Nitish Kumar Rajya Sabha: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। अपने संदेश में उन्होंने जनता के विश्वास और समर्थन के लिए आभार जताते हुए कहा कि वे इस बार राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार बनना चाहते हैं। नीतीश कुमार ने लिखा कि पिछले दो दशक से अधिक समय से बिहार की जनता ने उन पर भरोसा जताया है और इसी विश्वास के बल पर उन्होंने पूरी निष्ठा से राज्य और जनता की सेवा की है।
Bihar Politics: नीतीश के लाल का सियासी आगाज, होली पर JDU कार्यकर्ताओं को मिला बड़ा तोहफा!
राजनीतिक सफर और इच्छा
नीतीश कुमार ने अपने संसदीय जीवन की शुरुआत को याद करते हुए कहा कि राजनीति में आने के समय से ही उनकी इच्छा रही है कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों और संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनें। इसी क्रम में अब वे राज्यसभा का सदस्य बनने की इच्छा रखते हैं और इसी उद्देश्य से चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
https://x.com/NitishKumar/status/2029427767293665709?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2029427767293665709%7Ctwgr%5E5c4a5279cca4b3904f684bdb079662f78d68f625%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fhindi.news18.com%2Fnews%2Fbihar%2Fpatna-nitish-kumar-announces-move-to-rajya-sabha-causing-stir-in-bihar-politics-ws-l-10242218.html
जनता से जुड़ाव जारी रहेगा
अपने पोस्ट में उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्यसभा जाने के बाद भी जनता के साथ उनका संबंध पहले की तरह बना रहेगा। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास और प्रगति के लिए उनका संकल्प जारी रहेगा और नई सरकार को उनका पूरा सहयोग मिलेगा। इस घोषणा के बाद बिहार की राजनीति में नए समीकरणों पर चर्चा तेज हो गई है।
सरकार के फॉर्मूले में बदलाव
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से बिहार में एनडीए सरकार का मौजूदा फॉर्मूला बदल सकता है। अभी जेडीयू का मुख्यमंत्री और भाजपा के दो डिप्टी सीएम हैं। लेकिन नए फॉर्मूले में भाजपा का मुख्यमंत्री और जेडीयू के दो डिप्टी सीएम बनने की संभावना जताई जा रही है। अगर ऐसा होता है तो यह बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव होगा।
मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदार
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए कई नाम सामने आ रहे हैं। सबसे प्रमुख नाम मौजूदा डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का है। भाजपा के पास विधानसभा में सबसे ज्यादा विधायक हैं, जिससे उनका दावा मजबूत माना जा रहा है। सम्राट चौधरी के पास वित्त, स्वास्थ्य, शहरी विकास और गृह जैसे अहम विभाग हैं और उन्हें संगठन व सरकार दोनों में मजबूत नेता माना जाता है।
सम्राट चौधरी की राजनीतिक पृष्ठभूमि
सम्राट चौधरी के पिता सकुनी चौधरी बिहार के दिग्गज नेता रहे हैं। सम्राट ने 1999 में आरजेडी से राजनीति शुरू की थी और राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री भी रहे। बाद में वे जेडीयू और फिर भाजपा में शामिल हुए। 2023 में उन्हें भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया और बाद में वे डिप्टी सीएम बने।
अगर भाजपा सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री नहीं बनाती है तो किसी अन्य पिछड़े वर्ग के नेता या महिला चेहरे को भी सीएम बनाया जा सकता है। भाजपा अक्सर चौंकाने वाले फैसले लेती रही है। गृह मंत्री अमित शाह पटना में मौजूद हैं और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर बड़ा निर्णय ले सकते हैं।
निशांत कुमार और विजय चौधरी के नाम
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम भी चर्चा में है। हालांकि उन्हें मुख्यमंत्री पद का दावेदार नहीं माना जा रहा, लेकिन डिप्टी सीएम के तौर पर देखा जा रहा है। वे अब तक सक्रिय राजनीति से दूर रहे हैं, लेकिन हाल के दिनों में पार्टी कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी ने अटकलें तेज कर दी हैं। जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी भी संभावित डिप्टी सीएम के तौर पर देखे जा रहे हैं। वे लंबे समय से पार्टी में सक्रिय हैं और कई अहम विभाग संभाल चुके हैं।










