Nitish Kumar: बिहार की राजनीति में आज, 10 अप्रैल 2026, का दिन एक बड़े युग के अंत और एक नई शुरुआत का गवाह बनने जा रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। इस कदम के साथ ही बिहार में उनके पिछले दो दशकों से चले आ रहे मुख्यमंत्री काल का समापन होने जा रहा है और राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है।
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दिल्ली में शपथ ग्रहण और भव्य स्वागत
नीतीश कुमार गुरुवार शाम ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुँच चुके हैं। दिल्ली हवाई अड्डे पर जदयू (JDU) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान नीतीश कुमार ने मीडिया से मुखातिब होते हुए संक्षेप में कहा, “मैं यहाँ शपथ लेने आया हूँ।”
आज उन्हें राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन के कक्ष में सदन की सदस्यता की शपथ दिलाई जाएगी। नीतीश कुमार 16 मार्च को ही संसद के ऊपरी सदन (राज्यसभा) के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए थे।
बिहार में ‘नीतीश मॉडल’ का क्या होगा?
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिहार के विकास का क्या होगा? इस पर बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री विजय कुमार चौधरी ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि भले ही नीतीश कुमार मुख्यमंत्री का पद छोड़ रहे हैं, लेकिन राज्य में बनने वाली अगली राजग (NDA) सरकार ‘नीतीश मॉडल’ के विजन पर ही काम करेगी। पिछले 20 वर्षों में नीतीश कुमार ने न्याय के साथ विकास और सुशासन की जो रूपरेखा तैयार की है, आने वाली सरकार उसी आधार पर बिहार को आगे ले जाएगी।
विधान परिषद से इस्तीफा और नए सीएम की तलाश
नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करते हुए 30 मार्च को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल अब समाप्त होने की ओर है।
सूत्रों के मुताबिक, 14 अप्रैल को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के विधायक दल की बैठक हो सकती है, जिसमें बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगेगी। तब तक नीतीश कुमार कार्यवाहक मुख्यमंत्री की भूमिका में रह सकते हैं या नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
एक लंबी पारी का समापन
नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना राष्ट्रीय राजनीति में उनके बढ़ते कद और बिहार में नेतृत्व परिवर्तन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। 2005 से शुरू हुआ उनका मुख्यमंत्री का सफर (बीच के कुछ समय को छोड़कर) बिहार के इतिहास में सड़क, बिजली, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे बड़े बदलावों के लिए याद किया जाएगा।










