Nepal Flood: उत्तरी नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने सीमावर्ती इलाकों में भारी तबाही मचा दी। भोटेकोशी नदी में अचानक पानी बढ़ने के बाद रसुवा जिले के कई हिस्सों में हालात बिगड़ गए। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया गया है और कई जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ का पानी तिब्बत की तरफ से आने की बात सामने आई है।
भोटेकोशी नदी में अचानक बढ़ा पानी
अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़ आ गई। पानी का स्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि रसुवा जिले के तिमुरे और आसपास के स्याफ्रुबेसी क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। बाढ़ की चपेट में आने से कई वाहन, सामान और अन्य संपत्तियां बह गईं।
रसुवा में बाढ़ से 7 लोगों की मौत
नेपाली सेना के प्रवक्ता ने बताया कि रसुवा जिले में आई बाढ़ के कारण अब तक 7 लोगों की मौत हुई है। राहत और बचाव दलों ने बुधवार दोपहर तक कम से कम 25 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। हालांकि, बाढ़ से हुए नुकसान का पूरा आकलन अभी नहीं हो पाया है और राहत एजेंसियां लगातार स्थिति की जानकारी जुटा रही हैं।
सीमावर्ती इलाके में बाढ़ से वाहन और सामान बहा
रसुवा काठमांडू के उत्तर-पूर्व में स्थित है और तिब्बत सीमा से करीब 125 किलोमीटर की दूरी पर है। अचानक आई बाढ़ ने सीमा क्षेत्र की गतिविधियों को भी प्रभावित किया है। रसुवा के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना के अनुसार, सीमा शुल्क परिसर में रखे कई वाहन और सामान पानी के तेज बहाव में बह गए। हाल ही में बनाया गया एक पुल भी बाढ़ की चपेट में आकर बह गया।
नेपाल के 5 जिलों में हाई अलर्ट
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने बाढ़ के खतरे को देखते हुए रसुवा समेत पांच जिलों में नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। रसुवा के अलावा नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा में भी लोगों से अगले आदेश तक सावधान रहने को कहा गया है।
नदी किनारे बसे लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील
प्राधिकरण ने लोगों से संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षा उपाय अपनाने और नदी के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी किनारे रहने वाले इलाकों में खतरा तेजी से बढ़ सकता है।
बाढ़ का स्तर असामान्य रूप से ज्यादा
रसुवा के सहायक मुख्य जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी ने बताया कि बाढ़ का जलस्तर असामान्य रूप से ऊंचा था। उन्होंने कहा कि तिमुरे और स्याफ्रुबेसी दोनों बस्तियों में काफी नुकसान हुआ है। प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में स्थिति का जायजा लेने और नुकसान का आंकड़ा जुटाने में लगी हुई हैं।
भोटेकोशी बाढ़ में पुल और कई संपत्तियां तबाह
बाढ़ के तेज बहाव ने क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचाया है। सीमा शुल्क परिसर में खड़े वाहन और सामान बहने के साथ एक नया पुल भी पानी में बह गया। स्थानीय प्रशासन के सामने अब प्रभावित इलाकों तक राहत पहुंचाने और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की चुनौती है।
नेपाल सेना और पुलिस ने संभाला मोर्चा
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए नेपाल सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को रसुवा और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है।
बाढ़ के हालात पर उच्चस्तरीय बैठक की तैयारी
प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि बाढ़ के बाद पैदा हुए हालात की समीक्षा और आगे की रणनीति तैयार करने के लिए उच्चस्तरीय बैठक बुलाई जा रही है। बैठक में राहत, बचाव और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सहायता पहुंचाने को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की उम्मीद है।
हेलीकॉप्टर से खोज और बचाव अभियान
नेपाल सेना ने त्रिशूली नदी के आसपास के इलाकों में खोज और बचाव अभियान के लिए दो हेलीकॉप्टर भेजे हैं। सेना के मुताबिक, आपातकालीन चिकित्सा बचाव दल से लैस एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर को त्रिशूली स्थित जिला अस्पताल की ओर रवाना किया गया है।
बाढ़ से नुकसान का पूरा आंकड़ा अभी सामने नहीं आया
सेना ने कहा है कि भीषण बाढ़ के कारण हुए नुकसान की पूरी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। प्रभावित क्षेत्रों से आंकड़े जुटाए जा रहे हैं और राहत-बचाव अभियान के साथ नुकसान का आकलन भी जारी है।
एक साल पहले भी भोटेकोशी में आई थी विनाशकारी बाढ़
भोटेकोशी नदी क्षेत्र में बाढ़ का यह खतरा नया नहीं है। करीब एक साल पहले भी इसी नदी में आई भीषण बाढ़ ने रसुवा में भारी तबाही मचाई थी। उस घटना में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई थी। लगातार ऐसी घटनाओं के कारण सीमावर्ती नदी इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
बारिश नहीं, किसी और वजह से आई इस बार की बाढ़
जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, बुधवार को रसुवा में आई बाढ़ स्थानीय बारिश के कारण नहीं हुई। अधिकारियों के मुताबिक, अचानक आए पानी के स्रोत और इसके पीछे की वजहों का आकलन किया जा रहा है। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने और हालात को नियंत्रण में लाने पर है।










