Ankit Baliyan Murder Case: अंकित बालियान हत्याकांड में बड़ा एक्शन, सुमित-मोहित एनकाउंटर में ढेर

अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में उत्तर प्रदेश पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। DGP राजीव कृष्णा के मुताबिक हत्या के पीछे गोगी गैंग से जुड़े नेटवर्क का कनेक्शन सामने आया है। पुलिस ने चार शूटर्स की पहचान की थी, जिनमें सुमित और मोहित को शामली में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया गया। जांच में रेकी और हथियार सप्लाई की बात भी सामने आई।

Ankit Baliyan Murder Case

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 31, 2026

Ankit Baliyan Murder Case: हरियाणवी सिंगर और एक्टर अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। उत्तर प्रदेश के DGP राजीव कृष्णा ने सोमवार को बताया कि अंकित की हत्या के पीछे कथित तौर पर गोगी गैंग से जुड़ा एक आपराधिक नेटवर्क सामने आया है। पुलिस ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए कई विशेष टीमें गठित की थीं। इसी जांच के दौरान दो मुख्य संदिग्ध पुलिस मुठभेड़ में मारे गए।

सोशल मीडिया पर हत्या की जिम्मेदारी लेने की भी जांच

DGP राजीव कृष्णा के मुताबिक, 26-27 अगस्त को राहुल उर्फ भोलू शाहपुरी से जुड़े एक इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए सोशल मीडिया पर अंकित बालियान की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। पुलिस इस सोशल मीडिया पोस्ट और इसके पीछे की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे गैंग नेटवर्क और हत्या की साजिश को जोड़ने वाले तथ्यों को खंगाला जा रहा है।

जिम से निकलते समय चार हमलावरों ने की थी अंकित की हत्या

पुलिस के अनुसार, अंकित बालियान शामली कोतवाली क्षेत्र के लाला पटरी इलाके में स्थित एक जिम से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान चार हथियारबंद हमलावरों ने उन पर गोलीबारी कर दी। गंभीर रूप से घायल अंकित की मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के पिता की शिकायत पर चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

अंकित बालियान हत्याकांड की जांच के लिए बनाई गईं कई टीमें

मामले की गंभीरता को देखते हुए अंकित बालियान मर्डर केस की जांच के लिए ADG मेरठ जोन, ADG लॉ एंड ऑर्डर और ADG STF के नेतृत्व में कई पुलिस टीमें बनाई गईं। जांच में 11 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सात एडिशनल एसपी और चार डिप्टी एसपी के अलावा कई इंस्पेक्टर शामिल किए गए। पुलिस का मुख्य लक्ष्य शूटर्स तक पहुंचना और उनके पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क का पता लगाना था।

CCTV और डिजिटल ट्रेल से खुला हत्या की साजिश का राज

पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल इंटेलिजेंस का सहारा लिया। CCTV फुटेज, डिजिटल ट्रेल, आरोपियों की आवाजाही, ठिकानों और पेमेंट रिकॉर्ड समेत कई अहम जानकारियों को जांच का हिस्सा बनाया गया। पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया कि अंकित की हत्या से पहले उनकी रेकी की गई थी और जिम के आसपास उनकी गतिविधियों तथा दिनचर्या पर लगातार नजर रखी जा रही थी।

बाहर से हथियार मंगवाकर चार शूटरों ने दिया वारदात को अंजाम

जांच एजेंसियों के अनुसार, अंकित बालियान की हत्या के लिए शूटरों को बाहर से हथियार उपलब्ध कराए गए थे। घटना वाले दिन चार हमलावरों ने कथित तौर पर एक सुनियोजित योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलते रहे, ताकि पुलिस की गिरफ्त से बच सकें।

हरियाणा से लेकर गुजरात तक पुलिस की छापेमारी

आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमों ने कई राज्यों में दबिश दी। अंकित बालियान हत्याकांड के आरोपियों को पकड़ने के लिए हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात और पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत कई इलाकों में छापेमारी की गई। पुलिस लगातार संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी और तकनीकी इनपुट के आधार पर उनकी लोकेशन ट्रैक की जा रही थी।

दो मुख्य शूटर सुमित और मोहित पुलिस मुठभेड़ में ढेर

DGP के मुताबिक, 29 अगस्त को ह्यूमन और टेक्निकल इंटेलिजेंस की मदद से मामले में शामिल आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद सोमवार को पुलिस ऑपरेशन के दौरान सुमित और मोहित नाम के दो मुख्य संदिग्ध शूटर मारे गए। पुलिस अब दोनों के आपराधिक इतिहास और हत्याकांड में उनकी सटीक भूमिका की पुष्टि कर रही है।

मोहित पर 14 और सुमित पर एक आपराधिक मामला दर्ज

शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि हरियाणा में मोहित के खिलाफ करीब 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं सुमित के खिलाफ कम से कम एक मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। DGP ने कहा कि दोनों आरोपियों के अन्य आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच और पुष्टि की जा रही है।

आधी रात से सुबह तक पूरे शामली में नाकेबंदी

अंकित की हत्या के बाद शामली पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जिलेभर में सख्त चेकिंग अभियान चलाया। शामली के SP नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आधी रात से सुबह 6 बजे तक नाकेबंदी की योजना लागू की गई थी। SWAT टीम, सर्विलांस यूनिट, सभी SHO, ASP और CO स्तर के अधिकारियों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया।

चेकिंग के दौरान पुलिस पर फायरिंग कर भागे संदिग्ध

पुलिस के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 4 बजे हिजाना थाने के SHO वीरेंद्र कसाना अपने थाना क्षेत्र के पास चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान करनाल की ओर से एक मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने फायरिंग कर दी। SHO बाल-बाल बच गए, जबकि उनकी गाड़ी पर गोली लगी। इसके बाद वायरलेस के जरिए पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया।

आगे भी पुलिस पर फायरिंग, फिर घेराबंदी में फंसे आरोपी

पुलिस का कहना है कि भाग रहे संदिग्धों ने आगे भी चेकिंग प्वाइंट पार करने की कोशिश की। कैराना की ओर बढ़ते समय कोतवाली पुलिस की टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन संदिग्धों ने पुलिस वाहन पर भी गोली चला दी, जिससे विंडशील्ड टूट गया। वायरलेस अलर्ट के बाद SWAT, सर्विलांस टीम, SHO, ASP और CO स्तर के अधिकारी मौके पर पहुंच गए और संदिग्धों की घेराबंदी शुरू कर दी।

दो मोटरसाइकिलों पर भागे थे चार शूटर

ADG लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने बताया कि अंकित बालियान हत्याकांड की CCTV जांच और स्थानीय लोगों से पूछताछ में चार शूटर्स के वारदात में शामिल होने की जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, चारों आरोपी दो मोटरसाइकिलों से मौके से फरार हुए थे। पुलिस लगातार उनका पीछा कर रही थी। इसी अभियान के दौरान सुमित और मोहित पुलिस मुठभेड़ में मारे गए।

मुठभेड़ के बाद आधुनिक हथियार बरामद

ADG अमिताभ यश के मुताबिक, मुठभेड़ में मारे गए दोनों संदिग्धों के पास से आधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस अब बरामद हथियारों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच का मकसद सिर्फ शूटर्स तक पहुंचना नहीं, बल्कि हत्या के पीछे मौजूद पूरी आपराधिक साजिश और नेटवर्क का खुलासा करना है।