Nepal Flood News: बूढ़ी गंडकी नदी में विनाशकारी सैलाब, 40 घर और 6 पुल बह गए

नेपाल के मनासलू क्षेत्र में बूढ़ी गंडकी नदी का सैलाब भारी तबाही छोड़ गया। करीब 40 घर और छह पुल बह गए, जबकि 150 से अधिक विदेशी पर्यटक फंसने की खबर है। दस लोगों के लापता होने की सूचना भी सामने आई है। आखिर इस विनाशकारी बाढ़ की वजह क्या थी?

बूढ़ी गंडकी नदी में विनाशकारी सैलाब

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अक्टूबर 12, 2026

Nepal Flood News: नेपाल के मनासलू ट्रेकिंग क्षेत्र में रविवार तड़के आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक तेज बहाव के साथ पानी और मलबा नीचे की ओर आया, जिसकी चपेट में आसपास की बस्तियां और बुनियादी ढांचा आ गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, करीब 40 घर और छह पुल बह गए हैं। इस आपदा में 10 लोगों के लापता होने की सूचना है। प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान चला रही हैं।

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सुबह चार बजे मची अफरा-तफरी

जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब चार बजे नदी में अचानक मलबे से भरा तेज सैलाब आया। पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा बहने लगा और आसपास की बस्तियों में अफरा-तफरी फैल गई। चुमलिंग और लोकपा जैसे क्षेत्रों में रहने वाले लोग तेज आवाजें सुनकर घरों से बाहर निकले और जान बचाने के लिए ऊंचे तथा सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। अधिकारियों के मुताबिक, समय रहते भेजे गए एसएमएस अलर्ट से कई लोगों को सावधान होने और सुरक्षित जगह पहुंचने का अवसर मिला।

150 से ज्यादा विदेशी पर्यटक रास्ते में फंसे

150 से ज्यादा विदेशी पर्यटक रास्ते में फंसे
150 से ज्यादा विदेशी पर्यटक रास्ते में फंसे

मनासलू क्षेत्र में ट्रेकिंग का मौसम होने के कारण बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक मौजूद हैं। बाढ़ और पुलों के बह जाने से रास्ते बाधित हो गए, जिसके चलते 150 से अधिक पर्यटक फंस गए हैं। सेना और राहत एजेंसियों ने अब तक 49 लोगों को सुरक्षित निकाला है। प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि दुर्गम पहाड़ी रास्तों और क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों के बीच फंसे लोगों तक सहायता पहुंचाई जाए। बचाव दल प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश और सुरक्षित निकासी में जुटे हैं।

घर, स्कूल और पुल हुए तबाह

बाढ़ के कारण करीब 40 घरों के अलावा एक प्राथमिक विद्यालय भी पूरी तरह नष्ट होने की खबर है। वहीं, लगभग 20 से 22 अन्य मकानों पर भी ढहने का खतरा बताया गया है। छह पुल बह जाने से दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क टूट गया है। इससे राहत सामग्री पहुंचाने और लापता लोगों की तलाश में कठिनाइयां पैदा हो रही हैं। उंगिलुंग नदी के आसपास रहने वाले पांच लोगों और कुछ चरवाहों के लापता होने की सूचना भी सामने आई है।

जलविद्युत परियोजना को भी भारी नुकसान

जलविद्युत परियोजना को भी भारी नुकसान
जलविद्युत परियोजना को भी भारी नुकसान

बाढ़ ने सल्लेरी में निर्माणाधीन 341 मेगावाट की बूढ़ी गंडकी जलविद्युत परियोजना के निर्माण शिविर और उपकरणों को भी नुकसान पहुंचाया है। अरुघाट में नदी का जलस्तर खतरे के पांच मीटर के निशान से बढ़कर 8.4 मीटर तक पहुंचने की जानकारी दी गई है। तेज बहाव में निगरानी स्टेशन बह जाने से जलस्तर की सटीक निगरानी प्रभावित हुई है। अधिकारियों को आशंका है कि भूस्खलन के कारण किसी सहायक नदी का रास्ता अस्थायी रूप से अवरुद्ध हुआ होगा, जिससे पानी जमा होकर अचानक नीचे आया। हालांकि, बाढ़ के सटीक कारण की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

कई जिलों में अलर्ट, लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह

प्रशासन ने धाडिंग, तनाहुन, चितवन और नवलपरासी के पूर्वी तथा पश्चिमी हिस्सों में चेतावनी जारी की है। त्रिशूली और नारायणी नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को तट से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। राहत एवं बचाव अभियान जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है।

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