UP Crime Rate Drops: केरल-बंगाल से बहुत आगे निकला उत्तर प्रदेश, अपराधियों को सजा दिलाने में बना देश का मानक

NCRB 2024 की रिपोर्ट ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को देश के लिए मानक बताया है। यूपी की अपराध दर 180.2 है, जो राष्ट्रीय औसत 252.3 से काफी कम है। अपराधियों को सजा दिलाने (76.6% कनविक्शन रेट) में यूपी देश का शीर्ष राज्य बनकर उभरा है, जबकि हत्या और अपहरण जैसे मामलों में राज्य की रैंकिंग में भारी सुधार हुआ है।

UP Crime Rate Drops

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 8, 2026

UP Crime Rate Drops: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी वर्ष 2024 की वार्षिक रिपोर्ट ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था के सुधरते हालातों पर मुहर लगा दी है। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के अनुसार, ये आंकड़े सांख्यिकीय रूप से सिद्ध करते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति धरातल पर सफल रही है। जहाँ राष्ट्रीय अपराध दर 252.3 है, वहीं उत्तर प्रदेश की अपराध दर मात्र 180.2 दर्ज की गई है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अपराध दर का विश्लेषण

बताते चले कि, पुलिस महानिदेशक ने स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य में सुरक्षा की स्थिति को मापने का एकमात्र वैज्ञानिक आधार ‘क्राइम रेट’ है। प्रति एक लाख की आबादी पर दर्ज होने वाले मामलों को ही अपराध दर कहा जाता है। उत्तर प्रदेश, जो देश की 17% जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करता है, कुल अपराधों के मामले में देश में 18वें स्थान पर है। यह डेटा दर्शाता है कि जनसंख्या के दबाव के बावजूद यूपी ने अपराधों को नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त की है।

कानून-व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण हेतु बुनियादी ढांचा

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, बीते 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। डीजीपी के अनुसार, हर थाने में समर्पित महिला हेल्प डेस्क, आधुनिक पुलिस स्टेशन, सतर्क एंटी-रोमियो स्क्वॉड और फास्ट-ट्रैक कोर्ट की स्थापना ने न्याय प्रक्रिया को तेज किया है। पारदर्शी पुलिसिंग का ही परिणाम है कि आज कोई भी नागरिक बिना किसी भय के थाने जाकर शिकायत दर्ज करा सकता है। सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर भी त्वरित एफआईआर दर्ज की जा रही है।

विभिन्न आपराधिक श्रेणियों में यूपी की रैंकिंग

एनसीआरबी 2024 के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश कई गंभीर अपराधों में अन्य राज्यों की तुलना में काफी नीचे है:

  • हत्या: देश में 29वां स्थान।
  • फिरौती हेतु अपहरण: पूरे देश में सबसे नीचे (36वां स्थान)।
  • डकैती: सबसे निचले पायदान (36वां स्थान) पर।
  • दुष्कर्म: देश में 24वां स्थान।
  • महिलाओं के विरुद्ध अपराध: देश में 17वां स्थान।

ये आंकड़े दक्षिण भारतीय राज्यों और पंजाब/पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों की तुलना में यूपी की बेहतर स्थिति को प्रमाणित करते हैं।

अपराधियों को सजा दिलाने में यूपी बना रोल मॉडल

उत्तर प्रदेश ने अपराधियों को कानून के कटघरे में सजा दिलाने (Conviction Rate) में देश के सामने एक मानक स्थापित किया है। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में यूपी की दोषसिद्धि दर 76.6% है, जो देश में सर्वाधिक है। इसकी तुलना में पश्चिम बंगाल (1.6%), कर्नाटक (4.8%) और केरल (17.0%) जैसे राज्यों की स्थिति काफी चिंताजनक है। यूपी में अपराधियों के बचने की संभावना न्यूनतम है, जो कानून के इकबाल को बुलंद करता है।

जेल प्रबंधन और सुधारात्मक वातावरण

रिपोर्ट के अनुसार, यूपी की जेलों में अनुशासन और प्रबंधन अन्य राज्यों से कहीं बेहतर है। यूपी की महिला जेलों में ‘अधिभोग दर’ (Occupancy Rate) केवल 36.7% है, जबकि केंद्रीय जेलों की दर 74.3% है। यह पंजाब (118.4%) और केरल (149.9%) की तुलना में बहुत बेहतर है, जहाँ जेलें अपनी क्षमता से अधिक भरी हुई हैं। यूपी का यह संतुलित प्रबंधन कैदियों को एक सुधारात्मक और व्यवस्थित वातावरण प्रदान करता है।