NEET Paper Leak: पेपर लीक से कोचिंग तक, CBI ने खोली NEET घोटाले की परत-दर-परत कहानी

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने स्पेशल कोर्ट को बताया कि लातूर के एक कोचिंग संचालक ने परीक्षा से पहले केमिस्ट्री के सवाल हासिल करने के लिए कथित तौर पर ₹5 लाख की डील की थी।

NEET Paper Leak

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 16, 2026

NEET Paper Leak: NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। सीबीआई ने विशेष अदालत (Special Court) के समक्ष इस पूरी साजिश की परत-दर-परत जानकारी साझा की है। जांच एजेंसी के अनुसार, यह कोई अचानक हुई घटना नहीं बल्कि एक बेहद सुनियोजित और गहरी साजिश का हिस्सा थी। इस मामले में महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक नामी कोचिंग सेंटर के संचालक का सीधा कनेक्शन सामने आया है, जिसने परीक्षा से ठीक पहले केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) के गुप्त सवाल हासिल करने के लिए लाखों रुपये का सौदा किया था।

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5 लाख रुपये में खरीदे गए थे सवाल

सीबीआई द्वारा कोर्ट में दाखिल किए गए आधिकारिक जवाब के मुताबिक, लातूर में कोचिंग सेंटर चलाने वाले मुख्य आरोपियों में से एक, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, ने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया।

लाखों की डील: जांच में यह बात सामने आई है कि मोटेगांवकर ने परीक्षा से पहले ही लीक हुए केमिस्ट्री के सवालों को हासिल करने के लिए कथित तौर पर 5 लाख रुपये का गुप्त भुगतान किया था।

छात्रों को लाभ पहुंचाने की कोशिश: इस मोटी रकम के बदले जो सवाल खरीदे गए, उनका मकसद कोचिंग के छात्रों को अनुचित लाभ पहुंचाकर संस्थान का नाम चमकाना और अवैध रूप से मुनाफा कमाना था।

NTA पैनल से जुड़े व्यक्ति से मिले सवाल

इस पूरे मामले का सबसे संवेदनशील और हैरान करने वाला पहलू इसका नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़ा सीधा कनेक्शन है। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि कोचिंग संचालक मोटेगांवकर को ये लीक सवाल किसी बाहरी दलाल से नहीं, बल्कि सीधे पी.वी. कुलकर्णी नाम के व्यक्ति से मिले थे।

पैनल का हिस्सा थे कुलकर्णी: पी.वी. कुलकर्णी उस आधिकारिक और अति-गोपनीय पैनल के सदस्य थे, जिसे NTA ने NEET-UG 2026 का मुख्य प्रश्नपत्र तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी।

पारिवारिक और कोचिंग कनेक्शन: जांच में खुलासा हुआ कि मोटेगांवकर का बेटा खुद कुलकर्णी की पर्सनल केमिस्ट्री ट्यूशन क्लास में पढ़ाई करता था। इसी करीबी संबंध और कोचिंग के जरिए कथित तौर पर परीक्षा के मास्टर क्वेश्चन सेट से सवाल निकालकर बाहर भेजे गए और डील पक्की की गई।

111 सवाल मास्टर सेट से हूबहू मिले

डिजिटल फॉरेंसिक जांच के दौरान सीबीआई ने मोटेगांवकर का मोबाइल फोन जब्त किया, जिसने इस मामले के सबसे पुख्ता सबूत उगल दिए। आरोपी के मोबाइल से कुल 36 तस्वीरें बरामद हुईं, जिनमें से 5 डुप्लिकेट थीं। इन तस्वीरों में हाथ से लिखे हुए केमिस्ट्री के 132 सवाल दर्ज थे।

मास्टर सेट से मिलान: जब सीबीआई ने इन सवालों की जांच NTA के मूल मास्टर क्वेश्चन सेट (Master Question Set) से की, तो अधिकारी भी दंग रह गए। इन 132 सवालों में से 111 सवाल हूबहू मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र से मेल खा रहे थे। यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि नोट्स कुलकर्णी की केमिस्ट्री क्लास में दिए गए लीक सवालों के आधार पर ही तैयार किए गए थे।

सीबीआई ने किया जमानत का पुरजोर विरोध

विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने आरोपी मोटेगांवकर की जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया। जांच एजेंसी ने तर्क दिया कि प्रथम दृष्टया (Prima Facie) मिले सभी डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य सीधे तौर पर आरोपी की मुख्य भूमिका की पुष्टि करते हैं। ऐसे संवेदनशील मोड़ पर आरोपी को जमानत देने से वह गवाहों को डरा सकता है और जारी जांच को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है।

मामले का घटनाक्रम

बता दें कि NEET-UG 2026 की परीक्षा मूल रूप से 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी। इसके तुरंत बाद देश भर में पेपर लीक और धांधली के गंभीर आरोप लगे और व्यापक प्रदर्शन हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एनटीए (NTA) ने 12 मई 2026 को इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द कर दिया था। इसके बाद, 21 जून 2026 को दोबारा नीट परीक्षा आयोजित की गई। फिलहाल सीबीआई इस पूरे रैकेट और देशव्यापी नेटवर्क के अंतिम छोर तक पहुंचने के लिए कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

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