहीद जुब्बा सहनी का शहादत दिवस मुजफ्फरपुर में बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा, जो समाज की एकजुटता का प्रतीक बनेगा।










