Ashok Kharat Case: अशोक खरात कांड में बड़ा खुलासा, रडार पर आईं दो महिला पुलिस अधिकारी

Nashik Ashok Kharat SIT Probe: नासिक के स्वयंभू बाबा अशोक खरात मामले में एसआईटी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, दो महिला पुलिस अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका सामने आई है, जो कथित तौर पर खरात के संपर्क में थीं। क्या इन अफसरों ने बाबा को बचाने में मदद की?

Ashok Kharat Case

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 7, 2026

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Ashok Kharat Case:  महाराष्ट्र के नासिक का बहुचर्चित अशोक खरात मामला अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जिसने राज्य के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। विशेष जांच दल (SIT) की तफ्तीश में हर दिन नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। इस मामले में पहले एक आईएएस (IAS) अधिकारी का नाम उछलने के बाद, अब दो वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि ये दोनों अधिकारी सीधे तौर पर मुख्य आरोपी अशोक खरात के संपर्क में थीं, जिससे जांच का दायरा अब और भी विस्तृत हो गया है।

पसंदीदा पोस्टिंग और वित्तीय लेनदेन का संदेह

एसआईटी के रडार पर आईं इन महिला अधिकारियों में से एक पुलिस उपायुक्त (DCP) और दूसरी सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) रैंक की बताई जा रही हैं। जांच एजेंसियां अब इस मुख्य बिंदु पर काम कर रही हैं कि क्या इन अधिकारियों ने अपनी मनचाही जगह पर पोस्टिंग पाने के लिए खरात के प्रभाव का इस्तेमाल किया था। इसके अलावा, पुलिस इस संभावना को भी खारिज नहीं कर रही है कि खरात और इन महिला अधिकारियों के बीच भारी वित्तीय लेनदेन हुआ हो सकता है। यदि इसके पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो इन अधिकारियों की मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं।

यौन शोषण की ‘तरकीब‘ को ‘विज्ञान‘ कहता था खरात

पूछताछ के दौरान अशोक खरात ने महिलाओं के यौन शोषण की बात स्वीकार की है, लेकिन उसके बयान बेहद हैरान करने वाले हैं। उसने बताया कि वह महिलाओं को अपने जाल में फंसाने के लिए जिन हथकंडों का इस्तेमाल करता था, उसे वह ‘विज्ञान’ का नाम देता था। उसने स्पष्ट किया है कि वह किसी चमत्कार, जादू-टोना या वशीकरण के बजाय मनोवैज्ञानिक दबाव और धमकियों का सहारा लेकर महिलाओं का शोषण करता था। एसआईटी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके इस ‘काले साम्राज्य’ के संचालन में क्या इन महिला अधिकारियों ने उसे किसी भी तरह की सुरक्षा या प्रशासनिक मदद मुहैया कराई थी।

परिवार से पूछताछ और पुलिस हिरासत का अंतिम दिन

अशोक खरात की पुलिस हिरासत का आज आखिरी दिन है, जिसके कारण जांच टीम की सक्रियता बढ़ गई है। खरात का बेटा हर्षवर्धन और उसकी बेटी भी अब एसआईटी के संपर्क में हैं। आज इन दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि परिवार की संलिप्तता या उनके बैंक खातों में हुए संदिग्ध लेनदेन की जानकारी जुटाई जा सके। कल खरात को पुनः न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उसकी हिरासत बढ़ाने की मांग कर सकती है क्योंकि अभी कई कड़ियों को जोड़ना बाकी है।

50 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो और अवैध संपत्ति का अंबार

एसआईटी की जांच में अब तक जो डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। खरात के ठिकानों से 50 से अधिक ऐसे आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए हैं, जिनका इस्तेमाल वह ब्लैकमेलिंग के लिए करता था। इसके अलावा, जांच में बड़े पैमाने पर अवैध संपत्ति के दस्तावेज और वित्तीय हेराफेरी के सबूत भी हाथ लगे हैं। पुलिस का मानना है कि यह केवल यौन शोषण का व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि यह एक संगठित आर्थिक अपराध है, जिसमें रसूखदार लोगों का एक बड़ा नेटवर्क शामिल हो सकता है।

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