LDC-UDC और ऑपरेटरों के लिए नई तबादला नीति लागू, बदले नियम

रांची  झारखंड के सरकारी विभागों में लिपिकों, कंप्यूटर ऑपरेटरों के स्थानांतरण और प्रोन्नति (Promotion) को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. नए प्रावधानों के तहत अब निम्न वर्गीय लिपिक (LDC), उच्च वर्गीय लिपिक (UDC), प्रधान लिपिक (Head Clerk) और कंप्यूटर ऑपरेटरों को एक ही स्थान पर तीन साल से अधिक समय तक तैनात नहीं रखा जाएगा. हर तीन साल में उनका तबादला अनिवार्य कर दिया गया है. गौरतलब है कि इस संवर्ग के कई कर्मचारी पिछले 10-10 वर्षों से भी अधिक समय से एक ही सीट और विभाग में जमे हुए थे, जिस पर अब पूरी तरह से रोक लग

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Published On :

जुलाई 20, 2026

रांची
 झारखंड के सरकारी विभागों में लिपिकों, कंप्यूटर ऑपरेटरों के स्थानांतरण और प्रोन्नति (Promotion) को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. नए प्रावधानों के तहत अब निम्न वर्गीय लिपिक (LDC), उच्च वर्गीय लिपिक (UDC), प्रधान लिपिक (Head Clerk) और कंप्यूटर ऑपरेटरों को एक ही स्थान पर तीन साल से अधिक समय तक तैनात नहीं रखा जाएगा. हर तीन साल में उनका तबादला अनिवार्य कर दिया गया है. गौरतलब है कि इस संवर्ग के कई कर्मचारी पिछले 10-10 वर्षों से भी अधिक समय से एक ही सीट और विभाग में जमे हुए थे, जिस पर अब पूरी तरह से रोक लग जाएगी.

प्रमोशन के लिए बनेगी 5 सदस्यीय समिति
तबादले के नियमों के साथ-साथ कर्मचारियों की प्रोन्नति को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी गई है. कर्मचारियों के प्रमोशन पर विचार करने के लिए नियुक्ति प्राधिकार द्वारा एक पांच सदस्यीय प्रोन्नति समिति का गठन किया जाएगा. यह समिति पूरी तरह से वरीयता (Seniority) के आधार पर प्रमोशन की सिफारिश करेगी. नए नियमों में यह साफ कर दिया गया है कि सीधी भर्ती (Direct Recruitment) के माध्यम से आने वाले कर्मचारी, सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के जरिये नियुक्त होने वाले कर्मियों से सीनियर (वरीय) माने जाएंगे. कर्मचारी चयन आयोग द्वारा मेधा सूची (Merit List) के आधार पर चयनित होकर आने वाले कर्मियों को अनुकंपा (Compassionate Appointment) के आधार पर नियुक्त कर्मियों की तुलना में सिनयोरिटी क्रम में ऊपर रखा जाएगा.

2 साल का प्रोबेशन पीरियड और 3 महीने की ट्रेनिंग अनिवार्य
नवनियुक्त कर्मचारियों के लिए सेवा शर्तें अब और सख्त कर दी गई हैं. सभी नए नियुक्त लिपिकों और ऑपरेटरों को दो वर्षों के प्रोबेशन पीरियड (परिवीक्षा अवधि) से गुजरना होगा. इसके साथ ही, नौकरी की शुरुआत में तीन महीने की अनिवार्य ट्रेनिंग पूरी करनी होगी. इस प्रोबेशन पीरियड और ट्रेनिंग को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद ही संबंधित कर्मचारी की सेवा की पुष्टि होगी और भविष्य में उनकी प्रोन्नति (प्रमोशन) पर विचार किया जाएगा.