NEET Paper Leak : नीट पेपर लीक पर CBI का बड़ा खुलासा, मास्टर पेपर से मिले 111 सवाल

NEET पेपर लीक मामले में CBI जांच के दौरान बड़ा खुलासा सामने आया है। जांच एजेंसी के अनुसार मास्टर पेपर से 111 सवालों के मिलान की बात सामने आई है। इस खुलासे के बाद परीक्षा की पारदर्शिता और आरोपियों की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।

NEET Paper Leak

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 16, 2026

NEET Paper Leak : नीट-यूजी (NEET-UG) 2024 पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपना कड़ा रुख अख्तियार करते हुए मुख्य आरोपी डॉ. मनोज सिरूरे की जमानत याचिका का दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पुरजोर विरोध किया है। सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने अदालत को स्पष्ट रूप से बताया कि यह मामला केवल एक परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के विरुद्ध एक अत्यंत गंभीर अपराध है। सीबीआई के अनुसार, इस पूरे प्रकरण ने न केवल भारत की शिक्षा प्रणाली की साख पर गहरा आघात किया है, बल्कि लाखों मेधावी छात्रों के सपनों को भी चकनाचूर कर दिया है। एजेंसी ने कहा कि पेपर लीक की वजह से भविष्य को लेकर निराश हुए कई छात्रों ने आत्महत्या जैसा आत्मघाती रास्ता चुना है, जो समाज के लिए बेहद चिंताजनक है।

आरोपी की मुख्य भूमिका और जांच की गंभीरता

डॉ. मनोज सिरूरे पर आरोप है कि उसने नीट परीक्षा के आयोजन से पहले ही गुप्त रूप से प्रश्नपत्र तक पहुंच बनाई और उसे लीक करने वाले संगठित नेटवर्क में एक मुख्य साजिशकर्ता की भूमिका निभाई। जांच एजेंसी ने अदालत से दलील दी कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए और गिरोह के अन्य बड़े साजिशकर्ताओं तक पहुंचने के लिए आरोपी को किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी जानी चाहिए। फिलहाल, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट ने जमानत याचिका पर अपना फैसला 22 जुलाई तक के लिए सुरक्षित रख लिया है।

प्रश्नपत्रों की डिजिटल तस्करी और पुख्ता सबूत

जांच एजेंसी ने खुलासा किया कि इस कांड की जड़ें कितनी गहरी हैं। एजेंसी ने अदालत को बताया कि महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक कोचिंग सेंटर संचालक के मोबाइल से 136 हस्तलिखित केमिस्ट्री के प्रश्न मिले थे, जिनमें से 111 प्रश्न नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के आधिकारिक मास्टर प्रश्नपत्र से पूरी तरह मेल खाते हैं। सीबीआई के मुताबिक, लीक हुए प्रश्नपत्रों की पीडीएफ फाइलें टेलीग्राम जैसे माध्यमों के जरिए 10 लाख रुपये जैसी बड़ी रकम में बेची गईं। इतना ही नहीं, कुछ अभ्यर्थियों को 410 सवालों वाला 150 पन्नों का एक “गेस पेपर” भी उपलब्ध कराया गया था, जिनमें से करीब 120 सवाल परीक्षा के केमिस्ट्री सेक्शन में पूछे गए थे।

अब तक 13 गिरफ्तार, पूरे नेटवर्क की तलाश जारी

सीबीआई ने इस पूरे मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें विभिन्न शिक्षण संस्थानों के शिक्षक और अभ्यर्थी शामिल हैं। ये गिरफ्तारियां दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, पुणे, नासिक, लातूर और अहिल्यानगर जैसे प्रमुख शहरों से की गई हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि यह एक बड़ा रैकेट है, जिसकी जड़ें देशभर में फैली हुई हैं। सीबीआई फिलहाल इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने और इस साजिश में शामिल हर एक चेहरे को बेनकाब करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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