JDU New Team 2026 : नीतीश कुमार की नई टीम का ऐलान, संजय झा बने कार्यकारी अध्यक्ष, निशांत कुमार को नहीं मिली जगह

नीतीश कुमार ने अपनी नई टीम की घोषणा कर सबको चौंका दिया है! संजय झा के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के साथ ही यह साफ हो गया है कि पार्टी की कमान किसके हाथ में होगी। लेकिन सबके मन में एक ही सवाल है- राजनीति में एंट्री के बावजूद निशांत को क्यों नहीं मिला कोई पद? जानें इस फैसले के पीछे का मास्टर प्लान!

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 22, 2026

JDU New Team 2026 : जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। इस संगठनात्मक फेरबदल में नीतीश कुमार ने स्वयं को राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर बनाए रखा है, जबकि उनके सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में शुमार और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा को एक बार फिर पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पार्टी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, संजय झा पर संगठन को विस्तार देने और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। इस नई सूची के जरिए नीतीश कुमार ने आगामी चुनावों से पहले संगठन को नई ऊर्जा देने का प्रयास किया है।

12 राष्ट्रीय महासचिवों की नियुक्ति: जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का रखा गया ध्यान

संगठन को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से जदयू ने 12 कद्दावर नेताओं को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी है। इन नामों में पूर्व नौकरशाह मनीष कुमार वर्मा, आफाक अहमद खान, श्याम रजक, और अशोक चौधरी जैसे प्रमुख चेहरे शामिल हैं। इनके अलावा रमेश सिंह कुशवाहा, रामसेवक सिंह, कहकशां प्रवीण, कपिल हरिशचंद्र पाटील, राज सिंह मान, सुनील कुमार (इंजीनियर सुनील), हर्षवर्धन सिंह और मौलाना गुलाम रसूल बलियावी को भी महासचिव बनाया गया है। इस सूची में सामाजिक न्याय और अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि पार्टी का आधार हर वर्ग में मजबूत हो सके।

सचिवों और प्रवक्ताओं की नई टीम: संचार और समन्वय पर विशेष जोर

पार्टी के भीतर संवाद और समन्वय को बेहतर बनाने के लिए राजीव रंजन प्रसाद को राष्ट्रीय सचिव के साथ-साथ प्रवक्ता की महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। इसके अतिरिक्त, सात अन्य नेताओं को सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है, जिनमें रविंद्र प्रसाद सिंह, विद्यासागर निषाद, दयाशंकर राय, संजय कुमार, मोहम्मद निसार, रूबी लागून और निवेदिता कुमारी के नाम शामिल हैं। वहीं, पार्टी के वित्तीय प्रबंधन को संभालने के लिए गोपालगंज से जदयू सांसद डॉक्टर आलोक कुमार सुमन को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह टीम राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की आवाज को बुलंद करने और संगठनात्मक ढांचे को सक्रिय रखने का कार्य करेगी।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पदों में कटौती: तीन से घटाकर किया गया केवल एक

इस नई कार्यकारिणी में सबसे बड़ा संरचनात्मक बदलाव राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पदों में देखने को मिला है। पहले जहां पार्टी में तीन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हुआ करते थे, वहीं अब केवल एक उपाध्यक्ष की नियुक्ति की गई है। जहानाबाद के पूर्व सांसद चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी को पार्टी का एकमात्र राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। गौर करने वाली बात यह भी है कि पूर्व उपाध्यक्ष भगवान सिंह कुशवाहा को इस सूची में जगह नहीं मिली है, जबकि रमेश सिंह कुशवाहा को उपाध्यक्ष के बजाय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उपाध्यक्ष पदों में कमी कर नीतीश कुमार ने नेतृत्व के ढांचे को अधिक केंद्रित और उत्तरदायी बनाने की कोशिश की है।

निशांत कुमार की अनुपस्थिति: उत्तराधिकार की अटकलों पर लगा विराम

हाल के दिनों में इस बात की काफी चर्चा थी कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में कदम रख सकते हैं और उन्हें संगठन में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि, इस आधिकारिक सूची ने इन सभी अटकलों पर फिलहाल विराम लगा दिया है। निशांत कुमार का नाम इस पूरी सूची में कहीं भी शामिल नहीं है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नीतीश कुमार अभी उन्हें संगठनात्मक राजनीति से दूर रखना चाहते हैं। दूसरी ओर, संगठन से बाहर रखे गए भगवान सिंह कुशवाहा को लेकर चर्चा है कि उन्हें आगामी कैबिनेट विस्तार में मंत्री पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है। यह फेरबदल पूरी तरह से चुनावी मोड में आने की जदयू की तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है।

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