Nepal Flood: नेपाल में तिब्बत सीमा से सटे रासुवा इलाके में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। भोटेकोशी नदी में अचानक बढ़े जलस्तर के बाद कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के अनुसार, बाढ़ के बाद कुल 384 यात्रियों के लापता होने की जानकारी सामने आई है, जिनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं, इस आपदा में 7 लोगों की मौत की खबर है।
नेपाल बाढ़ के बाद बिहार में गंडक नदी को लेकर हाई अलर्ट
बताते चले कि, नेपाल में बिगड़े हालात का असर बिहार तक पहुंचने की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने गंडक नदी और सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति बनने और अचानक पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
गंडक नदी के जलस्तर पर प्रशासन की पैनी नजर
आपको बता दे कि, बिहार सरकार की प्राथमिकता फिलहाल संभावित बाढ़ के खतरे वाले क्षेत्रों में समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना है। नदी के जलप्रवाह और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि पानी बढ़ने की स्थिति में तुरंत जरूरी कदम उठाए जा सकें।
अमित शाह ने CM सम्राट चौधरी से की बात
नेपाल की भयावह बाढ़ को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बातचीत की। उन्होंने राज्य में संभावित बाढ़ की स्थिति और तैयारियों की जानकारी ली। साथ ही, केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया गया है।
NDRF को आपात स्थिति के लिए तैयार किया जा रहा
संभावित बाढ़ और अचानक जलप्रवाह बढ़ने की स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) को भी तैयार रखा जा रहा है। जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव अभियान में केंद्रीय बलों की मदद ली जाएगी। प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में पहले से जरूरी संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।
CM सम्राट चौधरी ने बुलाई हाईलेवल बैठक
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘संकल्प’ सभागार में अधिकारियों के साथ हाईलेवल बैठक कर संभावित बाढ़ के खतरे की समीक्षा की। बैठक में नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड और गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की आशंका पर चर्चा हुई।
बाढ़ से निपटने के लिए अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी संभावित स्थिति से निपटने में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां पहले से जरूरी इंतजाम पूरे रखने और आपात स्थिति में राहत-बचाव अभियान तेजी से शुरू करने की तैयारी रखने को कहा गया है।
गंडक किनारे बसे इन जिलों में बढ़ाई गई सतर्कता
नेपाल से आने वाले पानी के संभावित प्रभाव को देखते हुए बिहार के कई जिलों को विशेष रूप से अलर्ट किया गया है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली समेत संवेदनशील जिलों के प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
सीमावर्ती इलाकों में लगातार स्थिति की निगरानी
इन जिलों में अधिकारियों को नदी के जलस्तर और आसपास के इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। प्रशासन को स्थानीय स्तर पर लोगों को समय रहते सूचना देने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
तटबंधों और बांधों पर दिन-रात निगरानी के आदेश
संभावित बाढ़ से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने बांधों और तटबंधों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। खासतौर पर रात के समय पेट्रोलिंग बढ़ाने और तटबंधों के कमजोर हिस्सों की पहचान करने को कहा गया है।
कमजोर तटबंधों की तत्काल मरम्मत पर जोर
प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि तटबंधों में जहां भी कमजोरी दिखाई दे, वहां तत्काल जरूरी कार्रवाई की जाए। अधिकारियों को किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज न करने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
लाउडस्पीकर से ग्रामीणों को किया जाएगा सतर्क
संवेदनशील इलाकों में संभावित बाढ़ की जानकारी लोगों तक तुरंत पहुंचाने के लिए लाउडस्पीकर और माइक से घोषणा करने की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन स्थानीय लोगों को नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित खतरे के बारे में समय-समय पर जानकारी देगा।
जरूरत पड़ने पर NDRF-SDRF संभालेंगे राहत और बचाव
अगर गंडक नदी का जलप्रवाह तेजी से बढ़ता है या किसी इलाके में बाढ़ की स्थिति बनती है, तो NDRF और SDRF की मदद से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नेपाल से आने वाले पानी के संभावित प्रभाव को देखते हुए सभी जरूरी तैयारियां पूरी करने में जुटा है।
नेपाल बाढ़ के बाद बिहार में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
नेपाल में आई अचानक बाढ़ ने बिहार सरकार की चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ रासुवा में लापता यात्रियों और मौतों की खबर सामने आई है, तो दूसरी ओर बिहार में गंडक नदी के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। मुख्यमंत्री से लेकर जिला प्रशासन तक सभी स्तरों पर निगरानी और तैयारियां तेज कर दी गई हैं।










