UP AQI Alert: यूपी के इन शहरों में सांस लेना हुआ मुश्किल, कहीं 372 तो कहीं 368 पहुंचा AQI

उत्तर प्रदेश में ठंड शुरू होने से पहले ही वायु प्रदूषण बढ़ने लगा है। नोएडा, गाजियाबाद, लोनी और मेरठ के कई इलाकों में AQI 300 के पार पहुंच गया है। कुछ जगहों पर यह 372 तक दर्ज किया गया। वहीं, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी में हवा की गुणवत्ता अपेक्षाकृत बेहतर रही।

UP AQI Alert

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

नवम्बर 2, 2026

UP AQI Alert: उत्तर प्रदेश में ठंड की शुरुआत से पहले ही वायु प्रदूषण ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। नोएडा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और मेरठ के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के पार पहुंच गया है। सुबह के समय धुंध और स्मॉग के कारण सड़कों पर विजिबिलिटी भी प्रभावित हो रही है। प्रदूषण बढ़ने से लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। वहीं, दिल्ली में प्रदूषण को देखते हुए GRAP-1 लागू किया गया है।

नोएडा में प्रदूषण का स्तर बढ़ा

नोएडा में प्रदूषण का स्तर बढ़ा

नोएडा के कई सेक्टरों में हवा की गुणवत्ता काफी खराब दर्ज की गई है। सुबह के आंकड़ों के मुताबिक, सेक्टर-62 में पीएम 2.5 का स्तर 368, सेक्टर-39 में 335 और सेक्टर-150 में 317 दर्ज किया गया। इसके अलावा सेक्टर-125 में यह 267, सेक्टर-116 में 277 और सेक्टर-1 में 283 रहा। वहीं, ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-III में पीएम 2.5 का स्तर 205 और शिव नादर यूनिवर्सिटी के पास 259 दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से साफ है कि नोएडा और आसपास के इलाकों में प्रदूषण का असर बढ़ रहा है।

गाजियाबाद और लोनी में भी हवा की हालत खराब

गाजियाबाद के कई इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है। इंदिरापुरम में AQI 260 और वसुंधरा में 262 दर्ज किया गया। गोविंदपुरम में स्थिति कुछ बेहतर रही, जहां AQI 127 रहा। हालांकि, वेव सिटी के पास यह 308 और संजय नगर में 311 तक पहुंच गया। लोनी में हवा की गुणवत्ता और खराब दर्ज की गई। यहां AQI 360 रहा, जबकि नई तहसील लोनी में यह बढ़कर 372 पहुंच गया। खोड़ा के प्रशांत गार्डन इलाके में भी AQI 303 दर्ज किया गया। वहीं, मोदीनगर में एसआरएम यूनिवर्सिटी के पास यह 257 रहा।

मेरठ में भी प्रदूषण का असर

मेरठ के कई इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता खराब हो गई है। जय भीम नगर में AQI 325 और पल्लवपुरम फेस-2 में 329 दर्ज किया गया। गंगा नगर के पास AQI 252 रहा, जबकि एमआईईटी कॉलेज के आसपास यह 91 दर्ज किया गया।मुजफ्फरनगर में भी प्रदूषण का असर देखने को मिला। यहां न्यू मंडी इलाके में AQI 264 और बुढ़ाना मोड़ के पास 226 दर्ज किया गया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इन शहरों में बढ़ता प्रदूषण लोगों के लिए चिंता का कारण बन रहा है।

आगरा में भी खराब हुई हवा

आगरा में भी खराब हुई हवा

आगरा के कुछ इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता खराब दर्ज की गई। शास्त्रीपुर में AQI 202 और रोहता में 216 रहा। वहीं, शाहजहां गार्डन में 118, सेक्टर-3बी आवास विकास कॉलोनी में 137, मनोहरपुर में 122 और संजय पैलेस के पास 173 दर्ज किया गया।

लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी में हवा की स्थिति बेहतर

जहां पश्चिमी यूपी के कई शहर प्रदूषण से जूझ रहे हैं, वहीं लखनऊ के कुछ इलाकों में हवा की गुणवत्ता अपेक्षाकृत बेहतर दर्ज की गई। बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी के पास AQI 38, कुकरैल पिकनिक स्पॉट-1 के पास 37 और तालकटोरा डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्री सेंटर के पास 52 रहा। लालबाग में AQI 77, गोमती नगर में 140 और केंद्रीय विद्यालय के पास 41 दर्ज किया गया।

प्रयागराज में मोतीलाल नेहरू एनआईटी के पास AQI 38, नगर निगम के पास 88 और झूंसी में 50 रहा। वाराणसी के मलदहिया में 77 और भेलूपुर में 81 दर्ज किया गया। इन शहरों के आंकड़े पश्चिमी यूपी के मुकाबले बेहतर रहे।

बरेली और झांसी में भी दर्ज हुआ प्रदूषण

बरेली के राजेंद्र नगर में AQI 184 और सिविल लाइन्स में 57 दर्ज किया गया। झांसी के शिवाजी नगर में AQI 92 रहा। यानी प्रदेश के अलग-अलग शहरों में हवा की गुणवत्ता में काफी अंतर देखने को मिल रहा है।

दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के इलाकों में प्रदूषण बढ़ने के बीच राजधानी में GRAP-1 लागू किया गया है। नोएडा, गाजियाबाद, लोनी और मेरठ के कई इलाकों में AQI का 300 के पार पहुंचना चिंता बढ़ा रहा है। ऐसे में लोगों को खासकर सुबह और शाम के समय बाहर निकलते वक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों को प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से बचना चाहिए।

2