NEET Online Exam : नीट (NEET) 2026 परीक्षा को लेकर देश भर में चल रहे भारी विवाद और छात्रों के आक्रोश के बीच आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने और छात्रों के हित में कई बड़े कदमों की घोषणा की। शिक्षा मंत्री ने आधिकारिक तौर पर साफ कर दिया कि आगामी वर्ष यानी अगले साल से नीट की परीक्षा पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित यानी ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जाएगी। सरकार का यह कदम पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याओं को जड़ से खत्म करने और पूरी चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी व सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की साख और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की भूमिका और उसकी जिम्मेदारी पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि एनटीए एक अत्यंत महत्वपूर्ण संस्था है, जिसका गठन सुप्रीम कोर्ट के आदेश और दिशा-निर्देशों के बाद किया गया था। यह एजेंसी देश के लगभग एक करोड़ से अधिक बच्चों की विभिन्न प्रतियोगी और पात्रता परीक्षाओं को आयोजित कराने का विशाल कार्य संभालती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हालिया घटनाक्रमों से सबक लेते हुए एनटीए के भीतर बड़े प्रशासनिक और तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में छात्रों के भरोसे को ठेस न पहुंचे।
प्रभावित छात्रों को बड़ी राहत: एनटीए वापस करेगी पूरी आवेदन फीस
नीट परीक्षा में हुई अनियमितताओं और गड़बड़ियों के कारण मानसिक व आर्थिक परेशानी झेल रहे छात्रों के लिए शिक्षा मंत्री ने एक बड़ी राहत भरी घोषणा की है। उन्होंने बताया कि एनटीए ने यह संवेदनशील और बड़ा फैसला लिया है कि वह प्रभावित उम्मीदवारों की पूरी आवेदन फीस वापस करेगी। सरकार के इस कदम का उद्देश्य उन लाखों छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को आर्थिक संबल देना है, जो व्यवस्था की कमियों के कारण परेशान हुए हैं। फीस वापसी की प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और सरल रखा जाएगा ताकि छात्रों को राशि सीधे उनके बैंक खातों में बिना किसी देरी के मिल सके।
छात्रों को मिली बड़ी आजादी: अब खुद चुन सकेंगे परीक्षा के लिए मनपसंद शहर
आगामी री-एग्जाम और भविष्य की परीक्षाओं को अधिक सुगम बनाने के लिए जिला और केंद्र आवंटन नीति में भी बड़ा बदलाव किया गया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि अब छात्रों को परीक्षा के लिए अपनी पसंद का शहर चुनने की पूरी आजादी दी जाएगी। पहले कई उम्मीदवारों को उनके गृह राज्य या शहर से काफी दूर परीक्षा केंद्र आवंटित होने के कारण लंबी यात्राएं करनी पड़ती थीं, जिससे उन्हें भारी असुविधा होती थी। अब छात्र अपनी सुविधा के अनुसार प्राथमिकता वाले शहरों का चयन कर सकेंगे, जिससे परीक्षा के दिन होने वाली भागदौड़ और मानसिक तनाव से उन्हें बड़ी मुक्ति मिलेगी।
एडमिट कार्ड जारी होने की समय-सीमा तय, 14 जून तक पहुंचेंगे प्रवेश पत्र
पुनरीक्षा की तैयारियों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए मंत्रालय पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है। शिक्षा मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों को आश्वस्त करते हुए समय सारणी की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया कि परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड (प्रवेश पत्र) आगामी 14 जून तक सभी संबंधित उम्मीदवारों तक अनिवार्य रूप से पहुंचा दिए जाएंगे। डिजिटल माध्यम से छात्र अपने एडमिट कार्ड एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे। समय रहते प्रवेश पत्र जारी होने से छात्र अपने परीक्षा केंद्र की भौगोलिक स्थिति को पहले से समझ सकेंगे और अपनी यात्रा की योजना समय पर बना पाएंगे।
परीक्षा की विश्वसनीयता बहाल करने और तकनीकी सुरक्षा पर विशेष जोर
अंत में, शिक्षा मंत्री ने देश के सभी मेडिकल परीक्षार्थियों और उनके माता-पिता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार देश की इस सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा की साख और विश्वसनीयता को बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। अगले साल से लागू होने वाली ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली में आधुनिक एन्क्रिप्शन, डिजिटल लॉकिंग और एआई-आधारित निगरानी तकनीकों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार का पूरा ध्यान अब इस बात पर केंद्रित है कि देश के भविष्य के डॉक्टरों का चयन पूरी तरह से योग्यता, ईमानदारी और निष्पक्षता के आधार पर सुनिश्चित किया जा सके।
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