नीतीश सरकार ने 25 लाख महिलाओं के खातों में किए ₹2,500 करोड़ ट्रांसफर

पटना. बिहार में महिला सशक्तिकरण को नई राजनीतिक और आर्थिक धार देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को 25 लाख महिलाओं के खातों में ₹10-10 हजार की राशि ट्रांसफर की। कुल ₹2,500 करोड़ की यह मदद महिला रोजगार योजना के तहत सीधे बैंक खातों में भेजी गई। कार्यक्रम मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित हुआ, जहां कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे। सरकार ने इसे केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता अभियान का हिस्सा बताया। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए राशि सीधे लाभुकों तक पहुंचाई गई। इस कदम को आगामी चरणों की बड़ी तैयारी से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

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Published On :

फ़रवरी 16, 2026

पटना.

बिहार में महिला सशक्तिकरण को नई राजनीतिक और आर्थिक धार देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को 25 लाख महिलाओं के खातों में ₹10-10 हजार की राशि ट्रांसफर की। कुल ₹2,500 करोड़ की यह मदद महिला रोजगार योजना के तहत सीधे बैंक खातों में भेजी गई। कार्यक्रम मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित हुआ, जहां कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे। सरकार ने इसे केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता अभियान का हिस्सा बताया।

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए राशि सीधे लाभुकों तक पहुंचाई गई। इस कदम को आगामी चरणों की बड़ी तैयारी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार के अनुसार योजना का उद्देश्य महिलाओं को छोटे व्यवसाय से जोड़ना है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उन्हें पूंजी उपलब्ध कराई जा रही है। योजना का संचालन मुख्य रूप से जीविका नेटवर्क के जरिए हो रहा है। ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर आय के स्थायी स्रोत तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। अब तक राज्य में 1.5 करोड़ से अधिक महिलाओं को ₹10 हजार की सहायता मिल चुकी है।

अब अगला लक्ष्य ₹2 लाख तक की सहायता
सरकार अगले चरण में पात्र महिलाओं को ₹2 लाख तक की सहायता देने की तैयारी में है। हालांकि इस बार प्रक्रिया को और सख्त बनाया गया है। राशि वितरण से पहले वार्ड स्तर पर विस्तृत जांच अनिवार्य होगी। राज्य के 3398 वार्डों में विशेष कर्मियों की तैनाती की जाएगी। ये कर्मी आवेदन, दस्तावेज और पात्रता का भौतिक सत्यापन करेंगे। सरकार का कहना है कि पारदर्शिता से ही योजना की विश्वसनीयता बनी रहेगी।

समयबद्ध अभियान, तय डेडलाइन के साथ
पूरी प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सभी वार्डों से सत्यापित आवेदन जीविका को सौंपे जाएंगे। अंतिम तिथि 15 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन प्रक्रिया को कुल नौ चरणों में पूरा किया जाएगा। सरकार इसे रोजगार विस्तार और महिला उद्यमिता से जोड़कर देख रही है। दावा है कि इससे राज्य में स्वरोजगार आधारित आर्थिक मॉडल को मजबूती मिलेगी।

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