Nitesh Rane News: महाराष्ट्र में आगामी निकाय चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा नेता और राज्य सरकार में मंत्री नितेश राणे ने एक बार फिर अपने तीखे और विवादास्पद बयानों से समुदायों के बीच चर्चा छेड़ दी है। वसई में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने ऐसी भाषा का प्रयोग किया है जिस पर विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई है।
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वसई की जनसभा में नितेश राणे की विवादित टिप्पणी
बताते चले कि, मुंबई के पास वसई में एक चुनावी रैली के दौरान नितेश राणे ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि अब हिंदू समाज की ओर कोई भी “गंदी नजर” से नहीं देख पाएगा। उन्होंने अपने संबोधन में “हरे सांप” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए एक विशिष्ट समुदाय को निशाना बनाया। राणे ने दावा किया कि वे हिंदुओं के पीछे इतनी ताकत खड़ी कर देंगे कि कोई भी उनके त्योहारों में खलल डालने की हिम्मत नहीं करेगा। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो कोई भी बदमाशी करेगा, वह अगले शुक्रवार तक ‘सरेंडर’ करने की स्थिति में भी नहीं बचेगा।
महाराष्ट्र सरकार की विचारधारा
राणे ने अपने भाषण में वर्तमान राज्य सरकार की नीतियों और नेतृत्व को पूरी तरह से हिंदुत्व को समर्पित बताया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री और पूरी कैबिनेट हिंदुत्ववादी सोच के साथ काम कर रही है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वसई-विरार का अगला मेयर भी उसी विचारधारा का होना चाहिए जो “आई लव महादेव” के नारे में विश्वास रखता हो। उनके अनुसार, स्थानीय प्रशासन में केवल उन्हीं का वर्चस्व होना चाहिए जो हिंदू अस्मिता की बात करते हैं।
‘जय श्रीराम’ का नारा और ‘सर तन से जुदा’ वाली मानसिकता पर तीखा प्रहार
विवाद को और बढ़ाते हुए भाजपा नेता ने कहा कि शहर में केवल “जय श्रीराम” बोलने वाले लोग ही दिखाई देने चाहिए। उन्होंने “सर तन से जुदा” की नारेबाजी करने वालों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि ऐसे तत्वों को “पाकिस्तान में बैठे उनके अब्बा” के पास भेज देना चाहिए। राणे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह इस क्षेत्र से ऐसी मानसिकता वाले लोगों को पूरी तरह साफ करना चाहते हैं, जिसके लिए उन्होंने पूरे हिंदू समाज से एकजुट होने का आग्रह किया।
ठाकरे बंधुओं पर साधा निशाना
यह पहली बार नहीं है जब नितेश राणे ने इस तरह की बयानबाजी की है। इससे पहले उन्होंने उद्धव और राज ठाकरे को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि उन्हें वोट देना सीधे तौर पर पाकिस्तान समर्थित ताकतों को मजबूत करना है। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि भारत एक “हिंदू राष्ट्र” है और यह किसी के “अब्बा का पाकिस्तान” नहीं है। मुंबई के भविष्य पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वहां का मेयर न केवल मराठी होगा, बल्कि एक हिंदू ही होगा, जो महायुति गठबंधन के आशीर्वाद से चुना जाएगा।










