Narges Mohammadi: नोबेल विजेता नरगिस मोहम्मदी को ईरान में साढ़े सात साल की अतिरिक्त जेल की सजा, अब तक कुल 44 साल का आदेश

ईरान ने जेल में बंद नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को साढ़े सात साल की और सजा सुनाकर दुनिया को चौंका दिया है। अब उनके खिलाफ कुल सजा का आंकड़ा 44 साल पहुंच गया है। भूख हड़ताल के बीच आए इस फैसले ने ईरानी शासन के दमनकारी चेहरे को फिर उजागर किया है।

Narges Mohammadi

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 9, 2026

Narges Mohammadi:  ईरान में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाली नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी के खिलाफ तेहरान की सरकार ने एक बार फिर दमनकारी रुख अपनाया है। मशहद की एक क्रांतिकारी अदालत ने उन्हें ‘साजिश’ और ‘प्रोपेगेंडा’ फैलाने के आरोपों में साढ़े सात साल की अतिरिक्त जेल की सजा सुनाई है। यह फैसला ऐसे संवेदनशील समय में आया है जब नरगिस पहले से ही जेल के भीतर अपनी मांगों को लेकर 2 फरवरी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस सजा को ईरान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलने का एक और प्रयास बताया है।

अदालत का फैसला और प्रतिबंध: वकीलों ने दी विस्तृत जानकारी

नरगिस मोहम्मदी के वकील मुस्तफा निली के अनुसार, अदालत ने उन्हें ‘साजिश और मिलीभगत’ के आरोप में छह साल और शासन के खिलाफ ‘प्रोपेगेंडा’ फैलाने के लिए डेढ़ साल की सजा दी है। इस प्रकार उनकी कुल नई सजा अब 7 वर्ष और 6 माह हो गई है। सजा के साथ ही अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि जेल से रिहा होने के बाद नरगिस पर दो साल का कड़ा यात्रा प्रतिबंध रहेगा। यह कदम स्पष्ट रूप से उनके वैश्विक मानवाधिकार अभियानों और अंतरराष्ट्रीय संवाद को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।

भूख हड़ताल और गिरफ्तारी का घटनाक्रम: संघर्ष जारी है

नरगिस मोहम्मदी के समर्थकों ने पुष्टि की है कि जेल प्रशासन के अमानवीय व्यवहार के विरोध में उनकी भूख हड़ताल जारी है, जिससे उनका स्वास्थ्य गंभीर रूप से बिगड़ सकता है। उन्हें पिछले साल दिसंबर में मशहद में एक समारोह के दौरान गिरफ्तार किया गया था। यह कार्यक्रम मानवाधिकार कार्यकर्ता खोसरो अलीकोर्दी के सम्मान में आयोजित किया गया था। ईरान सरकार हालिया राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद नागरिक अधिकारों पर लगातार कड़े प्रतिबंध लगा रही है ताकि जेल में बंद कार्यकर्ताओं का मनोबल पूरी तरह तोड़ा जा सके।

भू-राजनीतिक तनाव और परमाणु कार्यक्रम का साया

नरगिस के खिलाफ यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब ईरान का परमाणु कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय संबंध एक नाजुक मोड़ पर हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख और परमाणु ठिकानों पर संभावित सैन्य कार्रवाई की चेतावनियों के बीच ईरान अपनी आंतरिक सुरक्षा और ‘असहमति’ को लेकर अधिक आक्रामक हो गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया है कि उनका देश यूरेनियम संवर्धन के मुद्दे पर किसी भी विदेशी दबाव में नहीं झुकेगा।

क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का असर

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की आगामी वॉशिंगटन यात्रा और ईरान के परमाणु मुद्दे पर बढ़ती चर्चाओं ने मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ा दिया है। तेहरान के राजनयिकों का तर्क है कि देश की असली ताकत वैश्विक शक्तियों को ‘ना’ कहने में है। अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा ईरान पर बढ़ाए गए दबाव का खामियाजा अक्सर नरगिस जैसे मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को उठाना पड़ता है, जिन्हें सरकार ‘विदेशी एजेंट’ या ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा’ बताकर जेलों में डाल देती है।