Nepal Bank Rescue Gold and Cash Recovered: नेपाल बाढ़ में डूबा बैंक, 8 घंटे के रेस्क्यू में निकला 50 करोड़ का खजाना!

नेपाल में भोटेकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। नुवाकोट के त्रिशूली में जलमग्न कृषि विकास बैंक से 8 घंटे के जोखिम भरे रेस्क्यू ऑपरेशन में करीब 50 करोड़ नेपाली रुपये का सोना, डेढ़ करोड़ रुपये की नकदी, चांदी और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित निकाले गए। आपदा में अब तक 781 लोगों की मौत बताई गई है।

Nepal Bank Rescue Gold and Cash Recovered

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 31, 2026

Nepal Bank Rescue Gold and Cash Recovered: हिमालयी देश नेपाल में भोटेकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचा रखी है। उफनती नदी के पानी के साथ आए मलबे और कीचड़ ने कई रिहाइशी इलाकों, सड़कों और सरकारी प्रतिष्ठानों को अपनी चपेट में ले लिया। हालात इतने भयावह रहे कि कई जगहों पर संपर्क मार्ग टूट गए और राहत एवं बचाव दलों के सामने प्रभावित लोगों तक पहुंचने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई।

त्रिशूली में जलमग्न हुआ कृषि विकास बैंक

बताते चले कि, इसी प्राकृतिक आपदा के बीच नुवाकोट जिले के त्रिशूली इलाके में स्थित कृषि विकास बैंक की त्रिशूली-ढुंगे शाखा भी पूरी तरह पानी में डूब गई। बाढ़ का पानी बैंक परिसर में घुसने के बाद वहां रखा कीमती सामान और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी खतरे में पड़ गए। पानी का स्तर कम होने के बाद बैंक के अंदर फंसे करोड़ों रुपये के सामान को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

8 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन में निकला करोड़ों का खजाना

बैंक के लॉकर और सुरक्षित हिस्से तक पहुंचना राहत दल के लिए आसान नहीं था। परिसर के भीतर पानी, कीचड़ और मलबा भरा हुआ था। ऐसे हालात में पुलिस, सुरक्षाबलों और विशेषज्ञों की टीम ने करीब 8 घंटे तक लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इस दौरान टीम ने जोखिम उठाते हुए बैंक के भीतर पहुंचकर कीमती सामान को एक-एक करके सुरक्षित बाहर निकाला।

सोना, नकदी और चांदी सुरक्षित बाहर निकाली गई

लंबे और चुनौतीपूर्ण अभियान के बाद बैंक से करीब 50 करोड़ नेपाली रुपये मूल्य का सोना, लगभग डेढ़ करोड़ नेपाली रुपये की नकदी, बड़ी मात्रा में चांदी और संवेदनशील कानूनी दस्तावेज सुरक्षित निकाल लिए गए। रेस्क्यू टीम की इस कामयाबी के बाद बैंक प्रबंधन ने राहत की सांस ली। आपदा के बीच बैंक की संपत्ति को सुरक्षित बचाना राहत अभियान की बड़ी उपलब्धियों में शामिल माना जा रहा है।

नेपाल बाढ़ में अब तक 781 लोगों की मौत

नेपाल में भोटेकोशी बाढ़ और प्राकृतिक आपदा का असर सिर्फ संपत्ति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बड़ी संख्या में लोगों की जान भी गई है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने देश को संबोधित करते हुए आपदा से जुड़े आंकड़े साझा किए। उनके मुताबिक, इस भीषण प्राकृतिक आपदा में अब तक 781 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, कई इलाकों में राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है।

टूटी सड़कें और कटे संपर्क मार्ग बने बड़ी चुनौती

भोटेकोशी नदी के उफान से कई सड़कें और संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पहाड़ी इलाकों में पहले से मौजूद दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और खराब मौसम ने बचाव कार्य को और मुश्किल बना दिया है। इसके बावजूद नेपाली सेना, पुलिस और अन्य राहत एजेंसियां लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंचने और लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रही हैं।

9,435 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

नेपाल सरकार के मुताबिक, अब तक 9,435 लोगों को हवाई और सड़क मार्ग के जरिए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। राहत अभियान के दौरान 394 हवाई उड़ानें संचालित की गईं। इसके अलावा जमीन पर 20 हजार से ज्यादा सुरक्षाबलों को राहत और बचाव कार्यों में लगाया गया है। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालना है।

भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की टीमें भी रेस्क्यू में जुटीं

नेपाल की इस भीषण आपदा के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मदद पहुंचाई जा रही है। प्रधानमंत्री शाह के अनुसार, भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की विशेषज्ञ टीमें नेपाली सेना के साथ मिलकर संयुक्त राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में विशेषज्ञ दल मुश्किल परिस्थितियों में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए तकनीकी सहायता दे रहे हैं।

जलविद्युत परियोजना की सुरंगों में मजदूरों की तलाश

रसुवा के पास एक जलविद्युत परियोजना की सुरंगों में फंसे सैकड़ों मजदूरों को निकालना बचाव दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। यहां भारतीय विशेषज्ञ करीब तीन किलोमीटर तक जमीन के भीतर जाकर खोजबीन कर रहे हैं। सुरंगों के अंदर पानी और मलबे की स्थिति के बीच रेस्क्यू टीम सावधानी से अभियान चला रही है। नेपाल में जारी यह आपदा अब एक बड़े अंतरराष्ट्रीय राहत अभियान का रूप ले चुकी है।