Nepal Flood: नेपाल में सैलाब से हाहाकार! PM मोदी ने दिया मदद का भरोसा, भारतीयों के लिए हेल्पलाइन जारी

नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के पीएम बालेन शाह से फोन पर बातचीत की और जान-माल के नुकसान पर दुख जताया। भारत ने हरसंभव राहत सहायता का भरोसा दिया है। रसुवा में करीब 400 लोगों के लापता होने और 16 मौतों की जानकारी है। इनमें 105 भारतीय शामिल बताए गए हैं।

Nepal Flood

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 26, 2026

Nepal Flood: नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बातचीत कर बाढ़ से हुई जान-माल की क्षति पर दुख जताया। पीएम मोदी ने नेपाल को हर संभव मानवीय और राहत सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

मुश्किल घड़ी में नेपाल के साथ खड़ा है भारत

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल के अपने भाइयों और बहनों के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देशों की टीमें बचाव और राहत कार्यों में मिलकर काम कर रही हैं। भारत की ओर से प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

नेपाल में फंसे भारतीयों के रेस्क्यू के लिए दूतावास सक्रिय

नेपाल में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए भारतीय दूतावास भी लगातार सक्रिय है। सूत्रों के मुताबिक, आपदा प्रभावित भारतीय नागरिकों को जल्द रेस्क्यू और राहत पहुंचाने के लिए दूतावास नेपाल सरकार के संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है।

नेपाल सरकार के साथ लगातार समन्वय

भारतीय अधिकारियों की कोशिश है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे भारतीय नागरिकों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाए। इसके लिए नेपाल के प्रशासन और राहत एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।

रसुवा में बाढ़ ने मचाई भारी तबाही, करीब 400 लोग लापता

तिब्बत सीमा से लगे नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। रिपोर्टों के मुताबिक, बाढ़ के बाद करीब 400 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें कम से कम 105 भारतीय नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं, अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि होने की जानकारी है।

भोटेकोशी नदी में सुबह अचानक आया सैलाब

बताया गया कि स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़ आ गई। नदी का पानी बेहद तेजी से बढ़ा और आसपास के इलाकों में तबाही मचा दी। नदी किनारे बसे क्षेत्रों में कई घर, वाहन और दूसरी संपत्तियां बाढ़ के तेज बहाव की चपेट में आ गईं।

भोटेकोशी बाढ़ से हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स को भी नुकसान

नेपाल में आई इस बाढ़ का असर केवल आबादी वाले इलाकों तक सीमित नहीं रहा। जानकारी के मुताबिक, कम से कम एक दर्जन हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स भी बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इससे स्थानीय बुनियादी ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचने की आशंका है।

बाढ़ के वीडियो में दिखा खौफनाक मंजर

बाढ़ से जुड़े कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें पानी का तेज बहाव घरों, वाहनों और लोगों को अपनी चपेट में लेता दिखाई दे रहा है। अचानक आई इस आपदा ने स्थानीय प्रशासन के सामने राहत और बचाव की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

भारतीय दूतावास ने जारी किए इमरजेंसी नंबर

नेपाल में फंसे या बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद के लिए भारतीय दूतावास ने इमरजेंसी नंबर जारी किए हैं। दूतावास ने लोगों से इन नंबरों के जरिए संपर्क कर सहायता और जानकारी लेने की अपील की है।

WhatsApp पर भी मिल सकेगी मदद

भारतीय दूतावास के मुताबिक, प्रभावित भारतीय नागरिक +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं। दोनों नंबरों पर WhatsApp के जरिए भी जानकारी या मदद के लिए संपर्क किया जा सकता है। दूतावास ने प्रभावित भारतीयों से अपील की है कि वे जरूरत पड़ने पर इन हेल्पलाइन नंबरों का इस्तेमाल करें और अपनी स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि राहत एवं बचाव कार्य में मदद मिल सके।

नेपाल बाढ़ का असर यूपी-बिहार तक

नेपाल में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए भारत के उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती जिलों में भी अलर्ट जारी किया गया है। नेपाल से आने वाली नदियों के जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

अमित शाह ने बिहार CM सम्राट चौधरी से की बात

बाढ़ के संभावित प्रभाव को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बातचीत की। दोनों के बीच नेपाल में आई बाढ़ और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में संभावित स्थिति को लेकर चर्चा हुई। फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है। भारत भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत, भारतीय दूतावास की सक्रियता और इमरजेंसी हेल्पलाइन के जरिए नेपाल में प्रभावित भारतीय नागरिकों तक जल्द सहायता पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।