Nepal Flood: नेपाल में भोटेकोशी नदी का कहर, 469 शव मिले; 977 लोग अब भी लापता

नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ से तबाही मची है। NDRRMA के अनुसार 469 शव बरामद हुए हैं और 977 लोग अब भी लापता हैं। राहत अभियान में 15 हेलीकॉप्टर और 13,295 सुरक्षाकर्मी जुटे हैं। नदी का रास्ता बंद होने से बनी झील ने नई बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है।

Nepal Flood

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 28, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

Nepal Flood: नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों में बड़े स्तर पर सर्च, रेस्क्यू और राहत अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 1,176 लोगों को हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित निकाला जा चुका है। अभियान में नेपाली सेना के 6 और निजी कंपनियों के 9 हेलीकॉप्टर समेत कुल 15 हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं।

रसुवा बाढ़ में 469 शव बरामद, 977 लोगों के लापता होने की खबर

बताते चले कि, भोटेकोशी नदी की बाढ़ और इससे जुड़े हादसों में अब तक 469 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। चितवन में सबसे ज्यादा 137 शव मिले हैं, जबकि नवलपरासी ईस्ट में 87, धादिंग में 33, गोरखा में 32, तनहुं और नुवाकोट में 28-28, नवलपरासी वेस्ट में 27 और रसुवा में 17 शव बरामद हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 977 लोग अभी लापता हैं। इनमें नेपाल पुलिस, सेना, सशस्त्र पुलिस बल, सीमा शुल्क और आव्रजन विभाग के कर्मचारी भी शामिल हैं।

नेपाल में बाढ़ के बाद घायलों का इलाज जारी

आपको बता दे कि, बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत के साथ चिकित्सा सेवाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। कुल 130 घायलों का इलाज किया गया है। इनमें 67 लोग अभी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि 48 लोगों को इलाज के बाद छुट्टी मिल चुकी है। 14 घायलों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर किया गया है।

नेपाल बाढ़ राहत अभियान में 13,295 सुरक्षाकर्मी तैनात

सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में 13,295 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। इनमें नेपाल पुलिस के 7,250, नेपाली सेना के 4,200 और सशस्त्र पुलिस बल के 1,845 जवान शामिल हैं। जवान प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश, सुरक्षित निकासी और राहत सामग्री पहुंचाने का काम कर रहे हैं।

भोटेकोशी नदी में फिर बाढ़ का खतरा

प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है। शुरुआती सैटेलाइट अध्ययन में पता चला है कि रसुवागढ़ी सीमा से करीब 18 किलोमीटर ऊपर नदी का रास्ता एक जगह बंद हो गया है। इससे करीब 0.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में पानी जमा होकर झील बन गई है। अधिकारियों को आशंका है कि आसपास ऐसी अन्य छोटी झीलें भी बन सकती हैं। अगर जमा पानी अचानक बाहर निकला तो निचले इलाकों में दोबारा तेज बाढ़ आ सकती है।

रसुवा और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई

संभावित खतरे को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन नदी के जलस्तर और पानी जमा होने वाले क्षेत्रों पर लगातार नजर रख रहा है, ताकि अचानक आने वाली बाढ़ की स्थिति में लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।

नेपाल बाढ़ से बंद सड़कें खोलने के लिए भारी मशीनें तैनात

बाढ़ और मलबे के कारण कई प्रमुख सड़क मार्ग बाधित हुए हैं। देवीघाट में सड़क से मलबा हटाने का काम पूरा कर लिया गया है। वहीं गलछी-बिदुर-त्रिशूली और बैरेनी-मुग्लिन मार्ग पर रास्ता साफ करने के लिए भारी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। धुंचे-ग्रांग और बिदुर-त्रिशूली-धुंगे समेत कई सेक्शन में भी सड़क बहाली का काम जारी है।

नेपाल सरकार ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग को 2.50 करोड़ रुपये दिए

बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए नेपाल सरकार ने आर्थिक मदद भी जारी की है। रसुवा और नुवाकोट को 1-1 करोड़ नेपाली रुपये, जबकि धादिंग को 50 लाख रुपये की राहत राशि दी गई है। तीनों जिलों के लिए कुल 2 करोड़ 50 लाख नेपाली रुपये जारी हुए हैं। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों में तंबू, कंबल, स्लीपिंग बैग, मच्छरदानी, सोलर लैंप, जनरेटर और पानी समेत जरूरी सामान भेजे जा रहे हैं।

भोटेकोशी बाढ़ के बीच पेट्रोल-डीजल की सप्लाई जारी

राहत अभियान प्रभावित न हो, इसके लिए ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। नुवाकोट में करीब 23 हजार लीटर डीजल और 6 हजार लीटर पेट्रोल उपलब्ध था। इसके अलावा 18 हजार लीटर डीजल और 18 हजार लीटर पेट्रोल की नई खेप भेजी गई है। हेलीकॉप्टर अभियान के लिए विमानन ईंधन की भी व्यवस्था की जा रही है।

नेपाल बाढ़ राहत के लिए 12 आपातकालीन टीमें बनाई गईं

सरकार ने राहत और बचाव अभियान को व्यवस्थित करने के लिए 12 सेक्टर आधारित आपातकालीन टीमें बनाई हैं। इनमें सर्च-रेस्क्यू, स्वास्थ्य सेवा, सड़क एवं परिवहन, बिजली-संचार बहाली, राहत सामग्री, शव प्रबंधन, अंतरराष्ट्रीय सहायता और लापता लोगों की जानकारी जुटाने वाली टीमें शामिल हैं। परिवारों से संपर्क टूटने वाले लोगों को SETU ऐप के जरिए ट्रैक करने की कोशिश भी की जा रही है।

भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ की वजह क्या थी?

NDRRMA की रिपोर्ट के अनुसार, 26 अगस्त 2026 को नेपाल-चीन सीमा के पास ल्हेंडे खोला के उत्तरी इलाके में करीब एक वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बर्फ और चट्टानों का बड़ा हिस्सा ढह गया। इसके बाद जमीन में तेज हलचल हुई और करीब 5.2 तीव्रता के बराबर भूकंपीय संकेत दर्ज किए गए। इस घटना के बाद भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के रास्ते में अचानक तेज बाढ़ आई। अब प्रशासन का फोकस लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने और संभावित नई बाढ़ के खतरे को कम करने पर है।

2