ढिकली गांव में सांपों का कुनबा बरामद, मां के साथ 22 नवजात रसेल वाइपर रेस्क्यू

उदयपुर राजस्थान के उदयपुर शहर के ढिकली गांव से गुरुवार को एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक ट्यूबवेल के चेंबर से रसेल वाइपर प्रजाति के सांपों (Russells Viper Snakes) का पूरा कुनबा बरामद किया गया है. चेंबर के भीतर एक साथ इतने जहरीले सांपों की मौजूदगी की खबर फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही वाइल्ड एनिमल रेस्क्यू सेंटर (WARC) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और एक रेस्क्यू अभियान चलाया. जब टीम ने चेंबर से सांपों को बाहर निकालकर गिनना शुरू किया तो गिनती 1, 2, 3, 4 करते हुए सीधे

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Published On :

जून 11, 2026

उदयपुर
राजस्थान के उदयपुर शहर के ढिकली गांव से गुरुवार को एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक ट्यूबवेल के चेंबर से रसेल वाइपर प्रजाति के सांपों (Russells Viper Snakes) का पूरा कुनबा बरामद किया गया है. चेंबर के भीतर एक साथ इतने जहरीले सांपों की मौजूदगी की खबर फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही वाइल्ड एनिमल रेस्क्यू सेंटर (WARC) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और एक रेस्क्यू अभियान चलाया. जब टीम ने चेंबर से सांपों को बाहर निकालकर गिनना शुरू किया तो गिनती 1, 2, 3, 4 करते हुए सीधे 23 पर जाकर रुकी.

इस सफल रेस्क्यू के बाद सामने आया कि इन सांपों में 22 नवजात बच्चे और उनकी मां शामिल है.

अंडे नहीं, सीधे बच्चों को जन्म देती है रसेल वाइपर प्रजाति
इस रेस्क्यू के बाद वाइल्ड एनिमल रेस्क्यू सेंटर के संभागीय अध्यक्ष डॉ. चमन सिंह चौहान ने सांपों की इस प्रजाति के बारे में एक विशेष जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि रसेल वाइपर सांपों की अन्य सामान्य प्रजातियों की तरह अंडे नहीं देता, बल्कि यह सीधे बच्चों को जन्म देता है. जीव विज्ञान के अनुसार, इस प्रजाति का प्रजनन काल सामान्यतः नवंबर महीने के आसपास होता है और इसके बाद जून-जुलाई के महीनों में बच्चे जन्म लेते हैं. यही वजह है कि जून के महीने में इस ट्यूबवेल चेंबर के भीतर एक साथ इतने सारे नवजात बच्चे अपनी मां के साथ पाए गए.

वन्य जीवों को नुकसान न पहुंचाने की विशेष अपील
रेस्क्यू के बाद वाइल्ड एनिमल रेस्क्यू सेंटर की टीम ने स्थानीय लोगों से एक अपील भी की. विशेषज्ञों ने कहा है कि यदि कभी भी किसी के घर या आसपास कोई वन्य जीव या सांप दिखाई दे, तो लोग घबराकर उसे खुद पकड़ने या जान से मारने का प्रयास बिल्कुल न करें. ऐसी किसी भी स्थिति में तुरंत रेस्क्यू टीम को सूचित करना चाहिए ताकि वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से उनके प्राकृतिक आवास में भेजा जा सके.