Nepal Flood: नेपाल बाढ़ पर खरगे का PM मोदी-शाह को पत्र, 320 भारतीयों को लेकर बढ़ी चिंता

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। खरगे ने नेपाल को तत्काल मानवीय सहायता देने, फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर NDRF की टीमें भेजने की मांग की। विदेश मंत्रालय के हवाले से उन्होंने करीब 320 भारतीयों के संपर्क से बाहर होने की बात कही।

Nepal Flood:

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 29, 2026

Nepal Flood: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और उससे पैदा हुए हालात को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अलग-अलग पत्र लिखे हैं। खरगे ने नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित और जल्द वापसी सुनिश्चित करने के साथ ही बाढ़ प्रभावित नेपाल को तत्काल मानवीय और आपदा राहत सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

नेपाल बाढ़ में बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान का दावा

बताते चले कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि नेपाल में आई भीषण बाढ़ को लेकर वह बेहद चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है और हजारों लोग मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं। खरगे ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि नेपाल में 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब दो हजार लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग भोजन, दवाइयों, सुरक्षित आश्रय और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए परेशान हैं।

नेपाल में फंसे भारतीयों को लेकर खरगे ने PM मोदी से किया आग्रह

कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि भारत सरकार नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर बाढ़ प्रभावित लोगों तक पर्याप्त मानवीय और राहत सहायता पहुंचाने के लिए तत्काल कदम उठाए। उन्होंने विशेष रूप से नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों की स्थिति पर चिंता जताई। खरगे ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाने चाहिए, ताकि नेपाल में फंसे भारतीयों की पहचान, बचाव और निकासी का काम तेजी से किया जा सके। साथ ही उनकी सुरक्षित और जल्द भारत वापसी के लिए हर जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

करीब 320 भारतीय नागरिक संपर्क से बाहर

मल्लिकार्जुन खरगे ने विदेश मंत्रालय से मिली ताजा जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि नेपाल में करीब 320 भारतीय नागरिक अभी भी संपर्क में नहीं हैं। इन लोगों का फिलहाल पता नहीं चल पा रहा है, जिससे उनके परिवारों और परिजनों की चिंता बढ़ सकती है। खरगे ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल जरूरी कदम उठाएगी और नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।

अमित शाह को पत्र लिखकर नेपाल के साथ खड़े होने की अपील

गृह मंत्री अमित शाह को लिखे अपने अलग पत्र में खरगे ने नेपाल में आई बाढ़ को गंभीर प्राकृतिक आपदा बताया। उन्होंने कहा कि इस आपदा में लोगों की जान जाने के साथ ही घरों और बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोगों के विस्थापित होने से प्रभावित समुदायों के सामने मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

खरगे ने भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे सामाजिक और मानवीय रिश्तों का उल्लेख करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में भारत को नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से नेपाल के बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की अपील की।

नेपाल को तत्काल राहत सहायता और NDRF टीम भेजने की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से नेपाल को तत्काल और व्यापक मानवीय एवं आपदा राहत सहायता देने पर विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जरूरत वाले क्षेत्रों में नेपाल सरकार के साथ समन्वय करके राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल यानी NDRF की टीमों को भी तैनात करने पर विचार किया जाना चाहिए। खरगे के मुताबिक, प्रभावित इलाकों में NDRF की टीमें बचाव, निकासी और राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में NDRF के अनुभव और विशेषज्ञता का इस्तेमाल इस संकट के दौरान लोगों की जान बचाने और तत्काल राहत पहुंचाने में किया जा सकता है।

नेपाल बाढ़ संकट के बीच भारत से राहत और बचाव की उम्मीद

मल्लिकार्जुन खरगे के इन दोनों पत्रों के बाद नेपाल बाढ़ संकट और वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से मानवीय आधार पर नेपाल की मदद बढ़ाने और भारतीय नागरिकों के लिए बचाव अभियान तेज करने की मांग की है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि केंद्र सरकार नेपाल की मौजूदा स्थिति और खरगे की मांगों पर क्या कदम उठाती है। फिलहाल नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए राहत, बचाव और सुरक्षित निकासी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।