Mohan Bhagwat Statement Row: राहुल गांधी की FIR पर भड़के संजय राउत, हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले में BJP-RSS को घेरा

हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। राहुल गांधी के खिलाफ SC/ST एक्ट में FIR के बाद संजय राउत ने BJP और RSS पर निशाना साधा। उन्होंने मोहन भागवत से शुद्धिकरण की घटना पर स्पष्ट रुख बताने की मांग की और इसे जातिवादी मानसिकता बताया।

Mohan Bhagwat Statement Row

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 31, 2026

Mohan Bhagwat Statement Row:  उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। मामले में बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बाद शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भी प्रतिक्रिया दी है। राउत ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेतृत्व से सीधे सवाल किए हैं।

स्टेज शुद्धिकरण मामले में BJP और कांग्रेस आमने-सामने

हल्द्वानी में खरगे की सभा के बाद मंच की सफाई और कथित शुद्धिकरण को लेकर विवाद खड़ा हुआ। बीजेपी की ओर से दावा किया गया कि शुद्धिकरण करने वालों में पार्टी का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं था। वहीं, वाल्मीकि समाज से आने वाले अमित कुमार ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज कराते हुए कांग्रेस पर मामले को जातिवाद से जोड़ने का आरोप लगाया।

संजय राउत का राहुल गांधी FIR मामले पर बड़ा सवाल

शिवसेना UBT सांसद संजय राउत ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि राहुल गांधी ने आखिर ऐसा क्या कर दिया, जिसके चलते उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। राउत ने खरगे की सभा के बाद मंच के ‘शुद्धिकरण’ की घटना को जातिवादी मानसिकता और पाखंड से जोड़ते हुए इसकी आलोचना की।

हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद को लेकर BJP पर निशाना

राउत ने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज में बराबरी और सामाजिक एकता के सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ राष्ट्रीय एकता की बात की जाती है, जबकि दूसरी तरफ हल्द्वानी जैसी घटना सामने आती है। उनके मुताबिक, इसी विरोधाभास पर राजनीतिक नेतृत्व को जवाब देना चाहिए।

RSS और मोहन भागवत से संजय राउत ने मांगा स्पष्टीकरण

संजय राउत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेतृत्व को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि RSS प्रमुख मोहन भागवत विदेशों, खासकर अमेरिका में राष्ट्रीय एकता और सामाजिक एकजुटता की बात करते हैं, लेकिन उत्तराखंड के हल्द्वानी में उनके स्थानीय समर्थकों पर ‘शुद्धिकरण’ जैसे कृत्य करने के आरोप लग रहे हैं। राउत ने इसे विरोधाभास बताते हुए संघ से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति पर भी हमला

UBT सांसद ने कहा कि देश में धार्मिक और सामाजिक ध्रुवीकरण की राजनीति करने वाले लोगों को अब जनता के सवालों का जवाब देना होगा। उन्होंने दावा किया कि ऐसी राजनीति करने वाले सत्ता खोने की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि, हल्द्वानी की घटना को लेकर बीजेपी की ओर से यह दावा किया गया है कि कथित शुद्धिकरण में पार्टी कार्यकर्ता शामिल नहीं थे।

राहुल गांधी के खिलाफ SC/ST एक्ट में क्यों दर्ज हुई FIR?

विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे के कथित अपमान और जातिवादी कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज कराने की मांग की थी। राहुल गांधी की इस मांग के अगले ही दिन उनके खिलाफ भी इसी कानून के तहत FIR दर्ज हो गई।

अमित कुमार ने राहुल गांधी पर लगाए गंभीर आरोप

राहुल गांधी के खिलाफ यह केस हल्द्वानी निवासी अमित कुमार ने दर्ज कराया है, जो वाल्मीकि समाज से आते हैं। अमित कुमार का दावा है कि मंच की सफाई के दौरान वह और अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के कई अन्य लोग भी मौजूद थे। उनका कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में जातिवाद जैसा कोई मुद्दा नहीं था।

जातिवाद के आरोपों पर आमने-सामने कांग्रेस और शिकायतकर्ता

अमित कुमार ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस इस पूरे मामले को गलत तरीके से जातिवाद से जोड़ रहे हैं। उनके मुताबिक, ऐसा करके समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश की जा रही है। वहीं, कांग्रेस की ओर से खरगे के साथ कथित तौर पर हुए व्यवहार को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

हल्द्वानी विवाद में अब सियासी बयानबाजी तेज

हल्द्वानी का यह मामला अब मंच के कथित शुद्धिकरण से आगे बढ़कर जाति, सामाजिक बराबरी और राजनीतिक विचारधारा की बहस में बदल गया है। एक तरफ राहुल गांधी के खिलाफ FIR और शिकायतकर्ता के आरोप हैं, तो दूसरी तरफ संजय राउत ने BJP और RSS से स्पष्टीकरण मांगा है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और बढ़ने के आसार हैं।