ईरान पर इजरायल की स्ट्राइक पर बोले नेतन्याहू—खतरे को दूर करने के लिए उठाया कदम

तेल अवीव इजरायल ने शनिवार को ईरान की राजधानी तेहरान पर कई बड़े हमले किए, जिससे मिडिल ईस्ट एक बार फिर से युद्ध की गिरफ्त में आ गया। इन हमलों में अमेरिका ने भी इजरायल का साथ दिया। ईरान पर हुए हमलों पर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका के साथ मिलकर किया गया हमला ईरान से पैदा हुए अस्तित्व के खतरे को दूर करने के लिए था। नेतन्याहू ने एक वीडियो बयान में कहा, "मेरे भाइयो और बहनो, इजरायल के नागरिको, कुछ समय पहले इजरायल और यूनाइटेड स्टेट्स ने ईरान में आतंकवादी

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Published On :

फ़रवरी 28, 2026

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तेल अवीव
इजरायल ने शनिवार को ईरान की राजधानी तेहरान पर कई बड़े हमले किए, जिससे मिडिल ईस्ट एक बार फिर से युद्ध की गिरफ्त में आ गया। इन हमलों में अमेरिका ने भी इजरायल का साथ दिया। ईरान पर हुए हमलों पर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका के साथ मिलकर किया गया हमला ईरान से पैदा हुए अस्तित्व के खतरे को दूर करने के लिए था।

नेतन्याहू ने एक वीडियो बयान में कहा, "मेरे भाइयो और बहनो, इजरायल के नागरिको, कुछ समय पहले इजरायल और यूनाइटेड स्टेट्स ने ईरान में आतंकवादी शासन से पैदा हुए अस्तित्व के खतरे को दूर करने के लिए एक ऑपरेशन शुरू किया है।" नेतन्याहू ने आगे कहा, "हमारी मिली-जुली कार्रवाई बहादुर ईरानी लोगों के लिए अपनी किस्मत अपने हाथों में लेने के हालात बनाएगी। ईरान के सभी लोगों के लिए… ज़ुल्म का बोझ उतार फेंकने और एक आजाद और शांति चाहने वाला ईरान लाने का समय आ गया है।"

नेतन्याहू ने आगे कहा कि ईरान को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए और शनिवार को इजरायल और अमेरिका के इस्लामिक रिपब्लिक पर हमले शुरू करने के बाद इजरायलियों से एक साथ खड़े होने की अपील की। नेतन्याहू ने एक वीडियो बयान में कहा, "इस खूनी आतंकवादी सरकार को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए, जिससे वह पूरी इंसानियत को खतरे में डाल सके।" उन्होंने आगे कहा, “हम साथ खड़े रहेंगे, साथ लड़ेंगे और साथ मिलकर इजरायल की हमेशा-हमेशा के लिए रक्षा करेंगे।”

ईरान पर अमेरिकी हमले का खतरा कई दिनों से मंडरा रहा था। इजरायल ने अमेरिका का साथ देते हुए पहले ईरान पर मिसाइलों से हमला किया और फिर अमेरिका ने भी अटैक शुरू कर दिए। पहला हमला सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के ऑफिस के पास हुआ। ईरानी मीडिया ने पूरे देश में हमलों की खबर दी, और राजधानी से धुआं उठता देखा जा सकता था।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा कि अमेरिका ने ईरान में बड़े लड़ाकू ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम डेवलप करना जारी रखे हुए है और अमेरिका तक पहुंचने के लिए मिसाइलें डेवलप करने की योजना बना रहा है और ईरानी लोगों से अपील की कि अपनी सरकार संभालो- यह तुम्हारी होगी।

 

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