NEET Paper Leak: देशभर में नीट (NEET) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक और कथित गड़बड़ियों को लेकर आक्रोश थमता नहीं दिख रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का विरोध प्रदर्शन आज छठे दिन भी जारी रहा। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में छात्र और समर्थक शिक्षा व्यवस्था में सुधार और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका यह सत्याग्रह जारी रहेगा।
जन्मदिन के बहाने शिक्षा मंत्री पर अनोखा तंज
आपको बता दे कि, विरोध प्रदर्शन के दौरान सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार और शिक्षा मंत्री को घेरने के लिए एक नया और दिलचस्प तरीका अपनाया। दरअसल, 26 जून को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का जन्मदिन है। इस अवसर पर दीपके ने व्हाइटबोर्ड पर “हैप्पी बर्थडे धर्मेंद्र प्रधान, कृपया इस्तीफा दें” लिखकर एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वे मंत्री को जन्मदिन के उपहार के रूप में एक इस्तीफा पत्र भेज रहे हैं, जिस पर उन्हें केवल अपने हस्ताक्षर या अंगूठा लगाने की औपचारिकता पूरी करनी है।
गोपनीय कागजात पर सवाल और सरकार की चुप्पी
प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके ने नीट पेपर लीक को लेकर सरकार की लचर व्यवस्था पर कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, “जब विरोध प्रदर्शन करने वालों के सोशल मीडिया अकाउंट्स को गोपनीय आदेशों के तहत ब्लॉक किया जा सकता है, तो फिर नीट का पेपर गोपनीय क्यों नहीं रखा जा सका?” उन्होंने आगे कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले सिस्टम को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दीपके का आरोप है कि पेपर लीक के कारण न केवल छात्रों का समय बर्बाद हुआ है, बल्कि कई मेधावी छात्रों ने अवसाद में आकर जान तक गंवाई है।
टैक्सपेयर छात्रों के अपमान का आरोप
प्रदर्शन स्थल से दीपके ने सरकार की संवेदनशीलता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि वे और उनके समर्थक टैक्स देने वाले नागरिकों के बच्चे हैं, लेकिन सरकार उन्हें आतंकवादी जैसा बर्ताव कर रही है। उन्होंने कहा, “क्या यह शर्मनाक नहीं है कि देश का युवा जब अपने भविष्य के लिए आवाज उठाता है, तो उसे दबाने की कोशिश की जाती है?” सीजेपी का दावा है कि जब तक शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार की जड़ें नहीं खोदी जातीं और मंत्री स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।
भविष्य की रणनीति और छात्रों का समर्थन
जंतर-मंतर पर जारी इस प्रदर्शन को लगातार युवाओं का समर्थन मिल रहा है। सीजेपी की मांग है कि नीट की परीक्षाओं को पारदर्शी बनाया जाए और पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ सख्त कानून लागू हो। आंदोलनकारियों का मानना है कि केवल इस्तीफे से काम नहीं चलेगा, बल्कि शिक्षा मंत्रालय की पूरी कार्यप्रणाली में आमूलचूल बदलाव की आवश्यकता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार इस प्रदर्शन पर क्या रुख अपनाती है और कब तक इन छात्रों की मांगों को सुना जाता है।










