Nepal Flood 2026: फंसे UP के लोगों के लिए योगी सरकार का बड़ा एक्शन, SDRF की विशेष प्लाटून भेजी

नेपाल में भीषण बाढ़ और आपदा के बीच फंसे उत्तर प्रदेश के नागरिकों की मदद के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। SDRF की विशेष प्लाटून नेपाल भेजी गई है। आखिर टीम कितनी बड़ी है, उसका मिशन क्या है, किन लोगों को मदद मिलेगी और यूपी सरकार ने कौन-सी हेल्पलाइन जारी की है?

Nepal Flood 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 27, 2026

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Nepal Flood 2026: नेपाल में बाढ़ और प्राकृतिक आपदा से पैदा हुए गंभीर हालात के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नेपाल में फंसे उत्तर प्रदेश के लोगों तक राहत पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अभियान तेज किया गया है। सरकार नेपाल से लगे उत्तर प्रदेश के जिलों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि नेपाल में मौजूद यूपी के नागरिकों से संबंधित जानकारी जुटाई जाए और आपात स्थिति में तत्काल मदद उपलब्ध कराई जाए।

SDRF की विशेष टीम नेपाल के लिए रवाना

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राहत एवं बचाव अभियान को मजबूत करने के लिए राज्य आपदा मोचन बल यानी SDRF की विशेष प्लाटून नेपाल भेजी गई है। इस टीम में 32 प्रशिक्षित जवान शामिल हैं। ये जवान आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्यों में स्थानीय स्तर पर सहयोग करेंगे। उनका मुख्य उद्देश्य बाढ़ के कारण फंसे लोगों तक पहुंचना, जरूरतमंदों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और राहत अभियान को प्रभावी बनाना है।

PAC के जवान भी राहत अभियान में शामिल

SDRF के अलावा पीएसी की 26वीं बटालियन के 22 जवानों को भी राहत कार्य के लिए नेपाल भेजा गया है। इन जवानों की तैनाती आपदा की स्थिति और जरूरत के अनुसार की जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने संकेत दिया है कि यदि परिस्थितियां और चुनौतीपूर्ण होती हैं तो अतिरिक्त जवानों तथा जरूरी संसाधनों को भी उपलब्ध कराया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में राहत कार्य में देरी नहीं होने देना है।

चार रबर बोट से बढ़ाई गई रेस्क्यू क्षमता

बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी के बीच बचाव अभियान चलाने के लिए विशेष नावों की व्यवस्था की गई है। फिलहाल राहत कार्य में चार रबर बोट का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा अतिरिक्त SDRF टीम के साथ एक एल्युमिनियम बोट भी नेपाल भेजी जा रही है। सिंधुरिया क्षेत्र में संभावित बचाव अभियान को ध्यान में रखते हुए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। नावों और प्रशिक्षित जवानों की मौजूदगी से जलभराव वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है।

कंट्रोल रूम से लगातार रखी जा रही नजर

नेपाल सीमा से जुड़े उत्तर प्रदेश के जिलों की स्थिति पर राहत आयुक्त कार्यालय के कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन नेपाल में बाढ़ से प्रभावित इलाकों की स्थिति और वहां मौजूद भारतीय नागरिकों से जुड़ी सूचनाएं जुटा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी को तुरंत साझा किया जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर बचाव अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।

परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

नेपाल में फंसे अपने परिजनों को लेकर चिंतित उत्तर प्रदेश के परिवारों के लिए सरकार ने हेल्पलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई है। जिन लोगों के परिवार के सदस्य नेपाल में फंसे हुए हैं, वे जानकारी या सहायता के लिए 1070 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। इस माध्यम से प्रशासन तक लापता या फंसे लोगों की जानकारी पहुंचाई जा सकती है। सरकार का प्रयास है कि उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर जरूरतमंद नागरिकों तक जल्द मदद पहुंचाई जाए।

नेपाल में 288 भारतीय नागरिकों का पता नहीं

नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को जानकारी दी कि आपदा के बाद 288 भारतीय नागरिकों का अब तक पता नहीं चल पाया है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, लापता भारतीयों में नेपाल की विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं। इसके अलावा कई पर्यटकों के भी प्रभावित इलाकों में फंसे या लापता होने की जानकारी सामने आई है।

राहत अभियान के बीच नागरिकों को सुरक्षित निकालने की कोशिश

नेपाल में जारी प्राकृतिक आपदा के बीच उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता अपने नागरिकों की पहचान, सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना है। SDRF और PAC के जवानों की तैनाती, रेस्क्यू बोट की व्यवस्था और कंट्रोल रूम से निगरानी इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। आने वाले समय में नेपाल की स्थिति और राहत अभियान की जरूरत के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध करा सकती है।

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