Nepal Flash Flood: नेपाल में भयानक फ्लैश फ्लड से 469 मौतें, भारत और चीन समेत कई देशों की मदद ठुकराई

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद भारत और चीन समेत कई देशों द्वारा भेजी गई बचाव टीमों की मदद को नेपाल ने ठुकरा दिया है।

Nepal Flash Flood

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 28, 2026

Nepal Flash Flood: नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है, जिससे पूरे देश में शोक और संकट का माहौल है। इस आपदा में मरने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है, वहीं राहत और बचाव कार्यों को लेकर नेपाल सरकार का एक बड़ा फैसला भी सामने आया है। देश की अपनी क्षमताओं पर भरोसा जताते हुए नेपाल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली मदद की पेशकश को फिलहाल अस्वीकार कर दिया है।

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त्रासदी का भयावह मंज़र और बढ़ता मौत का आंकड़ा

नेपाल में बुधवार को आई भयानक फ्लैश फ्लड के कारण स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। भोटे कोशी और त्रिशूली कॉरिडोर के आसपास के इलाकों में पानी के तेज बहाव में बहे या फंसे लोगों की तलाश के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। नेपाल पुलिस द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस दिल दहला देने वाली त्रासदी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा, सुरक्षा बलों ने अब तक 1545 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। हालांकि, स्थिति की विभीषणिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभी भी लगभग 1000 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश में सुरक्षा एजेंसियां जुटी हुई हैं। इस आपदा के दौरान ड्यूट पर तैनात 28 पुलिसकर्मियों के भी लापता होने की खबर है।

भारत और चीन समेत कई देशों ने बढ़ाई थी मदद की हाथ

नेपाल में मची इस भारी तबाही के बाद मानवता के नाते भारत और चीन सहित दुनिया के कई देश मदद के लिए आगे आए थे। भारत की ओर से नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) की टीम भेजने की पेशकश की गई थी। इसके साथ ही अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे देशों ने भी अपनी विशेष रेस्क्यू टीमों को नेपाल भेजने का प्रस्ताव रखा था ताकि राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके।

‘हमारी सेना और सुरक्षा बल खुद सक्षम हैं’

विदेशी सहायता की इन पेशकशों पर प्रतिक्रिया देते हुए नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि देश की अपनी सुरक्षा एजेंसियां खोज और बचाव कार्यों को संभालने में पूरी तरह सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि आपदा के समय अन्य देशों द्वारा मदद की पेशकश करना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन फिलहाल नेपाल को किसी भी बाहरी विदेशी मदद की कोई आवश्यकता नहीं है। द काठमांडू पोस्ट को जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि भारत और चीन समेत कई देशों से सहायता के अनुरोध प्राप्त हुए थे, जिन्हें सरकार को विनम्रता से अस्वीकार करना पड़ा।

2015 के कड़वे अनुभवों से लिया सबक

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नेपाल सरकार द्वारा विदेशी रेस्क्यू टीमों को हरी झंडी न देने के पीछे साल 2015 की विनाशकारी भूकंपीय आपदा के कड़वे अनुभव एक बड़ा कारण रहे हैं। पिछली आपदा के दौरान विदेशी टीमों के समन्वय और प्रबंधन में आई जटिलताओं से सीख लेते हुए इस बार सरकार ने घरेलू संसाधनों और सुरक्षा बलों पर ही पूरा भरोसा जताया है। नेपाल सरकार का यह रुख स्पष्ट करता है कि संकट की इस घड़ी में देश अपनी आंतरिक सुरक्षा प्रणालियों के दम पर ही स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए दृढ़संकल्प है।

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