NEET Paper Leak : सीबीआई को मिली प्रोफेसर मनीषा मंधारे की 14 दिनों की हिरासत, अहम सुराग मिलने की उम्मीद,

NEET Paper Leak :  मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी मनीषा मंधारे को आज दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। मामले की गंभीरता और व्यापकता को देखते हुए विशेष सीबीआई जज ने आरोपी मनीषा को 14 दिनों की लंबी सीबीआई हिरासत (रिमांड) में भेजने का आदेश जारी किया है। आपको बता दें कि मनीषा मंधारे पेशे से बॉटनी (वनस्पति विज्ञान) की एक जानी-मानी प्रोफेसर हैं। महाराष्ट्र के पुणे में बतौर बॉटनी टीचर कार्यरत मंधारे को

NEET Paper Leak

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 17, 2026

NEET Paper Leak :  मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी मनीषा मंधारे को आज दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। मामले की गंभीरता और व्यापकता को देखते हुए विशेष सीबीआई जज ने आरोपी मनीषा को 14 दिनों की लंबी सीबीआई हिरासत (रिमांड) में भेजने का आदेश जारी किया है। आपको बता दें कि मनीषा मंधारे पेशे से बॉटनी (वनस्पति विज्ञान) की एक जानी-मानी प्रोफेसर हैं। महाराष्ट्र के पुणे में बतौर बॉटनी टीचर कार्यरत मंधारे को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित एक आलीशान होटल से खुफिया इनपुट के आधार पर गिरफ्तार किया था। इस गुप्त ठिकाने से गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीम उन्हें दिल्ली लेकर आई, जहां गहन और लंबी पूछताछ के बाद उन्हें विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से जुड़ा लिंक: सीधे प्रश्नपत्रों तक थी मनीषा की पहुंच

केंद्रीय जांचकर्ताओं और खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरे रैकेट की जड़ें बहुत गहरी हैं। राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने आरोपी मनीषा मंधारे को एक विषय विशेषज्ञ (एक्सपर्ट) के तौर पर अपनी गोपनीय टीम में नियुक्त किया था। इस विशेष और प्रभावशाली पद पर होने के कारण मनीषा को नीट परीक्षा के बॉटनी और जूलॉजी (जीव विज्ञान) के मूल क्वेश्चन पेपर तक बेहद गोपनीय और सीधी पहुंच हासिल थी। एजेंसी के भरोसे का फायदा उठाते हुए आरोपी ने इस संवेदनशील जानकारी का इस्तेमाल पेपर लीक जैसी देशव्यापी साजिश को अंजाम देने के लिए किया, जिसने देश के लाखों होनहार छात्रों के भविष्य को अधर में लटका दिया।

भारी रकम की वसूली: लीक प्रश्नपत्रों के बदले छात्रों से ऐंठे करोड़ों रुपये

दिल्ली मुख्यालय में हुई शुरुआती पूछताछ के बाद जब सीबीआई ने मंधारे को कोर्ट में पेश किया, तो अदालत के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। केंद्रीय जांच एजेंसी ने विशेष सीबीआई जज को स्पष्ट रूप से बताया कि इस गंभीर अपराध में एनटीए की पूरी कार्यप्रणाली और आंतरिक प्रक्रिया इस समय गहन जांच के दायरे में है। शुरुआती तफ्तीश के विवरणों से यह साफ पता चलता है कि प्रोफेसर मनीषा मंधारे ने परीक्षा से पहले ही क्वेश्चन पेपर लीक करने के बदले में देश भर के कई अमीर छात्रों और उनके अभिभावकों से मोटी रिश्वत वसूली थी। प्रत्येक प्रश्नपत्र और संभावित सवालों की सूची देने के एवज में लाखों-करोड़ों रुपयों का लेन-देन किया गया था, जो शिक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा तमाचा है।

अंदरूनी सांठगांठ का पर्दाफाश: बिचौलियों और उम्मीदवारों का बड़ा नेटवर्क सक्रिय

सीबीआई का दृढ़ता से मानना ​​है कि यह किसी एक व्यक्ति का काम नहीं है, बल्कि इस पूरे काले ऑपरेशन में एनटीए के अंदर बैठे प्रभावशाली लोग, बड़े बिचौलिए (दलाल) और वे उम्मीदवार शामिल थे, जिन्होंने परीक्षा में आने वाले संभावित सवालों को पहले ही हासिल करने के लिए बड़ी रकम चुकाई थी। शिक्षा मंत्रालय के तहत उच्च शिक्षा विभाग से एक लिखित और आधिकारिक शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने 12 मई, 2026 को इस मामले में औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज कर अपनी जांच तेज की थी। इस बड़े घोटाले के सामने आने के बाद सरकार ने पुरानी परीक्षा को रद्द कर दिया है और अब यह नीट परीक्षा आगामी 21 जून को दोबारा पूरे देश में आयोजित की जाएगी।

प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी भी जांच के दायरे में: लंबे समय से तैयार कर रहे थे पेपर

सीबीआई की इस चौतरफा जांच की आंच अब कुछ अन्य रसूखदार शिक्षाविदों तक भी पहुंच चुकी है। जांच में एक और बड़ा नाम सामने आया है— पी.वी. कुलकर्णी, जो केमेस्ट्री (रसायन विज्ञान) के एक प्रतिष्ठित प्रोफेसर हैं। जांच में यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया है कि प्रोफेसर कुलकर्णी ने भी पिछले कई सालों तक नीट (NEET) का अत्यंत गोपनीय क्वेश्चन पेपर तैयार करने वाली आधिकारिक समितियों में सक्रिय रूप से काम किया था। सीबीआई अब मनीषा मंधारे की 14 दिनों की रिमांड अवधि के दौरान कुलकर्णी और मंधारे को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करने की योजना बना रही है। एजेंसी को उम्मीद है कि इस संयुक्त पूछताछ से इस देशव्यापी परीक्षा घोटाले के मास्टरमाइंड और इसमें शामिल अन्य सफेदपोश अपराधियों के चेहरों से नकाब उतर सकेगा।

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