गणतंत्र दिवस पर लापरवाही पड़ी भारी, मैहर स्कूल के प्राचार्य पर कमिश्नर का एक्शन

मैहर मध्यप्रदेश में मैहर जिले के शासकीय हाई स्कूल भटिगवां में गणतंत्र दिवस 26 जनवरी पर बच्चों को थाली की जगह रद्दी कागज पर मिड-डे मील परोसने के शर्मनाक मामले में प्रशासन ने एक्शन लिया है। मामले में घोर लापरवाही बरतने पर रीवा संभाग के कमिश्नर बी.एस. जामोद ने स्कूल के प्रभारी प्राचार्य सुनील कुमार त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। हैरानी की बात यह है कि प्रशासन ने प्राचार्य को सफाई देने का मौका दिया था, लेकिन उन्होंने नोटिस का जवाब देना भी मुनासिब नहीं समझा है। नोटिस मिला, पर नहीं दिया जवाब दरअसल, गणतंत्र दिवस

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Published On :

जनवरी 30, 2026

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मैहर
मध्यप्रदेश में मैहर जि
ले के शासकीय हाई स्कूल भटिगवां में गणतंत्र दिवस 26 जनवरी पर बच्चों को थाली की जगह रद्दी कागज पर मिड-डे मील परोसने के शर्मनाक मामले में प्रशासन ने एक्शन लिया है। मामले में घोर लापरवाही बरतने पर रीवा संभाग के कमिश्नर बी.एस. जामोद ने स्कूल के प्रभारी प्राचार्य सुनील कुमार त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। हैरानी की बात यह है कि प्रशासन ने प्राचार्य को सफाई देने का मौका दिया था, लेकिन उन्होंने नोटिस का जवाब देना भी मुनासिब नहीं समझा है।

नोटिस मिला, पर नहीं दिया जवाब

दरअसल, गणतंत्र दिवस के दिन जिले के हाई स्कूल भटिगवां में मिड डे मील में बच्चों को कागज के पन्नों पर हलुआ पूड़ी परोसा गया था। इसका वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ। घटना के बाद सरकार की किरकिरी हुई। इसके बाद मैहर कलेक्टर ने प्राचार्य के निलंबन का प्रस्ताव कमिश्नर को भेजा था। कमिश्नर कार्यालय ने सुनील त्रिपाठी को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया। दो दिन के भीतर जवाब मांगा। लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी प्रभारी प्राचार्य ने कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया। उनकी इस चुप्पी और लापरवाही को देखते हुए कमिश्नर ने निलंबन की कार्रवाई की है।

कमिश्नर ने घटना को बताया निंदनीय
कमिश्नर बी.एस. जामोद ने अपने आदेश में स्पष्ट लिखा है कि एक संस्था प्रमुख के रहते हुए राष्ट्रीय पर्व पर छात्रों के लिए भोजन की उचित व्यवस्था न करना और कागज पर खाना परोसना अत्यंत निंदनीय है। आदेश में कहा गया है कि प्रभारी प्राचार्य सुनील कुमार त्रिपाठी की लापरवाही से विद्यालय में अव्यवस्था निर्मित हुई और शासन-प्रशासन की छवि धूमिल हुई। यह कृत्य पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता का द्योतक है जो मप्र सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के प्रतिकूल होकर गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है। निलंबन अवधि के दौरान सुनील कुमार त्रिपाठी का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, सतना नियत किया गया है। उन्हें निलंबन काल में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

श्योपुर के बाद मैहर में हुआ ऐसा मामला
गौरतलब है कि पिछले साल मध्यप्रदेश में श्योपुर जिले के विजयपुर से भी इस तरह की घटना सामने आई थी, जहां माध्यमिक शाला में बच्चों को थाली की जगह रद्दी कागज पर मिड-डे मील परोसे जाने का मामला सामने आया था। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने स्कूल प्रभारी को निलंबित कर दिया था और मिड-डे मील सप्लाई करने वाले स्व-सहायता समहू का टेंडर रद्द कर दिया था।

 

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