NEET Paper Leak Suicide : नीट पेपर लीक ने ली एक और जान, पटना के हॉस्टल में छात्रा ने किया सुसाइड

नीट पेपर लीक और परीक्षा के भारी तनाव के बीच पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ नीट की तैयारी कर रही छात्रा श्रुति ने सुसाइड कर लिया। मरने से पहले उसके आखिरी शब्द और बंद कमरे की कहानी ने कई गहरे राज छुपा रखे हैं।

NEET Paper Leak Suicide

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 2, 2026

NEET Paper Leak Suicide : इस साल हुए नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक मामले ने देश के लाखों होनहार बच्चों का भविष्य पूरी तरह से अंधकार में धकेल दिया है। सालों से दिन-रात एक करके, अपनी सुख-सुविधाओं को त्यागकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों की कड़ी मेहनत पर जब इस धांधली ने एक पल में पानी फेर दिया, तो कई छात्र-छात्राएं पूरी तरह से अपनी उम्मीद हार गए। कई विद्यार्थियों के भीतर अब इतनी मानसिक हिम्मत और हौसला नहीं बचा कि वे दोबारा से री-एग्जाम की तैयारी कर सकें और इस अनिश्चित परीक्षा प्रणाली का हिस्सा बनें।

इसी मानसिक तनाव और गहरे सदमे के चलते देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्रों द्वारा आत्मघाती कदम उठाने की बेहद दर्दनाक खबरें आ रही हैं। अपनी जान गंवाने वाले इन्हीं मासूम और होनहार छात्रों की सूची में अब बिहार के समस्तीपुर की रहने वाली छात्रा श्रुति कुमारी का नाम भी जुड़ गया है, जिसने इस क्रूर व्यवस्था के आगे घुटने टेक दिए।

कमरे में फंदे से लटकती मिली नीट एस्पिरेंट की लाश

नीट परीक्षा की तैयारी कर रही मेधावी छात्रा श्रुति कुमारी ने बिहार की राजधानी पटना के एक हॉस्टल में सुसाइड कर लिया। जिस कमरे की चार दीवारों के बीच वह डॉक्टर बनने का सपना संजोए दिन-रात किताबों के साथ वक्त गुजारती थी, उसी कमरे में श्रुति ने फांसी के फंदे से लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह दिल दहला देने वाली घटना पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सचिवालय कॉलोनी के मकान नंबर 2A/26 की है। यहां स्थित ‘राधे कृष्ण हॉस्टल’ के एक कमरे से आज मंगलवार, 2 जून को श्रुति का बेजान शव बरामद किया गया।

पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतका मूल रूप से समस्तीपुर जिले की निवासी थी और साल 2024 से इसी हॉस्टल में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की कोचिंग कर रही थी। हॉस्टल के अन्य छात्रों के मुताबिक, सोमवार की रात को हमेशा की तरह खाना खाने के बाद श्रुति अपने कमरे में सोने गई थी, लेकिन अगली सुबह उसके कमरे का मंजर बेहद खौफनाक और विचलित करने वाला था।

मम्मी-पापा से बात न होने का था मलाल

मृतका श्रुति कुमारी महज 10 दिन पहले ही अपने पैतृक गांव से छुट्टियां बिताकर वापस पटना लौटी थी। हॉस्टल में रहने वाले उसके करीबी दोस्तों और सहपाठियों ने पुलिस को एक महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से काफी गुमसुम और मानसिक तनाव में रहती थी। श्रुति अक्सर अपने दोस्तों से इस बात का रोना रोती थी कि उसके मम्मी-पापा अब उससे ठीक से बात नहीं करते हैं, जिससे वह भावनात्मक रूप से काफी अकेलापन महसूस कर रही थी।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए और अपनी प्रारंभिक जांच पूरी की। छात्रा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने समस्तीपुर में रह रहे श्रुति के परिजनों को घटना की आधिकारिक सूचना दे दी है और कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव उन्हें सौंप दिया जाएगा।

पेपर लीक के सदमे में आकर खत्म कर ली थी अपनी जिंदगी

श्रुति से पहले भी नीट परीक्षा में हुई इस भारी धांधली और पेपर लीक के काले साए ने एक और मासूम बच्ची की जान ले ली थी। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की रहने वाली आकांक्षा चतुर्वेदी ने भी नीट पेपर लीक से बुरी तरह आहत होकर सुसाइड जैसा आत्मघाती कदम उठाया था। आकांक्षा के रोते-बिलखते माता-पिता का कहना था कि उनकी बेटी पढ़ाई-लिखाई में बेहद होशियार और कुशाग्र बुद्धि की थी।

उसका नीट का एग्जाम भी बहुत शानदार गया था और परीक्षा देकर लौटने के बाद वह अपनी सफलता को लेकर बहुत खुश और आश्वस्त थी। लेकिन, जैसे ही मीडिया में देशव्यापी पेपर लीक की खबरें सुर्खियां बनीं, आकांक्षा गहरे सदमे और डिप्रेशन में चली गई। इस धांधली ने उसे इस कदर तोड़ा कि उसने खाना-पीना तक पूरी तरह छोड़ दिया और परिवार के लोगों से बात करना बंद कर दिया। वह लगातार एक ही चिंता में डूबी रहती थी कि अगर दोबारा एग्जाम हुआ और वह अच्छा नहीं गया, तो उसका क्या होगा?

डॉक्टर बनाने का सपना, सुसाइड नोट में बयां किया दर्द

आकांक्षा एक बेहद साधारण और गरीब किसान परिवार से ताल्लुक रखती थी। उसके पिता ने अपनी तंगहाली के बावजूद अपनी होनहार बेटी को एक कामयाब डॉक्टर बनाने का बड़ा सपना देखा था। इस सपने को पूरा करने और कोचिंग की फीस भरने के लिए उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए बैंक से पूरे 15 लाख रुपये का भारी-भरकम कर्ज लिया था।

नीट परीक्षा की इस महाधांधली और पेपर लीक कांड ने आकांक्षा की उम्मीदों और हौसले को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया था। अपनी मौत को गले लगाने से पहले उसने एक भावुक सुसाइड नोट भी छोड़ा था, जिसमें उसने अपने दिल का भारी बोझ बयां किया था। आकांक्षा ने लिखा था कि उसने अपने माता-पिता की उम्मीदों और उनके सपनों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है और वह कर्ज तथा असफलता के इस भारी मानसिक बोझ को अब और अधिक सहन नहीं कर पा रही है। इस तरह, भ्रष्ट तंत्र की भेंट चढ़कर दो होनहार बेटियों के डॉक्टर बनने का सपना हमेशा के लिए दफन हो गया।

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