Uttarakhand News: उत्तराखंड में शिक्षकों की तैनाती और प्रशिक्षण व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) में अब शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अलग-अलग कैडर बनाया जाएगा। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद दोनों संस्थानों में शिक्षकों और अधिकारियों की तैनाती के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग पर निर्भरता कम हो जाएगी।
SCERT निदेशक बंदना गर्ब्याल के अनुसार, अलग कैडर बनाने के प्रस्ताव को कार्मिक और वित्त विभाग से मंजूरी मिल चुकी है। प्रस्ताव से संबंधित ड्राफ्ट को भी अंतिम रूप दिया जा चुका है। अब इसे जल्द ही राज्य मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद नई व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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अभी माध्यमिक शिक्षा विभाग से होती है तैनाती

फिलहाल SCERT और प्रदेश के DIET संस्थानों में शिक्षकों की तैनाती मुख्य रूप से माध्यमिक शिक्षा विभाग से प्रतिनियुक्ति या तबादले के माध्यम से की जाती है। निदेशालय और शासन स्तर पर कार्यरत शिक्षकों को भी इन संस्थानों में तैनाती दी जाती रही है। दूसरी ओर, माध्यमिक शिक्षा विभाग खुद शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। विभाग में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली हैं और इस कमी को पूरा करने के लिए चार हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों की तैनाती भी की गई है। ऐसे में SCERT और DIET में शिक्षकों की तैनाती का अतिरिक्त दबाव माध्यमिक शिक्षा विभाग पर पड़ रहा है। अलग कैडर बनने के बाद इस स्थिति में बदलाव आने की उम्मीद है और दोनों संस्थानों के लिए आवश्यकता के अनुसार अलग से शिक्षक भर्ती की जा सकेगी।
SCERT में होंगे प्रोफेसर और प्रशासनिक पद
प्रस्तावित नए ढांचे के तहत SCERT में अलग-अलग शैक्षणिक और प्रशासनिक पद निर्धारित किए जाएंगे। यहां असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के पद होंगे। इसके अलावा अपर निदेशक और निदेशक जैसे पद भी प्रस्तावित कैडर का हिस्सा होंगे। नई व्यवस्था के तहत SCERT में अधिकारियों के पद प्रशासनिक संवर्ग से जुड़े होंगे। इससे संस्थान की शैक्षणिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को अलग-अलग स्तर पर व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
DIET में प्रवक्ता से प्राचार्य तक पद
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों यानी DIET के लिए भी स्वतंत्र कैडर बनाया जाएगा। इसमें प्रवक्ताओं के साथ उप प्राचार्य और प्राचार्य के पद शामिल होंगे। अलग कैडर बनने के बाद DIET में अकादमिक संवर्ग से जुड़े अधिकारी और शिक्षक ही तैनात किए जाएंगे। इस व्यवस्था से शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में विशेषज्ञ शिक्षकों और अकादमिक अधिकारियों की स्थायी तैनाती का रास्ता साफ हो सकता है।
अलग नियमावली बनाकर होगी भर्ती
SCERT और DIET के लिए अलग कैडर बनने के बाद नियुक्तियों और पदोन्नति से संबंधित नियम भी अलग होंगे। इसके लिए स्वतंत्र नियमावली तैयार की जाएगी। नियमावली बनने के बाद इन संस्थानों में शिक्षकों की भर्ती अलग प्रक्रिया के तहत की जा सकेगी। सरकार की इस पहल का उद्देश्य SCERT और DIET की शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने के साथ माध्यमिक शिक्षा विभाग पर अतिरिक्त तैनाती का बोझ कम करना है। अब प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी के बाद किस तरह लागू होता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।










