योजना क्रियान्वयन में लापरवाही नहीं चलेगी, 100% उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश

भोपाल  मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने कहा है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य के विकास कार्यों को प्रमुखता दे। मुख्य सचिव  जैन ने मंत्रालय में कलेक्टर- कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उक्त निर्देश दिये। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि केंद्र प्रवर्तित योजनाओं और निर्माण कार्यों को समय अवधि में पूर्ण करें। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में योजना बनाकर क्रियान्वयन में शत प्रतिशत उपलब्धि हासिल किया जाना सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव 

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Published On :

फ़रवरी 19, 2026

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भोपाल 

मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने कहा है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य के विकास कार्यों को प्रमुखता दे। मुख्य सचिव  जैन ने मंत्रालय में कलेक्टर- कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उक्त निर्देश दिये। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि केंद्र प्रवर्तित योजनाओं और निर्माण कार्यों को समय अवधि में पूर्ण करें। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में योजना बनाकर क्रियान्वयन में शत प्रतिशत उपलब्धि हासिल किया जाना सुनिश्चित करें।

मुख्य सचिव  जैन ने ग्रामीण विकास एवं जनजातीय कार्य की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना में चयनित गांवों को बुनियादी सुविधाओं, गौपालन और डेयरी विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर और "आदर्श ग्राम" के रूप में विकसित करने के लिए 31 मार्च तक विजन डॉक्यूमेंट को पूर्ण करने के निर्देश दिए। समीक्षा में उन्होंने पंचायत स्तर पर नए राजस्व स्रोतों को विकसित करने पर जोर दिया। मुख्य सचिव  जैन ने जल जीवन मिशन में एकल नल जल योजना की समीक्षा करते हुए रीवा, सिंगरौली, मऊगंज, सीधी, मुरैना और भिंड कलेक्टर्स को कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिये। जिला पंचायत और जनपद पंचायत के नवीन स्वीकृत भवनों के लिए निवाड़ी, पांढुर्ना, नीमच, बैतूल, हरदा, अशोकनगर, ग्वालियर, शिवपुरी और भिंड को शीघ्रता से भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य ऐसे क्षेत्र है जो समाज के भविष्य को प्रभावित करते है। प्रदेश और समाज के विकास के लिए इन दोनों क्षेत्र में काम करना आवश्यक है। शिक्षा विभाग की योजनाओं की जिलों में क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव  जैन ने नवीन सत्र में नामांकन बढ़ाने और ड्राप आउट को जीरो करने पर जोर दिया। उन्होंने शाला के बाहर के चिन्हांकित बच्चों में से एजुकेशन पोर्टल 3.0 में दर्ज विद्यार्थियों के प्रोफाइल प्रतिशत बढ़ाने पर जबलपुर संभाग और पन्ना एवं बालाघाट जिले की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जनगणना का कार्य प्रदेश में किया जाना है, इसलिए जनगणना कार्य की अवधि को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक सत्र संचालित करें ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि बच्चों का एलिमेंट्री प्री स्कूल एजुकेशन सबसे महत्वपूर्ण है। यही पढ़ाई उनके आईक्यू में परिलक्षित होती है, इसलिए आगनबाड़ी में 3-6 वर्ष के बच्चों के पंजीयन को बढ़ाये। गाँव में जाकर सैंपलिंग चेकिंग करें पालकों से वन टू वन चर्चा करे। इसके लिए अपने जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला बाल विकास के अधिकारियों के समन्वय से कार्य कराये।

मुख्य सचिव  जैन ने 8 मार्च, महिला दिवस तक सभी शासकीय शालाओं में बालिका शौचालय के निर्माण को पूर्ण करने के लिए विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव  जैन ने शासकीय विद्यालयों के भवनों की आवश्यकतानुसार मरम्मत और निर्माण कार्य को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीर्ण शीर्ण भवनों को डिस्मेंटल कराये और जरूरी होने पर बच्चों को दूसरे भवन में स्थानांतरित भी करें।

रोजगार, उद्योग और निवेश से संबंधित केंद्र और राज्य की प्रमुख योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव  जैन ने योजनाओं का लाभ सभी पात्र व्यक्तियों को देने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना और संत रविदास स्वरोजगार योजना आदि की जिलों में क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की और प्रकरणों के प्रभावी निराकरण के लिए निर्देशित किया।

मुख्य सचिव  जैन ने 'एक जिला-एक उत्पाद' योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि जिला के उत्पादों को जीआई टैग दिलवाने के प्रयास करें। उत्पादों की मार्केटिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान दे। उन्होंने कहा कि कारीगरों के कौशल संवर्धन पर ध्यान देने की आवश्यकता है। आवश्यकतानुसार एक से अधिक उत्पादों को 'एक जिला-एक उत्पाद' में शामिल करने के लिए भी प्रस्ताव भेजे। मुख्य सचिव  जैन ने डिस्ट्रिक्ट बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान की पहल के अंतर्गत जिलो में 'ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस' को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिये।

प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि इसमें जितना अधिक कार्य किया जाएगा प्रदेश के लिए उतना अच्छा होगा। यह बहुत महत्वपूर्ण योजना है। सभी कलेक्टर अपने जिलों में इस कार्य को प्राथमिकता दें। मुख्य सचिव  जैन ने सुशासन, शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, संकल्प से समाधान, सीएम हेल्पलाइन का समय सीमा में निराकरण, कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत कृषकों को योजनाओं का लाभ देने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिये। बैठक में संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव आदि उपस्थित रहें।

 

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