Nepal Protest: नेपाल में जारी मतगणना के रुझान बता रहे हैं कि बालेन शाह इस समय देश के सबसे मजबूत राजनीतिक चेहरे के रूप में उभरे हैं। वे नेपाल के Gen-Z (जेन-जी) यानी नई पीढ़ी के युवाओं के बीच सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। उनकी पार्टी, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी, पुराने दलों के गढ़ में सेंध लगा चुकी है और बालेन खुद प्रधानमंत्री पद के सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।
Nepal Election Results: नेपाल में बालेन शाह की पार्टी को बंपर बढ़त, केपी ओली की विरासत को खतरा
इंजीनियर, रैपर और काठमांडू के मेयर

बालेन शाह की शख्सियत बहुआयामी है। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, लेकिन उनका जुनून रैप संगीत रहा है। इसी संगीत के जरिए उन्होंने युवाओं की नब्ज को पहचाना। साल 2022 में उन्होंने एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में राजनीति में कदम रखा और सबको चौंकाते हुए नेपाल की राजधानी काठमांडू के मेयर का चुनाव जीता।
उनकी लोकप्रियता के मुख्य कारण
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस: मेयर बनते ही उन्होंने सिस्टम में बैठे भ्रष्ट अधिकारियों पर लगाम लगाई।
शहर की सफाई और शिक्षा: काठमांडू की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करना और सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता सुधारना उनकी प्राथमिकताओं में रहा।
सख्त प्रशासन: टैक्स चोरी करने वाले निजी संस्थानों पर नकेल कसकर उन्होंने यह संदेश दिया कि वे किसी के दबाव में काम नहीं करेंगे।
Gen-Z आंदोलन और युवाओं से जुड़ाव
बालेन शाह की उम्र 34 वर्ष के करीब है, लेकिन वे खुद को युवाओं की सोच के साथ गहराई से जुड़ा हुआ पाते हैं। उन्होंने हाल ही में एक सोशल मीडिया पोस्ट में स्पष्ट किया था कि 8 सितंबर की रैली पूरी तरह से 28 वर्ष से कम उम्र के युवाओं के लिए थी। उनका मानना है कि पुराने नेताओं ने केवल निजी स्वार्थ के लिए राजनीति की है, जबकि देश का भविष्य युवाओं के हाथ में होना चाहिए। उनकी इसी बेबाक सोच ने उन्हें टाइम मैगजीन (TIME100 Next 2023) की सूची में स्थान दिलाया।
भारतीय फिल्म ‘आदिपुरुष’ का विरोध और विवाद
बालेन शाह का नाम भारत में उस समय चर्चा में आया जब उन्होंने 2023 में आई फिल्म ‘आदिपुरुष’ का कड़ा विरोध किया। उन्होंने फिल्म के कुछ संवादों (विशेषकर सीता माता के जन्मस्थान से संबंधित) पर आपत्ति जताते हुए काठमांडू में भारतीय फिल्मों के प्रदर्शन पर रोक लगाने की धमकी दी थी। उनके इस रुख को नेपाल में उनके ‘राष्ट्रवादी छवि’ को मजबूत करने वाले कदम के रूप में देखा गया।
क्या बनेंगे नेपाल के प्रधानमंत्री?
नेपाल की राजनीति में अब तक कुछ गिने-चुने चेहरों (जैसे केपी ओली या शेर बहादुर देउबा) का दबदबा रहा है। बालेन शाह ने इस पारंपरिक ढांचे को चुनौती दी है। रुझान बताते हैं कि जनता ने ‘स्वतंत्र’ विचारधारा को स्वीकार किया है। अगर अंतिम परिणाम इसी दिशा में रहते हैं, तो बालेन शाह नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्रियों में से एक हो सकते हैं।
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