नौकरियों की नई राह! बजट 2026 में पर्यटन सेक्टर को बूस्ट, 50 बड़े टूरिस्ट स्पॉट्स को बनाया जाएगा वर्ल्ड-क्लास

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश करते हुए देश के विभिन्न वर्गों को कई सौगातें दीं, जिसमें रोजगार, शिक्षा, कृषि, और छोटे शहरों के विकास पर फोकस किया गया। बजट में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में बौद्ध स्थल के विकास और नए 5 पर्यटन स्थल बनाने की घोषणा की गई। रोजगारपरक विकास के लिए सरकार ने पर्यटन को लेकर गहन कौशल विकास कार्यक्रमों के आयोजन की बात कही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "महायान/वज्रयान परंपराओं का एक सभ्यतागत संगम है। जहां अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध परिपथों के विकास

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Published On :

फ़रवरी 1, 2026

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नई दिल्ली
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश करते हुए देश के विभिन्न वर्गों को कई सौगातें दीं, जिसमें रोजगार, शिक्षा, कृषि, और छोटे शहरों के विकास पर फोकस किया गया। बजट में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में बौद्ध स्थल के विकास और नए 5 पर्यटन स्थल बनाने की घोषणा की गई। रोजगारपरक विकास के लिए सरकार ने पर्यटन को लेकर गहन कौशल विकास कार्यक्रमों के आयोजन की बात कही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "महायान/वज्रयान परंपराओं का एक सभ्यतागत संगम है। जहां अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध परिपथों के विकास के लिए एक योजना शुरू करने का प्रस्ताव रखती हूं।
इस योजना में मंदिरों और मठों का संरक्षण, तीर्थयात्रा व्याख्या केंद्र, संपर्क, और तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाएं शामिल होंगी। दुर्गापुर में एक सुव्यवस्थित केंद्र के साथ एकीकृत पूर्वी तटीय औद्योगिक गलियारे का विकास होगा और अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पर्यटन स्थलों के निर्माण का प्रस्ताव है। साथ ही पूर्वोदय राज्यों में 4,000 ई-बसों की व्यवस्था का प्रस्ताव भी है।
मंदिरों और मठों के विकास के अलावा बजट में रोजगार प्रेरित विकास के लिए पर्यटन को भी महत्व दिया गया है, जिसमें देश में शीर्ष 50 पर्यटन स्थलों को राज्यों की भागीदारी से चैलेंज मोड माध्यम से विकसित किया जाएगा। तीर्थ और पर्यटन स्थलों के होटलों की अवसंरचना को एचएमएल में शामिल किया जाएगा। पर्यटन स्थलों के साथ रोजगार के विकास के लिए होमस्टे के लिए मुद्रा ऋण दिया जाएगा। युवाओं के लिए गहन कौशल विकास की शुरुआत होगी और आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व वाले स्थानों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, खासकर वे स्थान जो भगवान बुद्ध के जीवन काल से संबंधित हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कुछ पर्यटक समूहों के लिए वीजा शुल्क छूट भी देने का प्रस्ताव है और ई-वीजा की सुविधाओं की शुरुआत का भी प्रस्ताव है।

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