गोदाम संचालकों के लिए नई कमाई का रास्ता, वैकल्पिक भंडारण पर मंत्री राजपूत का जोर

भोपाल. वैकल्पिक भंडारण से बढ़ेगी गोदाम संचालकों की आय : खाद्य मंत्री  राजपूत वर्तमान परिस्थितियों में अनेक वेयरहाउस अपनी पूर्ण क्षमता का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, जिससे गोदाम संचालकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अब वेयरहाउस का उपयोग केवल अनाज भंडारण तक सीमित न रहकर, उन्हें बहुआयामी व्यावसायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। वैकल्पिक भंडारण से गोदाम संचालकों की आय बढ़ेगी। कार्यशाला औपचारिक नहीं, परिणाममूलक होना चाहिए। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री   गोविंद सिंह राजपूत ने प्रदेश में वेयरहाउस की उपलब्ध क्षमता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने

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Published On :

जनवरी 28, 2026

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भोपाल.

वैकल्पिक भंडारण से बढ़ेगी गोदाम संचालकों की आय : खाद्य मंत्री  राजपूत

वर्तमान परिस्थितियों में अनेक वेयरहाउस अपनी पूर्ण क्षमता का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, जिससे गोदाम संचालकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अब वेयरहाउस का उपयोग केवल अनाज भंडारण तक सीमित न रहकर, उन्हें बहुआयामी व्यावसायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। वैकल्पिक भंडारण से गोदाम संचालकों की आय बढ़ेगी। कार्यशाला औपचारिक नहीं, परिणाममूलक होना चाहिए। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री   गोविंद सिंह राजपूत ने प्रदेश में वेयरहाउस की उपलब्ध क्षमता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने एवं गोदाम संचालकों को आय के वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “वेयर हाउस की आय वृद्धि के अन्य व्यावसायिक उपयोग” विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में कही।

मंत्री  राजपूत ने बताया कि आज के प्रतिस्पर्धी व्यावसायिक वातावरण में सप्लाई-चेन मैनेजमेंट और ऑपरेशन मैनेजमेंट की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। इस बात को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा यह कार्यशाला आयोजित की गई है, जिससे निजी निवेश से बने गोदामों में सरकारी अनाज भंडारण के साथ-साथ अन्य वैकल्पिक माध्यमों से भी आय अर्जन के अवसर विकसित किए जा सकें।

मंत्री   राजपूत ने कहा कि शासन की नीतियों, नियमों एवं उपलब्ध योजनाओं की स्पष्ट जानकारी देकर गोदाम संचालकों को नीतिगत समर्थन प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ निवेश एवं व्यावसायिक निर्णय ले सकें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की भंडारण एवं लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में निजी गोदाम संचालकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्यशाला से प्राप्त सुझाव और नवाचार प्रदेश के वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को नई दिशा देंगे और प्रदेश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशाला अन्य स्थानों पर भी आयोजित की जायेंगी।

अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण  मती रश्मि अरूण शमी ने कार्यशाला के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश में मध्यप्रदेश एक ऐसा राज्य है, जहाँ पर खुले में अनाज नहीं रखा जाता। प्रदेश में भण्डारण की क्षमता अधिक होने से वेयर हाउस संचालकों को कई बार आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कार्यशाला में विशेषज्ञ इसी विषय पर जरूरी मार्गदर्शन देंगे।

कार्यशाला में आईआईएम मुम्बई के प्रो. वीपन कुमार और सु  सुमिता नारायण ने "ट्रांसफार्मिंग पब्लिक गोडाउन्स टू प्रायवेट वेयर हाउसेस – केस ऑफ अदर स्टेटस्" पर विचार व्यक्त किये। स्केलर स्पेस ऑफ मुसद्दीलाल ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. गोपाल मोर ने "ओवरव्यू ऑफ प्रायवेट वेयरहाउसिंग मार्केट एण्ड अप्रोच टू सेटिंग अप प्रायवेट कामर्शियल वेयरहाउसेस इन द कंट्री" पर चर्चा की। सीबीआरसी दिल्ली के सीनियर डायरेक्टर   नितिन चंद्रा ने "प्रायवेट वेयरहाउसिंग मार्केट – प्रिवेलिंग कॉमर्शियल स्ट्रक्चर्स एण्ड अल्टरनेटिव एवेन्यूज फॉर वेयरहाउस ओनर्स एण्ड बेनेफिटस्" विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। एमपीआईडीसी के कन्सल्टेंट   सुदीप शौर्य ने इन्सेन्टिव्स अवेलेबल अंडर एमपी लॉजिस्टिक्स पॉलिसी" पर और डिलाइट के   अनुराग गुप्ता ने "वेयरहाउस मॉर्डनाइजेशन एण्ड ट्रांसफार्मिंग वेयरहाउसेस टू स्टेट ऑफ द ऑर्ट फेसीलिटीज" पर चर्चा की। विशेषज्ञों द्वारा गोदामों में लॉजिस्टिक्स सेवाएँ, मल्टी-कमोडिटी स्टोरेज, ई-कॉमर्स सपोर्ट, पैकेजिंग, ग्रेडिंग, कोल्ड-चेन, मूल्य संवर्धन, वेयरहाउस ऑटोमेशन एवं डिजिटलीकरण जैसी आधुनिक तकनीकों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। साथ ही कृषि आधारित वेयरहाउस को कमर्शियल वेयरहाउस में परिवर्तित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

एमडी मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन  अनुराग वर्मा ने कहा कि कार्यशाला में आये महत्वपूर्ण सुझावों पर विचार कर इन्हें अमल में लाया जायेगा। इस दौरान आयुक्त खाद्य   कर्मवीर शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं वेयरहाउस संचालक उपस्थित थे।

 

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