निखिल गुप्ता का बड़ा दावा: खालिस्तानी निज्जर भी था निशाने पर, अमेरिकी एजेंसी को दी जानकारी

वाशिंगटन अमेरिका में एक सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोपी भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने अमेरिकी अधिकारियों के सामने बड़े दावे किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने यूएस ड्रग एनफोर्समेट ऐडमिनिस्ट्रेशन (DEA) को बताया कि कनाडा में मारा गया खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर भी उनके निशाने पर था। हालांकि योजना को अंजाम देने से पहले ही अज्ञात बंदूकधारियों ने निज्जर की हत्या कर दी। दावा किया या है कि निखिल गुप्ता ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को स्वीकार कर लिया है। बता दें कि भारत से भागकर कनाडा की नागरिकता लेने

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Published On :

फ़रवरी 16, 2026

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वाशिंगटन

अमेरिका में एक सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोपी भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने अमेरिकी अधिकारियों के सामने बड़े दावे किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने यूएस ड्रग एनफोर्समेट ऐडमिनिस्ट्रेशन (DEA) को बताया कि कनाडा में मारा गया खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर भी उनके निशाने पर था। हालांकि योजना को अंजाम देने से पहले ही अज्ञात बंदूकधारियों ने निज्जर की हत्या कर दी। दावा किया या है कि निखिल गुप्ता ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को स्वीकार कर लिया है।

बता दें कि भारत से भागकर कनाडा की नागरिकता लेने वाले निज्जर की ब्रिटिश कोलंबिया में 18 जून 2023 में हत्या कर दी गई थी। भारत सरकार ने उस पहलेसे ही आतंकियों की सूची में शामिल कर रखा था। डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के दस्तावेजों के मुतबिक निखिल गुप्ता ने बताया कि उनके कई टारगेट थे और निज्जर भी उनमें से ही एक था। वहीं पन्नूऔर निज्जर आपस में मिले थे।

बता दें कि गुरपतवंत सिंह पन्नू विदेश में बैठकर भारत के खिलाफ आग उगलता रहता है। इसके अलावा वह पंजाब को तोड़कर खालिस्तान बनाने के अलगाववादी अजेंडा चलाता है। अमेरिकी वकील ने दावा किया कि निखिल गुप्ता से कहा गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वॉशिंगटन दौरे के दौरान पन्नू की हत्या ना करवाई जाए। जून 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वॉशिंगटन की यात्रा पर गए थे। हालांकि प्रधानमंत्री की अमेरिका यात्रा से दो दिन पहले ही हरदीप सिंह निज्जर की हत्या हो गई।

चेक गणराज्य से प्रत्यर्पित हुए थे गुप्ता

गुप्ता को जून 2024 में चेक गणराज्य से अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया था और उनकी पहली पेशी मजिस्ट्रेट न्यायाधीश जेम्स कॉट के समक्ष मैनहट्टन संघीय अदालत में हुई थी। अदालत में पेशी के दौरान, उन्होंने पूर्व में खुद को निर्दोष बताया था।

गुप्ता को चेक गणराज्य में अमेरिका सरकार के अनुरोध पर गिरफ्तार किया गया था। उन पर न्यूयॉर्क में खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने में शामिल होने का आरोप था।पन्नू के पास अमेरिका और कनाडा दोनों देशों की नागरिकता है।
पन्नू की हत्या के बदले मिलने वाली थी बड़ी रकम?

अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस का कहना है कि निखिल गुप्ता भारत या फिर कहीं और और से निर्देश प्राप्त करते ते। इसके अलावा इस साजिश में शामिल विकास यादव को भारत सरकार का कर्मचारी बताया गया है। उन्हें रॉ में शामिल किया गया था। दावा किया गया कि यादव के ही निर्देशों पर निखिल गुप्ता सुपारी लेकर हत्या करने वालों से संपर्क करते थे। अमेरकी प्रशासन का कहना है कि यादव ने निखिल गुप्ता को पन्नू की हत्या के बदले 1 लाख डॉलर देने का वादा किया था। जून 2023 में 15 हजार डॉलर एडवांस में भी दिए गए थे। इसके अलावा निखिल गुप्ता को टारगेट का अड्रेस, फोन नंबर और निजी जानकारियां उपलब्ध कराई जाती तीं। गुप्ता को 30 जून 2023 को चेक गणराज्य से गिरफ्तार किया गया था।

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