Lausanne Diamond League: भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने लुसाने डायमंड लीग में शानदार वापसी करते हुए इस सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन खिताब जीतने से महज 9 सेंटीमीटर दूर रह गए। नीरज ने 88.05 मीटर का थ्रो किया, जबकि श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने 88.14 मीटर के प्रयास के साथ पहला स्थान हासिल कर लिया।
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88 मीटर पार पहुंचकर नीरज ने दिखाया दम
लुसाने में नीरज की शुरुआत 83.54 मीटर के थ्रो से हुई। इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने जबरदस्त सुधार करते हुए 88.05 मीटर का थ्रो किया और कुछ समय के लिए प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए। यह नीरज का 2026 सीजन का सबसे लंबा थ्रो रहा। मुश्किल शुरुआत के बाद 88 मीटर की दूरी पार करना उनके लिए बड़ी सकारात्मक वापसी मानी जा रही है। हालांकि, उनकी खुशी ज्यादा देर नहीं टिक सकी।
पथिरागे ने सिर्फ 9 सेंटीमीटर से पलटा मुकाबला
नीरज के 88.05 मीटर के थ्रो के बाद श्रीलंका के पथिरागे ने तीसरे प्रयास में 88.14 मीटर भाला फेंककर फिर से बढ़त हासिल कर ली। दोनों खिलाड़ियों के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के बीच अंतर सिर्फ 0.09 मीटर यानी 9 सेंटीमीटर रहा। इसके बाद नीरज अपनी दूरी में सुधार नहीं कर सके और उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 86.69 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
इस सीजन में तीसरी बार नीरज से आगे निकले पथिरागे
पथिरागे अब नीरज के सामने लगातार चुनौती पेश कर रहे हैं। लुसाने की जीत के साथ वह 2026 सीजन में तीसरी बार नीरज से आगे रहे हैं। इससे पहले भी दोनों के बीच मुकाबलों में पथिरागे ने बढ़त बनाई थी। इस प्रदर्शन ने पुरुष जैवलिन में एक नई प्रतिद्वंद्विता को जन्म दिया है। कभी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नीरज के सामने सबसे बड़ी चुनौती के तौर पर अरशद नदीम का नाम लिया जाता था, लेकिन अब श्रीलंकाई खिलाड़ी पथिरागे लगातार अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।
नीरज के लिए फिर बढ़ी चुनौती
नीरज के लिए लुसाने का परिणाम पूरी तरह निराशाजनक नहीं है। जीत भले ही हाथ नहीं लगी, लेकिन 88.05 मीटर का थ्रो बताता है कि वह अपनी पुरानी लय की ओर लौट रहे हैं। 2026 में इससे पहले उनके प्रदर्शन में 86 मीटर की सीमा पार करने में भी परेशानी दिखी थी। अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी निरंतरता बनाए रखने और पथिरागे जैसे उभरते प्रतिद्वंद्वियों से आगे निकलने की होगी।
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पथिरागे बन रहे हैं जैवलिन के नए सितारे
महज 23 साल के पथिरागे ने इस सीजन में जिस तरह प्रदर्शन किया है, उसने उन्हें विश्व जैवलिन के प्रमुख नामों में ला खड़ा किया है। लुसाने में 88.14 मीटर का थ्रो करके उन्होंने न केवल खिताब जीता, बल्कि नीरज को बेहद करीबी मुकाबले में पीछे छोड़ा। हालांकि, नीरज का 88.05 मीटर प्रदर्शन भारतीय फैंस के लिए उम्मीद बढ़ाने वाला है। अब आने वाली प्रतियोगिताओं में देखना होगा कि नीरज इस नई चुनौती का जवाब कैसे देते हैं और क्या दोबारा जीत की राह पर लौट पाते हैं।










