Sonam Wangchuk Hunger Strike: NEET परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब बेहद संवेदनशील मोड़ पर आ गया है। इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मशहूर शिक्षाविद और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन को 17 दिन बीत चुके हैं, जिससे उनका स्वास्थ्य तेजी से गिर रहा है। इस बीच, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बुधवार को वांगचुक से अपना अनशन समाप्त करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार को नसीहत दी कि युवाओं और प्रदर्शनकारियों से संवाद स्थापित करना सरकार की कमजोरी नहीं, बल्कि राजनेताओं की दूरदर्शिता और बड़प्पन को दर्शाता है।
शशि थरूर का खुला पत्र
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आंदोलनकारी छात्रों और सोनम वांगचुक के नाम एक अत्यंत भावुक खुला पत्र साझा किया। अपने पत्र में थरूर ने खुद के जीवन के अनुभवों को जोड़ते हुए लिखा कि वे एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं, जहां ‘योग्यता’ कोई चुनावी नारा नहीं, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने की एकमात्र सीढ़ी होती है। थरूर ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पेपर लीक होते हैं या परीक्षाएं रद्द होती हैं, तो इस देश के अमीरों को कोई फर्क नहीं पड़ता। इसका सीधा और घातक असर गरीब तथा मध्यम वर्ग के होनहार बच्चों पर पड़ता है, जिनके सुनहरे सपने एक झटके में टूट जाते हैं।
संसद सत्र में गूंजेगा मेडिकल प्रवेश परीक्षा विवाद
सोनम वांगचुक की गिरती सेहत पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए शशि थरूर ने उनसे अपने जीवन को खतरे में न डालने का अनुरोध किया है। थरूर ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि आगामी सोमवार से भारतीय संसद का सत्र शुरू होने जा रहा है। लोकतंत्र के इस सबसे बड़े और सर्वोच्च मंच पर देश के लाखों छात्रों और युवाओं की आवाज को पूरी ताकत के साथ उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस धांधली के खिलाफ सदन में सरकार को घेरेगा, इसलिए वांगचुक को अब अपना अनशन वापस ले लेना चाहिए।
जंतर-मंतर पर 25 दिनों से आंदोलन
मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) में सुधार की मांगों को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) पिछले 25 दिनों से राष्ट्रीय राजधानी में लगातार धरना दे रही है। सोनम वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन को अपना समर्थन देने पहुंचे थे और तब से वे लगातार भूख हड़ताल पर हैं। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके के अनुसार, 17 दिनों के कड़े अनशन के कारण वांगचुक का वजन करीब 8.5 किलोग्राम कम हो गया है। उन्हें अत्यधिक शारीरिक दर्द और गंभीर मांसपेशियों के नुकसान (Muscle Loss) का सामना करना पड़ रहा है, जिससे डॉक्टरों की चिंता बढ़ गई है। इस बीच, आंदोलनकारियों ने 5-सूत्रीय परीक्षा सुधार चार्टर जारी करते हुए 20 जुलाई को ‘संसद मार्च’ का भी एलान किया है।
विपक्षी नेताओं और बॉलीवुड हस्तियों का मिला समर्थन
सोनम वांगचुक की नाजुक स्थिति को देखते हुए देश के कई शीर्ष राजनेताओं और फिल्मी दुनिया के दिग्गजों ने उनके समर्थन में आवाज उठाई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, उद्धव ठाकरे और अरविंद केजरीवाल ने वांगचुक से अनशन तोड़ने की भावुक अपील की है। वहीं, सिनेमा जगत से दिग्गज अभिनेत्री ज़ीनत अमान ने सरकार से तुरंत वार्ता शुरू करने का आग्रह करते हुए कहा कि भारत को अपने एक महान दिमाग को इस तरह खोते हुए चुपचाप नहीं देखना चाहिए। इसके साथ ही फिल्म ‘3 इडियट्स’ के अभिनेता ओमी वैद्य ने भी देशवासियों से वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य पर ध्यान देने की अपील की है।










