Nepal Flood: बिहार में बाढ़ का खतरा! नेपाल से पानी बढ़ा तो इन इलाकों में थम सकती हैं ट्रेनें

नेपाल में बाढ़ के खतरे के बीच पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल में हाई अलर्ट जारी किया गया है। रेलवे ट्रैक, पुल-पुलिया और जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

Nepal Flood

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 27, 2026

Nepal Flood: पड़ोसी देश नेपाल में आई भीषण बाढ़ और जलप्रलय के कारण भारत के सीमावर्ती राज्यों, विशेषकर बिहार में संकट गहराता जा रहा है। नेपाल से आने वाले पानी के खतरे को भांपते हुए बिहार सरकार और रेलवे प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गए हैं। संभावित आपदा से निपटने के लिए तमाम विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

समस्तीपुर रेल मंडल का हाई अलर्ट और प्रशासनिक समन्वय

नेपाल की भयावह स्थिति को देखते हुए भारतीय रेलवे का पूर्व मध्य रेल (ECR) समस्तीपुर मंडल पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) ज्योति प्रकाश मिश्रा ने पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के जिला प्रशासन के साथ उच्चस्तरीय समन्वय बैठक की है। डीआरएम ने अधिकारियों से अपील की है कि इस आपदा से मिलकर मुकाबला किया जाए और सीमावर्ती क्षेत्रों में पल-पल की स्थिति पर नजर रखी जाए ताकि किसी भी अनहोनी से समय रहते निपटा जा सके।

रेलवे ट्रैक और पुलों पर कड़ी निगरानी

नेपाल से छोड़े जाने वाले पानी के कारण सीमावर्ती इलाकों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे हर समय अलर्ट मोड में रहें। खासकर ट्रैकमैन और पुल-पुलियों की निगरानी करने वाले कर्मियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। उन्हें लगातार अपने क्षेत्रों में रेलवे ट्रैक, ब्रिजों और बढ़ते जलस्तर की मॉनिटरिंग करने के निर्देश मिले हैं।

रेल अधिकारियों को राज्य के बाढ़ नियंत्रण निदेशक के साथ लगातार संपर्क में रहने को कहा गया है ताकि पल-पल की सटीक जानकारी मिलती रहे।

खतरा दिखते ही तत्काल रोकी जाएंगी ट्रेनें

यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे संपत्तियों को बचाने के लिए रेल प्रशासन ने आपातकालीन व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी रेलखंड पर पानी खतरनाक स्तर तक बढ़ता है या ट्रैक की सुरक्षा को लेकर कोई भी आशंका पैदा होती है, तो संबंधित ट्रेनों को बिना किसी देरी के तुरंत रोक दिया जाएगा। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य बाढ़ के कारण होने वाले संभावित नुकसान को टालना और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखना है। किसी भी प्रकार के जोखिम से बचने के लिए ट्रेनों के परिचालन को आवश्यकतानुसार तुरंत नियंत्रित किया जाएगा।

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