Nepal Election 2026: हिमालयी देश नेपाल में हाल ही में संपन्न हुए आम चुनावों ने दक्षिण एशिया की राजनीति में एक नई हलचल पैदा कर दी है। इन चुनावों के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल की जनता और वहां की सरकार को हार्दिक बधाई दी है। शनिवार को साझा किए गए अपने संदेश में पीएम मोदी ने इस चुनाव को नेपाल की लोकतांत्रिक यात्रा का एक ‘गौरवपूर्ण क्षण’ करार दिया। भारत और नेपाल के प्रगाढ़ संबंधों को रेखांकित करते हुए उन्होंने आने वाली नई सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई है।
लोकतांत्रिक यात्रा का मील का पत्थर: पीएम मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा कि नेपाली भाइयों और बहनों को उत्साहपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग करते देखना सुखद है। उन्होंने कहा, “यह ऐतिहासिक उपलब्धि नेपाल के लोकतंत्र को और अधिक मजबूत करेगी। एक घनिष्ठ मित्र और पड़ोसी होने के नाते, भारत नेपाल में शांति, प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए पूरी तरह से संकल्पित है।” पीएम मोदी का यह बयान नई दिल्ली और काठमांडू के बीच भविष्य के कूटनीतिक सहयोग की दिशा तय करता है।
आरएसपी की आंधी में उड़े दिग्गज: बालेंद्र शाह का उदय
नेपाल के चुनावी परिणामों ने स्थापित राजनीतिक घरानों और पुराने दलों के वर्चस्व को हिलाकर रख दिया है। रैपर से राजनेता बने बालेंद्र शाह (बालेन) की ‘राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी’ (RSP) एक बड़ी जीत की ओर बढ़ रही है। पार्टी ने चुनाव से पहले ही बालेन को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया था। युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके कड़े रुख ने उन्हें एक जननायक के रूप में स्थापित कर दिया है। चुनावी रुझान संकेत दे रहे हैं कि नेपाल की सत्ता की चाबी अब एक नई सोच के हाथों में जा सकती है।
‘अबकी बार बालेंद्र सरकार’: मधेश और घाटी में क्लीन स्वीप
बालेन ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान खुद को ‘मधेश का बेटा’ बताकर भावनात्मक जुड़ाव पैदा किया। उनकी पार्टी ने ‘अबकी बार बालेंद्र सरकार’ का नारा दिया, जो मतदाताओं के बीच काफी प्रभावी रहा। मधेश प्रांत के आठ जिलों की 32 सीटों में से आरएसपी ने 7 सीटों पर कब्जा कर लिया है और 23 अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में भारी बढ़त बनाए हुए है। यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मधेश हमेशा से पारंपरिक दलों का गढ़ रहा है।
काठमांडू घाटी में विरोधियों का सूपड़ा साफ
पार्टी के प्रदर्शन का सबसे चौंकाने वाला पहलू काठमांडू घाटी में उसकी प्रचंड जीत है। चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, आरएसपी ने काठमांडू जिले की सभी 10 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इसके अतिरिक्त, भक्तपुर की दो और ललितपुर की एक सीट भी पार्टी के खाते में आई है। काठमांडू घाटी की कुल 15 सीटों में से अधिकांश पर जीत दर्ज कर बालेन ने यह साबित कर दिया है कि शहरी और शिक्षित मतदाता बदलाव के पक्ष में हैं। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन बालेन के नेतृत्व में किए गए मेगा रोड शो ने पूरी फिजा बदल दी थी।
पारंपरिक दलों की स्थिति: नेपाली कांग्रेस और कम्युनिस्टों का हाल
जहाँ एक ओर आरएसपी सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है, वहीं पारंपरिक दल काफी पीछे छूट गए हैं। नेपाली कांग्रेस ने अब तक छह सीटों पर जीत हासिल की है और 12 अन्य पर आगे चल रही है। दूसरी ओर, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) केवल दो सीटों पर सिमटती नजर आ रही है और छह अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में बढ़त बनाए हुए है। यह परिणाम स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि नेपाल की जनता अब पुरानी विचारधाराओं से इतर विकास और पारदर्शिता की नई राजनीति की ओर देख रही है।
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