Namo Drone Didi Yojana: महिला किसानों के लिए बड़ी सौगात, ड्रोन दीदी योजना से मिलेगा रोजगार

नमो ड्रोन दीदी योजना ग्रामीण महिलाओं और महिला किसानों के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आई है, जिससे उन्हें ड्रोन तकनीक के जरिए रोजगार और आत्मनिर्भरता मिल रही है। सरकार की इस पहल से खेती के तरीके बदल रहे हैं और महिलाओं की आर्थिक स्थिति में तेजी से सुधार देखने को मिल रहा है।

महिला किसानों के लिए बड़ी सौगात

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जून 8, 2026

Namo Drone Didi Yojana: केंद्र सरकार देश की कृषि व्यवस्था को आधुनिक और डिजिटल बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में ‘नमो ड्रोन दीदी योजना’ की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को सशक्त बनाना है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ खेती के पारंपरिक तरीकों में बड़ा बदलाव ला रही है। इस योजना के जरिए ग्रामीण महिलाओं को कृषि कार्यों में आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा रहा है, जिससे वे नई तकनीक के साथ रोजगार के अवसर भी प्राप्त कर सकें।

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महिलाओं को मिल रही ड्रोन संचालन की विशेष ट्रेनिंग

इस योजना के तहत चयनित महिलाओं को ड्रोन चलाने और उसके उपयोग की पूरी पेशेवर ट्रेनिंग दी जाती है। उन्हें खेतों में कीटनाशक और उर्वरक छिड़काव के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग सिखाया जाता है। लगभग 15 दिनों के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद महिलाओं को एक प्रमाणित ड्रोन पायलट का सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है, जिससे वे आधिकारिक रूप से ड्रोन संचालन कर सकती हैं और कृषि सेवाएं दे सकती हैं।

सरकार की ओर से भारी सब्सिडी की सुविधा

इस योजना की एक बड़ी खासियत यह है कि महिलाओं या उनके समूहों को ड्रोन खरीदने के लिए पूरा खर्च खुद नहीं उठाना पड़ता। सरकार द्वारा ड्रोन और संबंधित उपकरणों पर लगभग 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा करीब 8 लाख रुपये तय की गई है। शेष राशि के लिए बैंक द्वारा आसान ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, जिससे महिलाओं पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता और वे आसानी से इस योजना का लाभ उठा सकती हैं।

खेती में ड्रोन तकनीक के फायदे

ड्रोन तकनीक के उपयोग से कृषि कार्य अधिक तेज, सुरक्षित और सटीक हो गए हैं। पहले जिन कामों में घंटों लगते थे, जैसे खेतों में दवा या खाद का छिड़काव, अब वही काम कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाता है। इस तकनीक से न केवल समय और मेहनत की बचत होती है, बल्कि पानी और रसायनों का भी सही उपयोग होता है, जिससे खेती अधिक प्रभावी और लाभकारी बनती है।

ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद महिलाएं अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन सेवा प्रदान कर सकती हैं। वे किसानों के खेतों में किराए पर ड्रोन चलाकर अच्छी आय अर्जित कर सकती हैं। अनुमान के अनुसार, ड्रोन दीदियां हर महीने लगभग 15,000 से 25,000 रुपये तक की अतिरिक्त आय कमा सकती हैं। इससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।

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महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

‘नमो ड्रोन दीदी योजना’ ग्रामीण महिलाओं को तकनीक से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह पहल महिलाओं को रोजगार, सम्मान और आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान करती है। साथ ही, यह योजना कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग को भी बढ़ावा देती है।