Nitish Kumar News: बिहार की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और दिलचस्प खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने के बाद भी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के सर्वोच्च नेता नीतीश कुमार का जलवा और रुतबा पूरी तरह कायम है। सरकार से दूर रहने के बावजूद बिहार की सत्ता का रिमोट कंट्रोल आज भी उन्हीं के हाथों में दिखाई दे रहा है।
गुरुवार (28 मई, 2026) को राजधानी पटना में एक ऐसा सियासी वाकया देखने को मिला, जिसने यह साफ कर दिया कि सूबे में मुख्यमंत्री भले ही बदल गया हो, लेकिन सरकार आज भी नीतीश कुमार के इशारों और ‘मार्गदर्शन’ पर ही चल रही है।
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डिप्टी सीएम के आवास पहुंचे नीतीश
गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अचानक बिहार के उपमुख्यमंत्री और जेडीयू के सबसे भरोसेमंद व वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी के सरकारी आवास पर पहुंचे। इस औचक मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में काफी देर तक मंत्रणा हुई। अंदर क्या खिचड़ी पकी, इसका आधिकारिक ब्यौरा तो सामने नहीं आया, लेकिन जब नीतीश कुमार मुलाकात खत्म करके बाहर निकले, तो मीडिया के कैमरों और माइक में दोनों नेताओं के बीच हुई एक बेहद महत्वपूर्ण बातचीत रिकॉर्ड हो गई। इस बातचीत ने बिहार के सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
‘करिए… शाम में आकर एक-एक चीज बताइएगा’
वीडियो फुटेज में साफ तौर पर सुना जा सकता है कि डिप्टी सीएम विजय चौधरी बहुत ही आदर भाव से नीतीश कुमार को कैबिनेट में लिए गए हालिया फैसलों और सरकार की कार्यप्रणाली का पूरा ब्यौरा दे रहे हैं। विजय चौधरी उन्हें बता रहे हैं कि सरकार में इस वक्त क्या-क्या चल रहा है। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेहद कड़क और कप्तानी वाले अंदाज में कहा,”करिए… शाम में आकर एक-एक चीज बताइएगा…”
नीतीश कुमार के इस आदेश पर उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने तुरंत हाथ जोड़कर और सिर झुकाकर ‘जी’ कहा और उन्हें ससम्मान विदा किया। इस बेहद खास मौके पर जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा भी नीतीश कुमार के साथ साए की तरह मौजूद रहे और बाद में उन्हीं की गाड़ी में बैठकर रवाना हुए।
सम्राट चौधरी सीएम
गौरतलब है कि नीतीश कुमार के पद छोड़ने के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री बने हैं। नई सरकार के गठन के बाद से कैबिनेट की कई बैठकें हो चुकी हैं। अभी बुधवार (27 मई, 2026) को ही सम्राट कैबिनेट की एक अहम बैठक हुई थी, जिसमें रिकॉर्ड 27 एजेंडों पर मुहर लगाई गई थी। कैबिनेट के इन फैसलों की समीक्षा मुख्यमंत्री को करनी चाहिए, लेकिन नीतीश कुमार द्वारा डिप्टी सीएम को “शाम में आकर एक-एक रिपोर्ट देने” का जो आदेश दिया गया है, उसने यह साबित कर दिया है कि सम्राट चौधरी के फैसलों पर अंतिम फीडबैक और नजर नीतीश कुमार की ही है।
सियासी गलियारों में नई चर्चा
जब नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से हटने का फैसला लिया था, तब जेडीयू के तमाम बड़े नेताओं ने ऑन-कैमरा कहा था कि नई सरकार नीतीश कुमार के मार्गदर्शन और छत्रछाया में ही आगे बढ़ेगी। अब यह जमीनी हकीकत बनता हुआ दिख रहा है।
इस मुलाकात और वीडियो के वायरल होने के बाद विपक्षी खेमे में भी चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार भले ही फ्रंट फुट पर बैटिंग नहीं कर रहे हों, लेकिन सरकार के भीतर जेडीयू कोटे के मंत्रियों और फैसलों पर उनका नियंत्रण 100 फीसदी बरकरार है, जो यह दर्शाता है कि बिहार में सत्ता का असली केंद्र आज भी ‘अणे मार्ग’ और नीतीश कुमार ही हैं।
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