राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य: घड़ियालों की सुरक्षा में जुटी मध्य प्रदेश सरकार

भोपाल राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में गंभीर रूप से संकटग्रस्त घड़ियालों के घोंसलों की सुरक्षा और उनकी संख्या बढ़ाने के लिए राज्य सरकार चंबल नदी का विशेष सर्वेक्षण शुरू करने जा रही है। चंबल नदी में 2,462 घड़ियाल हैं और कई दुर्लभ प्रजातियों के कछुए भी पाए जाते हैं। घड़ियालों के घोंसलों को संरक्षित करने के लिए वन विभाग फरवरी से चंबल नदी में सर्वे शुरु कराएगा। नदी की बाढ़ के कारण केवल तीन प्रतिशत बच्चे जीवित बच पाते हैं, जिसे देखते हुए यह सर्वे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।   घड़ियाल भी अंडे देने के लिए घोंसला बनाते हैं

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Published On :

फ़रवरी 2, 2026

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भोपाल
राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में गंभीर रूप से संकटग्रस्त घड़ियालों के घोंसलों की सुरक्षा और उनकी संख्या बढ़ाने के लिए राज्य सरकार चंबल नदी का विशेष सर्वेक्षण शुरू करने जा रही है। चंबल नदी में 2,462 घड़ियाल हैं और कई दुर्लभ प्रजातियों के कछुए भी पाए जाते हैं।

घड़ियालों के घोंसलों को संरक्षित करने के लिए वन विभाग फरवरी से चंबल नदी में सर्वे शुरु कराएगा। नदी की बाढ़ के कारण केवल तीन प्रतिशत बच्चे जीवित बच पाते हैं, जिसे देखते हुए यह सर्वे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
 
घड़ियाल भी अंडे देने के लिए घोंसला बनाते हैं
बता दें कि घड़ियाल भी अंडे देने के लिए घोंसला बनाते हैं। इसके लिए वह नदी के किनारे रेत में गहरा गड्डा खोदते हैं। खनन और अन्य मानवीय गतिविधियों से घड़ियालों के घोंसलों को हमेशा खतरा बना रहता है। नदी में बाढ़ आने पर भी घोंसले नष्ट हो जाते हैं। इनकी रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हुए वन विभाग सर्वेक्षण का कार्य करेगा।

चंबल में व्यापक शोध और निगरानी कार्य हो रहा है
इसमें घड़ियालों की नए सिरे से गणना के साथ उनके घोंसलों को चिह्नित कर उनकी रक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए नमामि गंगे परियोजना के तहत चंबल में व्यापक शोध और निगरानी कार्य हो रहा है।

चंबल नदी में डॉल्फिन भी हैं। इनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक सुभरंजन सेन ने बताया कि नमामि गंगे परियोजना के तहत चंबल में व्यापक शोध और निगरानी कार्य जारी है।

त्रिराज्यीय निगम बनाने का भी प्रयास
त्रिराज्यीय निगम बनाने का भी प्रयास है ताकि पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर घड़ियालों का संरक्षण किया जा सके। घड़ियालों की नेस्टिंग साइट को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। चंबल नदी के तटीय इलाकों में सर्वेक्षण कर घड़ियालों के घोंसलों को चिह्नित किया जाएगा, ताकि उन्हें संरक्षित किया जा सके।
 
चंबल नदी दुनिया के 80 % से अधिक घड़ियालों का घर
घड़ियालों के बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रतिवर्ष लगभग 200 अंडे एकत्र कर देवरी पुनर्वास केंद्र में लाए जाते हैं, जहां उन्हें तीन साल तक सुरक्षित पालने के बाद नदी में छोड़ दिया जाता है। चंबल नदी दुनिया के 80 प्रतिशत से अधिक वयस्क घड़ियालों का घर है। सरकार ने घड़ियालों की घटती संख्या को देखते हुए 10 नए घड़ियाल भी हाल ही में छोड़े हैं और नई घड़ियाल संरक्षण परियोजना शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

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