Navneet Rana On Uddhav Thackeray: ‘जनाब’ संबोधन और हनुमान चालीसा, उद्धव ठाकरे पर नवनीत राणा का अब तक का सबसे तीखा हमला!

बीजेपी नेता नवनीत राणा ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए उन्हें 'जनाब' कहकर संबोधित किया और उन पर हिंदुत्व की विचारधारा से भटकने का आरोप लगाया। राणा ने राम मंदिर और हनुमान चालीसा विवाद को लेकर उद्धव को घेरा और उन्हें अमरावती के हनुमानगढ़ी में साथ बैठकर हनुमान चालीसा पाठ करने का न्योता दिया।

Navneet Rana On Uddhav Thackeray

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 17, 2026

Navneet Rana On Uddhav Thackeray: बीजेपी नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर हमला बोलते हुए कई तीखे सवाल उठाए हैं। राम मंदिर, हनुमान चालीसा और बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा जैसे मुद्दों पर घेरते हुए नवनीत राणा ने उद्धव ठाकरे को ‘जनाब’ संबोधित किया। नवनीत राणा ने पूछा कि जब अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा हुई, तब उद्धव ठाकरे वहां क्यों नहीं पहुँचे? उन्होंने आरोप लगाया कि आज जो उद्धव ठाकरे खुद को राम रक्षा का हिमायती बता रहे हैं, वे असल में केवल अपने राजनीतिक दल को बचाने के लिए यह दिखावा कर रहे हैं।

हनुमान चालीसा विवाद और जेल का पुराना जख्म

अपने पुराने हनुमान चालीसा आंदोलन की याद दिलाते हुए नवनीत राणा ने कहा कि जब उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे, तब उन्हें और उनके समर्थकों को हनुमान चालीसा पढ़ने के कारण 14 दिनों तक जेल में डाल दिया गया था। उन पर देशद्रोह और राजद्रोह जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। नवनीत राणा ने तंज कसते हुए कहा कि आज जब उद्धव का पूरा कुनबा, विधायक और सांसद उन्हें छोड़कर चले गए हैं, तब उन्हें राम और हनुमान याद आ रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि उद्धव ठाकरे अब राम की रक्षा नहीं, बल्कि अपने अस्तित्व और अपनी पार्टी को बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं।

बालासाहेब की विचारधारा से भटकने का आरोप

नवनीत राणा ने उद्धव ठाकरे पर आरोप लगाया कि वे बालासाहेब ठाकरे की मूल हिंदुत्व विचारधारा से पूरी तरह दूर हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि उद्धव ठाकरे सत्ता में रहते हुए बालासाहेब के विचारों के प्रति अडिग रहते, तो आज न तो उनका परिवार टूटता और न ही शिवसेना जैसी पार्टी का यह हश्र होता। नवनीत राणा ने कहा कि उद्धव की इस दुर्दशा के लिए उनका अहंकार जिम्मेदार है। उन्होंने दावा किया कि जब घर के लोग ही उन पर भरोसा नहीं जता पा रहे, तो यह स्पष्ट है कि वे अब बालासाहेब के दिखाए रास्ते पर नहीं चल रहे हैं। उनके नाम के साथ ‘जनाब’ का संबोधन हटने में अब शायद अगला जन्म लग जाए।

अमरावती में हनुमान चालीसा पाठ का निमंत्रण

राजनीतिक मतभेदों के बावजूद नवनीत राणा ने उद्धव ठाकरे को अमरावती आने का खुला निमंत्रण दिया है। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे अमरावती के हनुमानगढ़ी आएं, जहाँ उनका आदर-सत्कार किया जाएगा। नवनीत राणा ने चुनौती और निमंत्रण के स्वर में कहा कि उद्धव वहां उनके साथ बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें। उन्होंने कहा कि अहंकार का इलाज बहुत प्रेम से किया जा सकता है और यदि वे अमरावती आते हैं, तो वे खुद उनके स्वागत के लिए मौजूद रहेंगी। राणा ने दोहराया कि जब उद्धव सीएम थे, तब उन्हें सत्ता का अहंकार था, लेकिन अब सत्ता जाने के बाद ही उन्हें ईश्वर और भक्ति की याद आई है।