NEET UG Counselling 2026 : मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत की खबर है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने नीट यूजी काउंसलिंग 2026 के तहत एमबीबीएस सीटों के लिए स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सोमवार, 2 नवंबर से अभ्यर्थी इस विशेष चरण के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और चॉइस फिलिंग कर सकते हैं। इस राउंड का उद्देश्य देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में खाली बची सीटों को भरना है। रिपोर्टों के मुताबिक, देशभर में करीब 2,000 एमबीबीएस सीटें अब भी खाली हैं।
4 नवंबर तक पूरा करना होगा रजिस्ट्रेशन
एमसीसी की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड के लिए रजिस्ट्रेशन और भुगतान की सुविधा 2 नवंबर से शुरू हो गई है। आवेदन करने की अंतिम तारीख 4 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। इस दिन दोपहर 3 बजे तक रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा। वहीं फीस भुगतान की सुविधा शाम 6 बजे तक उपलब्ध रहेगी। अभ्यर्थियों को सलाह है कि अंतिम समय की तकनीकी परेशानी से बचने के लिए समय रहते आवेदन और भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर लें।
चॉइस फिलिंग और लॉकिंग की महत्वपूर्ण तारीखें
रजिस्ट्रेशन के साथ ही उम्मीदवार अपनी पसंद के मेडिकल कॉलेजों और उपलब्ध सीटों के विकल्प भर सकते हैं। चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया 2 नवंबर से 5 नवंबर तक चलेगी। हालांकि, चॉइस लॉक करने की सुविधा 4 नवंबर शाम 4 बजे से शुरू होगी और 5 नवंबर सुबह 11 बजे तक उपलब्ध रहेगी। उम्मीदवारों को अपनी प्राथमिकताएं ध्यान से तय करनी चाहिए, क्योंकि लॉक होने के बाद विकल्पों में बदलाव का अवसर सीमित हो सकता है। सभी समय एमसीसी के सर्वर टाइम के अनुसार लागू होंगे।
7 नवंबर को जारी होगा सीट आवंटन परिणाम
एमसीसी के कार्यक्रम के मुताबिक, सीट आवंटन की प्रक्रिया 5 और 6 नवंबर को पूरी की जाएगी। इसके बाद 7 नवंबर 2026 को परिणाम जारी किया जाएगा। जिन अभ्यर्थियों को सीट आवंटित होगी, उन्हें 7 नवंबर से 16 नवंबर तक संबंधित कॉलेज में रिपोर्ट करना होगा। रिपोर्टिंग की अंतिम समय सीमा 16 नवंबर शाम 5 बजे निर्धारित की गई है। आवंटित सीट पर प्रवेश लेने के लिए उम्मीदवारों को निर्धारित समय में जरूरी दस्तावेजों के साथ कॉलेज पहुंचना होगा।
कौन कर सकता है स्पेशल स्ट्रे राउंड में आवेदन?
इस राउंड में वही अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं जो एमसीसी के निर्धारित पात्रता नियमों को पूरा करते हों और पहले के ऑल इंडिया कोटा या राज्य काउंसलिंग राउंड में कोई सीट अपने पास नहीं रखे हुए हों। पहले किसी राउंड में सीट लेकर प्रवेश प्राप्त कर चुके उम्मीदवार पात्र नहीं होंगे। इसके अलावा, एमसीसी के राउंड-3 में सीट आवंटित होने के बावजूद रिपोर्ट नहीं करने वाले अभ्यर्थियों पर भी अपात्रता का नियम लागू होता है। इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक सूचना और पात्रता शर्तें ध्यान से पढ़ना जरूरी है।
एमबीबीएस के साथ बीडीएस और नर्सिंग की काउंसलिंग भी
एमसीसी के जारी कार्यक्रम में एमबीबीएस स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड के साथ बीडीएस और बीएससी नर्सिंग के पांचवें राउंड का शेड्यूल भी शामिल है। हालांकि, करीब 2,000 खाली सीटों का आंकड़ा मुख्य रूप से एमबीबीएस सीटों से संबंधित बताया गया है। खाली सीटों की वास्तविक संख्या, कॉलेज और श्रेणीवार विवरण जानने के लिए अभ्यर्थियों को एमसीसी की ओर से जारी सीट मैट्रिक्स देखनी चाहिए।
चॉइस भरने से पहले फीस और कॉलेज की जानकारी जांचें
यह चरण अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए कॉलेजों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए। उम्मीदवार उन्हीं संस्थानों को प्राथमिकता दें जहां वे वास्तव में दाखिला लेने और पढ़ाई करने के इच्छुक हैं। खासतौर पर निजी मेडिकल कॉलेजों और डीम्ड यूनिवर्सिटी में विकल्प भरने से पहले ट्यूशन फीस, हॉस्टल शुल्क और अन्य खर्चों की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर लें।
जरूरी दस्तावेज पहले से रखें तैयार
सीट आवंटित होने के बाद रिपोर्टिंग के लिए कम समय मिलेगा। ऐसे में नीट यूजी एडमिट कार्ड, स्कोरकार्ड, दसवीं और बारहवीं की मार्कशीट, पहचान पत्र, लागू होने पर जाति प्रमाण पत्र, प्रोविजनल सीट अलॉटमेंट लेटर और पासपोर्ट साइज फोटो पहले से तैयार रखें। उम्मीदवारों को आवेदन, पात्रता, फीस और रिपोर्टिंग से जुड़े अंतिम निर्देशों के लिए एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर नियमित नजर रखनी चाहिए।











